
नोएडा। दिल्ली-एनसीआर के लाखों वाहन चालकों को अब जल्द ही जाम से मुक्ति मिलने वाली है क्योंकि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के करीब नौ किलोमीटर लंबे खंड को शुक्रवार शाम आम जनता के लिए खोल दिया गया। ये खंड डीएनडी महारानी बाग से लेकर जैतपुर पुश्ता रोड तक फैला हुआ है। फिलहाल इसे तीस दिन की परीक्षण अवधि यानी ट्रायल रन के तौर पर खोला गया है। इस कदम से दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद के बीच रोजाना सफर करने वाले हजारों यात्रियों को बड़ी सहूलियत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
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एलिवेटेड कॉरिडोर से मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी एनएचएआई के अधिकारियों के अनुसार, यह पूरा खंड मुख्य रूप से ऊंचा यानी एलिवेटेड बनाया गया है, ताकि नीचे की सड़कों पर पहले से मौजूद यातायात प्रभावित न हो।

इस हिस्से के चालू होने से डीएनडी फ्लाईओवर से सीधे जैतपुर तक पहुंचना अब संभव हो गया है। सबसे खास बात यह है कि, यह नया खंड वहां से आगे पहले से चालू फरीदाबाद-सोहना सेक्शन से जुड़ जाता है, जिससे एक निर्बाध यानी सीमलेस कॉरिडोर तैयार हो गया है। यानी अब दिल्ली से सीधे जुड़ी सड़क फरीदाबाद और सोहना होते हुए आगे तक जाती है, जहां पहले लोगों को कई जगह रुककर या घूमकर जाना पड़ता था।
घंटों की जाम से मिलेगा छुटकारा
इस नए खंड का सबसे बड़ा फायदा पूर्वी दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा से रोजाना सफर करने वाले लोगों को मिलेगा। अब ये यात्री डीएनडी से सीधे एक्सप्रेसवे पर चढ़कर आसानी से फरीदाबाद, सोहना और वहां से आगे जयपुर की दिशा में बढ़ सकेंगे। अभी तक इस रास्ते पर जाने के लिए लोगों को आश्रम चौक, कालिंदी कुंज, सराय काले खां जैसे व्यस्त इलाकों से होकर गुजरना पड़ता था।
सरिता विहार, मोहन एस्टेट और मथुरा रोड जैसे इलाकों में हर रोज सुबह-शाम भीषण जाम लगता है, जिसमें फंसकर यात्रियों के घंटों बर्बाद हो जाते थे। नए एलिवेटेड खंड के खुलने से अब इन सभी जाम-प्रभावित इलाकों से बचा जा सकेगा, जिससे न केवल समय की बचत होगी बल्कि ईंधन की खपत और वाहनों के प्रदूषण में भी कमी आने की संभावना है।
निगरानी के बाद होगा उद्घाटन
एनएचएआई के परियोजना निदेशक धीरज सिंह ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि, एलिवेटेड हिस्से को फिलहाल तीस दिन की परीक्षण अवधि के लिए खोला गया है। इस दौरान सड़क की तकनीकी स्थिति, ट्रैफिक फ्लो, साइनेज और सुरक्षा इंतजामों का बारीकी से आकलन किया जाएगा, ताकि कोई भी खामी सामने आने पर उसे समय रहते ठीक किया जा सके। ट्रायल अवधि पूरी होने के बाद इस खंड का औपचारिक उद्घाटन प्रधानमंत्री द्वारा किया जाना प्रस्तावित है। हालांकि इसकी सटीक तारीख की घोषणा अभी नहीं की गई है और उसे जल्द सार्वजनिक किए जाने की उम्मीद है।
यह भी बताया गया कि, यह नौ किलोमीटर लंबा खंड डीएनडी-फरीदाबाद-केएमपी कॉरिडोर का अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह पूरा कॉरिडोर कुल मिलाकर करीब उनसठ किलोमीटर लंबा है। इस आखिरी कड़ी के जुड़ने से पूरा नेटवर्क एक साथ आपस में जुड़ जाएगा।
भारतमाला परियोजना का हिस्सा
गौरतलब है कि, यह एक्सप्रेसवे केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी भारतमाला परियोजना के अंतर्गत बनाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य देशभर में सड़क अवसंरचना को आधुनिक बनाना और शहरों के बीच की दूरी को कम करना है। इस कॉरिडोर के दो हिस्से पहले से ही यातायात के लिए खुले हुए हैं।
जैतपुर से फरीदाबाद के सेक्टर पैंसठ तक का 24 किलोमीटर लंबा खंड और सेक्टर पैंसठ से सोहना तक का 25 किलोमीटर लंबा खंड, दोनों पहले से चालू हैं और वाहन चालक इनका इस्तेमाल कर रहे हैं। अब इसमें नौ किलोमीटर के इस नए हिस्से के जुड़ जाने से दिल्ली से लेकर सोहना तक का पूरा सफर बिना किसी बड़े व्यवधान के तय किया जा सकेगा।
दिल्ली से फरीदाबाद सिर्फ 15 मिनट में
अधिकारियों का दावा है कि, जब यह पूरा मार्ग पूरी तरह से चालू हो जाएगा, तो दिल्ली से फरीदाबाद तक का सफर महज पंद्रह से बीस मिनट में पूरा किया जा सकेगा। यह उस दूरी की तुलना में बेहद कम समय है, जो अभी सामान्य ट्रैफिक की स्थिति में यात्रियों को तय करने में लगता है, खासकर व्यस्त समय के दौरान जब यह सफर एक घंटे से भी अधिक समय ले लेता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि, इस तरह की तेज और सुगम कनेक्टिविटी से न सिर्फ आम यात्रियों को फायदा होगा, बल्कि व्यावसायिक वाहनों और मालवाहक ट्रकों की आवाजाही भी अधिक सुचारू रूप से हो सकेगी, जिसका सीधा असर व्यापार और आर्थिक गतिविधियों पर भी पड़ेगा।
NCR की कनेक्टिविटी होगी मजबूत
यह एक्सप्रेसवे सिर्फ दिल्ली और फरीदाबाद के बीच की दूरी को कम करने भर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका दायरा कहीं व्यापक है। इससे पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र यानी एनसीआर की आपसी कनेक्टिविटी को काफी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

इसके अलावा, आने वाले समय में बल्लभगढ़ से जेवर एयरपोर्ट तक भी एक सीधा संपर्क मार्ग तैयार किया जा रहा है, जिससे एनसीआर के विभिन्न हिस्सों से नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक पहुंचना भी अपेक्षाकृत आसान हो जाएगा। इस तरह यह पूरी परियोजना दिल्ली-मुंबई कॉरिडोर के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर भी यातायात व्यवस्था को नया आयाम देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
यात्रियों से नियमों के पालन की अपील
चूंकि यह खंड फिलहाल परीक्षण के दौर से गुजर रहा है, इसलिए एनएचएआई ने वाहन चालकों और यात्रियों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि, ट्रायल अवधि के दौरान यात्री यातायात नियमों का सख्ती से पालन करें, तय गति सीमा के भीतर वाहन चलाएं और सुरक्षित ड्राइविंग को प्राथमिकता दें। नई सड़क होने के कारण कुछ स्थानों पर साइनेज और मार्किंग को लेकर बदलाव भी किए जा सकते हैं।
ऐसे में वाहन चालकों को सतर्क रहने और अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। एनएचएआई का कहना है कि इस अवधि के दौरान मिलने वाले फीडबैक और अनुभव के आधार पर जरूरत पड़ने पर सुधारात्मक कदम भी उठाए जाएंगे, ताकि औपचारिक उद्घाटन से पहले सड़क को पूरी तरह सुरक्षित और सुगम बनाया जा सके।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के इस नए खंड का खुलना एनसीआर के लाखों यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है, और आने वाले दिनों में इसके पूर्ण रूप से चालू होने पर क्षेत्र की यातायात व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है।
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