
नई दिल्ली। लंबे समय से चली आ रही अटकलों पर विराम लगाते हुए भाजपा के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपनी नई कार्यकारिणी टीम की घोषणा कर दी है। पार्टी की इस नई टीम में जहां कई पुराने और अनुभवी नेताओं को अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। वहीं कुछ नए चेहरों को भी जगह देकर पार्टी ने युवा और अनुभव के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है। इस पूरी कवायद में वरिष्ठ नेता वसुंधरा राजे सिंधिया और स्मृति ईरानी को बड़ी जिम्मेदारियां दी गई हैं, जिसने राजनीतिक गलियारों में खासी चर्चा छेड़ दी है।
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स्मृति ईरानी बनीं राष्ट्रीय महामंत्री
पार्टी की घोषणा के मुताबिक, पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वे पिछले लोकसभा चुनाव में अमेठी सीट से हार का सामना करने के बावजूद संगठन में सक्रिय भूमिका निभाती रही हैं। अब उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा दायित्व मिला है। वहीं दूसरी ओर, राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया को पार्टी ने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया है। वसुंधरा राजे संगठन और सरकार दोनों में अपने लंबे अनुभव के लिए जानी जाती हैं। उनकी इस नियुक्ति को राजस्थान की राजनीति में पार्टी की रणनीति से भी जोड़कर देखा जा रहा है।

कुल मिलाकर नई टीम में पैंसठ नेताओं को जगह दी गई है, जिसमें तेरह राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, आठ राष्ट्रीय महामंत्री और सोलह राष्ट्रीय मंत्री बनाए गए हैं। खास बात यह है कि इस पूरी सूची में महिलाओं की भागीदारी को भी अच्छा-खासा प्रतिनिधित्व मिला है, कुल पैंसठ नेताओं में तेरह महिला नेता शामिल हैं। यह पार्टी की उस रणनीति को दर्शाता है, जिसके तहत संगठन में महिलाओं की भूमिका को और मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश को खास प्रतिनिधित्व
आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर उत्तर प्रदेश से जुड़े नेताओं को भी नई टीम में अच्छी खासी जगह दी गई है। कुल आठ नेता उत्तर प्रदेश से नई टीम में शामिल किए गए हैं।
गौरतलब है कि, अगले साल उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में पार्टी ने राज्य की राजनीतिक अहमियत को ध्यान में रखते हुए वहां से पर्याप्त प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया है।
इसके साथ ही एक और बड़ा फैसला यह लिया गया कि, पार्टी ने अपने आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय को टीम से हटा दिया है। उनकी जगह अब दीपक म्हस्के को सोशल मीडिया संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अमित मालवीय की विदाई को लेकर राजनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं, हालांकि पार्टी की ओर से इस बदलाव को लेकर कोई विशेष स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है।
किन-किन नेताओं को मिला उपाध्यक्ष पद
पार्टी द्वारा घोषित तेरह राष्ट्रीय उपाध्यक्षों में वसुंधरा राजे सिंधिया के अलावा तीरथ सिंह रावत, राम माधव, बैजयंत जय पांडा, डी. पुरंदेश्वरी, रेखा दर्मा, वर्षाबेन नरेंद्रभाई दोशी, भारती प्रवीण पवार, मनप्रीत सिंह बादल, लाल सिंह आर्य, प्रो. एम. नागराज, प्रो. तारिक मंसूर और डॉ. मधुचंद्र कर के नाम शामिल हैं। इस सूची में विभिन्न राज्यों और सामाजिक वर्गों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की कोशिश साफ नजर आती है।
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री @NitinNabin द्वारा निम्नलिखित सदस्यों को भाजपा के राष्ट्रीय पदाधिकारी एवं अन्य दायित्वों पर नियुक्त किया जा रहा है। (1/2) pic.twitter.com/tcTJsJG0dc
— BJP (@BJP4India) August 17, 2026
संगठन महामंत्री की जिम्मेदारी एक बार फिर बीएल संतोष को सौंपी गई है, जो पहले भी इस पद पर रहते हुए संगठनात्मक कामकाज संभाल चुके हैं। वहीं शिवप्रकाश और सौदान सिंह को राष्ट्रीय सह महामंत्री (संगठन) की जिम्मेदारी दी गई है।
राष्ट्रीय महामंत्रियों की सूची में कई बड़े नाम
नई टीम में राष्ट्रीय महामंत्री के तौर पर स्मृति ईरानी के साथ-साथ विनोद तावड़े, सुनील बंसल, बिप्लब कुमार देब, सतीश पूनिया, गजेंद्र पटेल, हरीश द्विवेदी और संजय भाटिया को भी शामिल किया गया है। यह सभी नेता संगठन में पहले भी अलग-अलग जिम्मेदारियां निभा चुके हैं और इनके अनुभव का लाभ पार्टी आगामी चुनावों में उठाना चाहती है।
राष्ट्रीय मंत्री पद पर सोलह नेताओं को मिली जगह
पार्टी ने राष्ट्रीय मंत्री पद के लिए भी एक विस्तृत सूची जारी की है, जिसमें कविता पाटीदार, के. सुरेंद्रन, भोला सिंह, डॉ. प्रदीप वर्मा, जगदीश ईश्वरभाई पटेल, डॉ. संदीप पाठक, फांग्नोन कोन्यक, संगीता यादव, अनिल एंटनी, डॉ. एम. वेंकटेशन, मनोज टिग्गा, सिद्धार्थ शंभु, डॉ. स्वदेश सिंह, मृगांका देव बर्मन, रोहन गुप्ता और जय प्रकाश के नाम शामिल हैं। इस सूची में भी विभिन्न राज्यों और समुदायों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की गई है।
वित्त और मीडिया प्रभार में भी बदलाव
पार्टी ने वित्तीय जिम्मेदारियों में भी फेरबदल किया है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बनाया गया है, जबकि राजेश मंगल को राष्ट्रीय सह कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। तरुण चुघ को राष्ट्रीय कार्यालय प्रभारी और महेंद्र पांडेय को कार्यालय मंत्री बनाया गया है। पूर्वोत्तर राज्यों के लिए संबित पात्रा को संयोजक और राजीव बब्बर को सह संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा विष्णु दत्त शर्मा को प्रकोष्ठ संकुल संयोजक बनाया गया है, जबकि रितुराज सिन्हा और विष्णु वर्धन रेड्डी को इसी प्रकोष्ठ का सह संयोजक नियुक्त किया गया है।

मीडिया प्रबंधन के मोर्चे पर भी बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अनिल बलूनी को पार्टी का मीडिया संयोजक बनाया गया है, जबकि उषा अग्रवाल, प्रदीप भंडारी और सिद्धार्थ यादव को मीडिया सह संयोजक की जिम्मेदारी दी गई है। जैसा कि पहले बताया गया, सोशल मीडिया संयोजक का प्रभार दीपक म्हस्के को सौंपा गया है। वहीं प्रीति गांधी, शिवानंद द्विवेदी, आलोक भट्ट और अरुण यादव को सोशल मीडिया सह संयोजक बनाया गया है।
विभिन्न मोर्चों की भी घोषणा
पार्टी ने अपने विभिन्न प्रकोष्ठों और मोर्चों के अध्यक्षों की भी घोषणा कर दी है। हेमांग जोशी को युवा मोर्चा, रूप कुमारी चौधरी को महिला मोर्चा, अमरपाल मौर्य को ओबीसी मोर्चा, बंसीलाल गुर्जर को किसान मोर्चा, शिवेश कुमार राम को अनुसूचित जाति मोर्चा, मन्नालाल रावत को अनुसूचित जनजाति मोर्चा और कुंवर बासित अली को अल्पसंख्यक मोर्चा की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
आगामी चुनावों की तैयारी में जुटी टीम
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नितिन नवीन की यह नई टीम आने वाले उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब जैसे राज्यों के विधानसभा चुनावों के साथ-साथ 2029 के लोकसभा चुनाव को भी ध्यान में रखकर बनाई गई है। अनुभवी और युवा नेताओं का यह मिश्रण पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक वर्गों और क्षेत्रों में पार्टी की पकड़ को और गहरा करने में मददगार साबित हो सकता है। फिलहाल इस नई टीम की घोषणा के बाद पार्टी के भीतर और बाहर दोनों जगह इसकी चर्चा तेज हो गई है।
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