
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी तेज कर दी है। नितिन नवीन के पार्टी अध्यक्ष बनने के बाद से ही नई कार्यकारिणी को लेकर कयासों का दौर शुरू हो गया था। अब सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि, नितिन नवीन की नई टीम लगभग तैयार हो चुकी है। जल्द ही इसकी औपचारिक घोषणा भी की जा सकती है। पार्टी के भीतर इस नई टीम को लेकर सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है, क्योंकि इसमें कई पुराने और अनुभवी चेहरों की वापसी के साथ-साथ नए और युवा नामों को भी जगह दिए जाने की चर्चा है।
इसे भी पढ़ें- उत्तराखंड में नजर आया नितिन नवीन का बॉस मोड, बारीकी, सख्ती और तैयारी देख दंग रह गए नेता
हरीश द्विवेदी को मिल सकता है बड़ा पद
पार्टी सूत्रों की मानें तो, वरिष्ठ नेता हरीश द्विवेदी को नई टीम में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। पार्टी के भीतर उनके प्रमोशन को लेकर लगभग सहमति बन चुकी है, उन्हें संगठन में अहम पद पर बैठाए जाने की संभावना है। हरीश द्विवेदी को उनके संगठनात्मक अनुभव और उत्तर प्रदेश की राजनीति में उनकी पकड़ को देखते हुए यह जिम्मेदारी दी जा सकती है, जो आगामी विधानसभा चुनावों के लिहाज से पार्टी के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

हरीश द्विवेदी के साथ-साथ वरिष्ठ नेता विनोद तावड़े का नाम भी नई टीम में लगभग तय माना जा रहा है। तावड़े लंबे समय से पार्टी के संगठनात्मक कामकाज में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं और विभिन्न राज्यों में चुनावी प्रबंधन का उनका अनुभव पार्टी के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। इसके अलावा, सुनील बंसल के भी नई टीम में बने रहने की प्रबल संभावना जताई जा रही है। बंसल संगठन में अपनी रणनीतिक भूमिका और चुनावी प्रबंधन के लिए जाने जाते हैं, और पार्टी उनके अनुभव का लाभ आगामी चुनावों में उठाना चाहती है।
जल्द सामने आ सकती है लिस्ट
सूत्रों का कहना है कि, भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की पूरी सूची बहुत जल्द जारी की जा सकती है। इस सूची में पार्टी के नए उपाध्यक्षों और महासचिवों के नाम भी शामिल होंगे। पार्टी नेतृत्व नई टीम गठित करते समय कई पहलुओं को ध्यान में रख रहा है, जिनमें युवाओं और महिलाओं की भागीदारी को खास तवज्जो दी जा रही है। बताया जा रहा है कि पार्टी जेन-जी यानी युवा पीढ़ी के मुद्दों और उनकी भागीदारी को प्राथमिकता देना चाहती है, ताकि आने वाले चुनावों में युवा मतदाताओं के बीच पार्टी की पकड़ और मजबूत हो सके।
युवाओं और महिलाओं को मिलेगी जगह?
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, नई टीम में युवा नेताओं को भी उल्लेखनीय मौका दिया जा सकता है। इसके साथ ही महिला नेताओं को भी संगठन में अहम जिम्मेदारियां सौंपे जाने की योजना है। पार्टी की रणनीति यह है कि, संगठन में हर आयु वर्ग और तबके का उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाए। इसी क्रम में कुछ पुराने और अनुभवी नेताओं की टीम में वापसी की भी संभावना जताई जा रही है, जिन्हें पहले संगठन में सक्रिय भूमिका से हटा दिया गया था।
इसके अलावा, 40 से 50 वर्ष की उम्र के नेताओं को भी नई टीम में महत्वपूर्ण पदों पर बैठाये जाने पर विचार किया जा रहा है। पार्टी का मानना है कि, यह आयु वर्ग संगठनात्मक अनुभव और युवा ऊर्जा के बीच एक बेहतर संतुलन प्रदान करता है, जो आगामी चुनावी लड़ाई में कारगर साबित हो सकता है।
उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब पर खास फोकस
नई टीम के गठन में पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनावों को भी प्राथमिकता के तौर पर ध्यान में रखा है। विशेष रूप से उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब जैसे राज्यों की राजनीतिक अहमियत को देखते हुए इन क्षेत्रों से जुड़े नेताओं को टीम में जगह दी जा सकती है। पार्टी नेतृत्व की रणनीति यह है कि इन राज्यों में मजबूत संगठनात्मक ढांचा तैयार कर 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारी अभी से शुरू कर दी जाए।
विनोद तावड़े और हरीश द्विवेदी की नई टीम में जगह लगभग तय मानी जा रही है, वहीं सुनील बंसल भी अपनी मौजूदा भूमिका में बने रह सकते हैं। पार्टी के भीतर इन तीनों नेताओं के अनुभव और संगठनात्मक क्षमता को देखते हुए इन्हें अहम जिम्मेदारियां सौंपे जाने की चर्चा जोरों पर है।
नई टीम के सामने बड़ी चुनौतियां
भाजपा की नई कार्यकारिणी के सामने आने वाले दिनों में कई बड़ी चुनौतियां होंगी। सबसे अहम चुनौती 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब विधानसभा चुनाव हैं, जो पार्टी के लिए राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इन चुनावों में जीत हासिल करना नई टीम की प्राथमिकता होगी। इसके ठीक बाद 2029 में लोकसभा चुनाव भी होने हैं, जिसकी तैयारी भी नई टीम के एजेंडे में शामिल रहेगी।

इन दोनों बड़े चुनावों की तैयारी के साथ-साथ पार्टी के सामने वोट बैंक के जटिल समीकरणों को साधना भी एक बड़ी चुनौती होगी। विभिन्न सामाजिक वर्गों, जातीय समीकरणों और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए संगठन को मजबूत करना नई टीम की जिम्मेदारी होगी। इसके अलावा युवा और महिला मतदाताओं के बीच पार्टी की पैठ बढ़ाना भी एक अहम लक्ष्य रहेगा।
RSS की समन्वय बैठक में होंगे शामिल
इसी बीच जानकारी सामने आई है कि भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और पार्टी के संगठन महामंत्री बीएल संतोष सोमवार शाम विशाखापत्तनम रवाना होंगे। दोनों नेता वहां राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तीन दिवसीय अखिल भारतीय समन्वय बैठक में हिस्सा लेंगे। संघ की यह महत्वपूर्ण बैठक 19 से 21 अगस्त तक आयोजित की जाएगी।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस समन्वय बैठक में संगठनात्मक ढांचे, आगामी चुनावों की रणनीति और संघ-भाजपा के बीच समन्वय जैसे विषयों पर गहन चर्चा होने की उम्मीद है। नितिन नवीन की नई टीम के गठन को भी इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके तहत पार्टी आगामी चुनावों के लिए अपने संगठनात्मक ढांचे को और मजबूत बनाना चाहती है।
पार्टी के भीतर इस बात की भी चर्चा है कि नई टीम के गठन के बाद संगठन में और भी बदलाव देखने को मिल सकते हैं, विशेषकर राज्य इकाइयों के स्तर पर। फिलहाल सभी की निगाहें आधिकारिक सूची की घोषणा पर टिकी हैं, जिसके जल्द जारी होने की उम्मीद जताई जा रही है।
इसे भी पढ़ें- 2027 चुनाव: उत्तराखंड के दौरे पर BJP अध्यक्ष नितिन नवीन, परखीं पार्टी की जमीनी हकीकत



