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‘उपद्रव प्रदेश से उत्सव प्रदेश तक’, स्वतंत्रता दिवस पर बोले सीएम योगी, शहीद इंस्पेक्टर सुनील कुमार को दी श्रद्धांजलि

लखनऊ। देश भर में 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उत्साह और उल्लास का माहौल रहा। इसी कड़ी में शनिवार को उत्तर प्रदेश में भी देशभक्ति की अभूतपूर्व लहर देखने को मिली। राजधानी लखनऊ स्थित विधानभवन परिसर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक गरिमामयी और भव्य समारोह के बीच ध्वजारोहण किया।

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इस वर्ष एक ऐतिहासिक बदलाव करते हुए ध्वजारोहण से पहले पहली बार राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन कराया गया, जिसके बाद राष्ट्रगान की धुन बजाई गई। समारोह के दौरान हेलीकॉप्टर के ज़रिए विधानभवन परिसर में मौजूद लोगों पर भव्य पुष्पवर्षा भी की गई। भगवा पगड़ी पहने मुख्यमंत्री योगी ने प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था में हुए ऐतिहासिक सुधार और सुशासन के दम पर उत्तर प्रदेश अब ‘उपद्रव प्रदेश’ की पुरानी छवि से निकलकर ‘उत्सव प्रदेश’ बन चुका है और देश का प्रमुख ग्रोथ इंजन बनकर उभरा है।

शहीदों को श्रद्धांजलि

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश एसटीएफ के जांबाज़ शहीद इंस्पेक्टर सुनील कुमार के असाधारण साहस को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने बताया कि शामली में कुख्यात अपराधियों के खिलाफ हुई मुठभेड़ में इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने चार दुर्दांत अपराधियों को मार गिराने में सफलता हासिल की, लेकिन इस कार्रवाई में घायल होने के बाद वे वीरगति को प्राप्त हो गए।

उनके इस अदम्य साहस के लिए उन्हें कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सम्मान केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश पुलिस के हर उस जवान के शौर्य का सम्मान है जो अपनी जान की परवाह किए बिना ड्यूटी पर डटा रहता है। समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, शहीदों और राष्ट्रपति पदक से सम्मानित पुलिसकर्मियों के परिजनों को मंच पर बुलाकर सम्मानित भी किया।

अब ODOP और ODOC का दौर

ध्वजारोहण समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज़ादी के साथ प्रदेश को अशिक्षा, गरीबी, पिछड़ेपन और तुष्टिकरण जैसी तमाम विसंगतियां विरासत में मिली थीं, लेकिन बीते वर्षों में उत्तर प्रदेश ने इन असमानताओं को दूर करते हुए विकास के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि आज कोई भी उत्तर प्रदेश को ‘बीमारू राज्य’ के तौर पर नहीं देखता, बल्कि यह राज्य सुशासन के मॉडल के रूप में पहचाना जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने पुरानी और नई व्यवस्था के बीच फर्क को रेखांकित करते हुए कहा कि जहां पहले राज्य में ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया’ की पहचान बन चुकी थी, वहीं आज प्रदेश ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट’ (ODOP) और ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन कुज़ीन’ (ODOC) जैसी योजनाओं के ज़रिए नई पहचान गढ़ रहा है।

युवाओं के लिए AI और सेमीकंडक्टर में नए अवसर

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी ने प्रदेश की युवा शक्ति को उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश का युवा प्रतिभावान, परिश्रमी और देश-समाज के लिए कुछ कर गुज़रने के जज़्बे से भरा हुआ है। स्वाधीनता दिवस के इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश की युवाशक्ति को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी प्रतिभा में ही प्रदेश की असली शक्ति निहित है।

उन्होंने बताया कि उनकी सरकार ने नकल माफिया और भर्ती माफिया के खिलाफ कठोर कार्रवाई की है, ताकि प्रदेश के डेमोग्राफिक डिविडेंड को डेवलपमेंट इंजन में बदला जा सके। इसी क्रम में सरकार ने जेन-ज़ी और जेन-अल्फा पीढ़ी को ध्यान में रखते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, सेमीकंडक्टर, साइबर रोबोटिक्स, फिनटेक, डीप टेक और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश और रोज़गार के नए अवसर उपलब्ध कराए हैं। साथ ही ‘सीएम युवा उद्यमी योजना’ के तहत युवाओं को स्वरोजगार शुरू करने के लिए ब्याजमुक्त और गारंटीमुक्त ऋण भी मुहैया कराया जा रहा है।

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