लखनऊ में यातायात होगा आसान, बैकुंठ धाम ब्रिज के साथ बनेगी 5 करोड़ की नेचर ट्रेल भी

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल होने जा रही है। गोमती नदी पर ग्रीन कॉरिडोर प्रोजेक्ट के अंतर्गत निर्माणाधीन ‘बैकुंठ धाम ब्रिज’ पर इसी वर्ष नवंबर माह से वाहनों का आवागमन शुरू हो जाएगा। इस पुल के पूरी तरह चालू होने के बाद शहर के कई प्रमुख इलाकों के बीच सफर और आसान हो जाएगा, साथ ही व्यस्त चौराहों पर वाहनों के दबाव में भी उल्लेखनीय कमी आएगी।

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इस महत्वाकांक्षी परियोजना की प्रगति का जायजा लेने के लिए बुधवार को लखनऊ एलडीए के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने निर्माण स्थल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को काम में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए, ताकि परियोजना को तय समयसीमा के भीतर पूरा किया जा सके।

निशातगंज से हजरतगंज तक होगा सफर आसान

बैकुंठ धाम ब्रिज के शुरू होने से शहरवासियों को सीधा लाभ मिलने वाला है। इस पुल के चालू होते ही निशातगंज से डालीबाग और हजरतगंज के बीच की दूरी तय करना पहले से कहीं अधिक सुगम हो जाएगा। वर्तमान में इन इलाकों के बीच आवागमन के लिए वाहन चालकों को लंबा चक्कर लगाना पड़ता है या फिर व्यस्त मार्गों से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे समय और ईंधन दोनों की बर्बादी होती है।

Baikunth Dham Bridge

इसके साथ ही इस पुल के चालू होने का सबसे बड़ा फायदा शहर के दो अत्यंत व्यस्त चौराहों  समतामूलक चौराहा और 1090 चौराहा पर देखने को मिलेगा। इन दोनों ही स्थानों पर प्रतिदिन भारी मात्रा में वाहनों का दबाव रहता है, जिसके चलते अक्सर लंबा जाम लग जाता है। नए पुल के शुरू होने से इन चौराहों पर ट्रैफिक का बोझ काफी हद तक कम हो जाएगा, जिससे यहां से गुजरने वाले हजारों लोगों को राहत मिलेगी।

बनेगा 2.3 किमी लंबा फोर-लेन फ्लाईओवर 

अकेला बैकुंठ धाम ब्रिज ही नहीं, बल्कि इसके साथ जुड़ी एक और बड़ी परियोजना भी जल्द ही जमीन पर उतरने वाली है। एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया कि बैकुंठ धाम से लेकर गोमती रिवर फ्रंट होते हुए इकाना क्रिकेट स्टेडियम तक करीब 2.3 किलोमीटर लंबा एक फोर-लेन फ्लाईओवर भी बनाया जाना प्रस्तावित है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी तरह संपन्न हो चुकी है और अगले महीने से इसका निर्माण कार्य बैकुंठ धाम ब्रिज के एप्रोच पॉइंट से शुरू करा दिया जाएगा।

इस फ्लाईओवर के बनने से शहर के भीतर आवागमन को एक नया विकल्प मिलेगा। खासकर उन लोगों के लिए जो इकाना स्टेडियम में होने वाले क्रिकेट मैचों या अन्य आयोजनों में शामिल होने के लिए शहर के विभिन्न हिस्सों से आते हैं। रिवर फ्रंट के रास्ते बनने वाला यह फ्लाईओवर शहर की कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगा।

कितनी आएगी लागत

बैकुंठ धाम ब्रिज के निर्माण पर करीब 70 करोड़ रुपये की लागत आ रही है। यह पुल कुल 330 मीटर लंबा है और इसका निर्माण कार्य अब तक 86 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। परियोजना के लिए तय की गई डेडलाइन नवंबर 2026 है, जिसके अनुसार अधिकारियों का लक्ष्य है कि इसी माह तक पुल को आम जनता के लिए पूरी तरह खोल दिया जाए।

वहीं दूसरी तरफ नए फोर-लेन फ्लाईओवर की अनुमानित लागत 293 करोड़ रुपये रखी गई है। जैसा कि, पहले बताया गया है कि, यह फ्लाईओवर बैकुंठ धाम से इकाना स्टेडियम तक कुल 2.3 किलोमीटर की दूरी तय करेगा। इसकी टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अधिकारियों के अनुसार इसका निर्माण कार्य सितंबर 2026 तक शुरू हो जाने की उम्मीद है।

गोमती रिवर फ्रंट पर बन रही है ‘नेचर ट्रेल’

निरीक्षण के दौरान एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने एक अन्य महत्वपूर्ण परियोजना का भी जायजा लिया। गोमती रिवर फ्रंट पर लक्ष्मण मेला मैदान के समीप करीब 5 करोड़ रुपये की लागत से 700 मीटर लंबी ‘नेचर ट्रेल’ विकसित की जा रही है। बुधवार को स्थल का निरीक्षण करते हुए वीसी ने इस काम को भी तेज गति से पूरा करने के निर्देश दिए।

Baikunth Dham Bridge

अधिकारियों के अनुसार, यह नेचर ट्रेल शहरवासियों को एक अनूठा अनुभव प्रदान करेगी, जहां वे घने हरे-भरे वातावरण के बीच सैर का आनंद ले सकेंगे। शहर के व्यस्त और प्रदूषित माहौल से दूर, यह ट्रेल प्रकृति प्रेमियों और सुबह-शाम टहलने वालों के लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित होगी।

मियावाकी तकनीक से होगा सघन पौधारोपण

इस नेचर ट्रेल को और आकर्षक तथा पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए एलडीए वीसी ने कई विशेष निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि, इस ट्रेल पर मियावाकी तकनीक का इस्तेमाल करते हुए सघन पौधारोपण किया जाएगा। मियावाकी तकनीक एक जापानी पद्धति है, जिसके जरिए कम जगह में घने जंगल जैसा वातावरण तैयार किया जाता है और पौधों की वृद्धि दर भी सामान्य से कई गुना तेज होती है।

Baikunth Dham Bridge

इसके अलावा ट्रेल पर बांस के झुरमुट भी लगाए जाएंगे, जो न केवल हरियाली बढ़ाएंगे बल्कि इस क्षेत्र को एक अलग ही सौंदर्य प्रदान करेंगे। पैदल चलने वालों के अनुभव को और रोमांचक बनाने के लिए यहां जिग-जैग स्लोप का निर्माण भी किया जाएगा, जिससे सैर के दौरान एकरसता महसूस नहीं होगी।

इतना ही नहीं, आज के दौर में सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव को ध्यान में रखते हुए, अधिकारियों ने ट्रेल पर खास सेल्फी और स्टैंडिंग पॉइंट विकसित करने के भी आदेश दिए हैं। इन पॉइंट्स को इस तरह डिजाइन किया जाएगा कि लोग यहां आकर खूबसूरत तस्वीरें खींच सकें, जिससे यह स्थान युवाओं और पर्यटकों के बीच भी लोकप्रिय हो सके।

 विकास को मिलेगी नई रफ्तार

बैकुंठ धाम ब्रिज, फोर-लेन फ्लाईओवर और नेचर ट्रेल जैसी परियोजनाएं मिलकर लखनऊ के समग्र विकास को एक नई दिशा देने का काम करेंगी। जहां एक ओर यातायात व्यवस्था में सुधार होगा, वहीं दूसरी ओर शहरवासियों को प्रकृति के करीब रहने का एक नया अवसर भी मिलेगा। एलडीए प्रशासन का दावा है कि इन सभी परियोजनाओं को तय समयसीमा के भीतर पूरा करने के लिए पूरी गंभीरता से काम किया जा रहा है, ताकि आने वाले महीनों में लखनऊवासियों को इसका सीधा लाभ मिल सके।

 

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