मसूड़ों से खून आना, न करें नजरअंदाज, दिल की सेहत से है सीधा कनेक्शन

दांतों और मसूड़ों से जुड़ी परेशानियां आमतौर पर हर किसी को कभी न कभी झेलनी पड़ती हैं। इनमें सबसे आम समस्या है मसूड़ों से खून निकलना। अधिकतर लोग इसे मामूली दिक्कत समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। वे इसे डॉक्टर को दिखाने की जरूरत तक नहीं समझते हैं, लेकिन डॉक्टरों की मानें तो यह लापरवाही आपको भारी पड़ सकती है, क्योंकि यह समस्या सिर्फ दांतों और मसूड़ों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि इसका सीधा संबंध दिल की सेहत से हो सकता है।

इसे भी पढ़ें- बूढ़े-बुजुर्ग ही नहीं, अब युवा भी हो रहे ओरल कैंसर का शिकार, जानें- बचाव और लक्षण

एक मरीज का चौंकाने वाला मामला

इस विषय पर हाल ही में डेंटिस्ट डॉ. मार्क बुरहेन ने अपनी एक पोस्ट में चौंकाने वाला अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि, उनकी एक मरीज, जिसकी उम्र करीब 40 साल थी, पूरी तरह से स्वस्थ मानी जाती थी। उसे कोई बड़ी बीमारी नहीं थी, लेकिन उसके मसूड़ों से समय-समय पर खून आता रहता था, जिसे उसने कभी गंभीरता से नहीं लिया। कुछ महीनों बाद इसी महिला को अचानक हार्ट अटैक आ गया, जिसने डॉक्टरों को भी हैरान कर दिया।

Bleeding gums are a warning sign

हालांकि डॉ. बुरहेन ने इस मामले को लेकर स्पष्ट किया कि, इसका यह मतलब कतई नहीं है कि, मसूड़ों की बीमारी सीधे तौर पर हार्ट अटैक का कारण बनती है। उनके अनुसार, असल वजह यह है कि, मसूड़ों में लगातार बनी रहने वाली सूजन और दिल की बीमारियों के बीच एक गहरा जैविक संबंध पाया गया है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

 मसूड़ों और दिल के बीच संबंध

डॉक्टर बताते हैं कि, जब मसूड़ों में लंबे समय तक सूजन बनी रहती है, तो वहां मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया धीरे-धीरे खून में मिलने लगते हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि, यही बैक्टीरिया बाद में शरीर की धमनियों में जमा होने वाले प्लाक के भीतर भी पाए गए हैं। यानी मुंह में पनपने वाला संक्रमण सीधे तौर पर दिल की धमनियों तक अपना असर दिखा सकता है।

इसके अलावा शरीर में लंबे समय तक बनी रहने वाली सूजन को वैसे भी दिल की बीमारियों से जोड़कर देखा जाता है। लगातार सूजन धमनियों को सख्त और सिकुड़ा हुआ बना सकती है, जिससे रक्त प्रवाह प्रभावित होता है और हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। यही प्रक्रिया आगे चलकर हार्ट अटैक जैसी गंभीर घटनाओं का खतरा बढ़ा सकती है।

शोध भी करते हैं पुष्टि

यह पहला मौका नहीं है जब मसूड़ों की बीमारी और दिल की सेहत के बीच संबंध की बात सामने आई हो। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन ने सबसे पहले वर्ष 2012 में इस संबंध की जानकारी दी थी। इसके बाद 2025 में इस विषय पर दोबारा गहन शोध किया गया, जिसमें यह पाया गया कि, यह संबंध केवल हार्ट अटैक तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दिल की धड़कन के अनियमित होने और हार्ट फेलियर जैसी गंभीर बीमारियों से भी जुड़ा हो सकता है।

डॉक्टरों का कहना है कि, आमतौर पर लोग मुंह की सेहत को शरीर के बाकी हिस्सों से बिल्कुल अलग मानकर चलते हैं, जबकि हकीकत में मुंह की सेहत और दिल की सेहत के बीच गहरा नाता है, इसीलिए विशेषज्ञ बार-बार यह सलाह देते हैं कि, मसूड़ों से जुड़ी किसी भी समस्या को हल्के में न लिया जाए।

बचाव के उपाय

डॉ. बुरहेन का कहना है कि, मसूड़ों और दिल दोनों को सुरक्षित रखने के लिए तीन बेहद आसान लेकिन प्रभावी आदतों को अपनाना बेहद जरूरी है। पहली आदत है रोजाना सही तरीके से ब्रश करना, दूसरी है नियमित रूप से फ्लॉस करना और तीसरी है समय-समय पर डेंटिस्ट के पास जाकर दांतों और मसूड़ों की जांच कराना।

नियमित डेंटल चेकअप से मसूड़ों की सूजन और बीमारी की शुरुआती अवस्था में ही पहचान हो जाती है, जिससे समय रहते इलाज किया जा सकता है। वहीं सही तरीके से ब्रश और फ्लॉस करने से मुंह में बैक्टीरिया जमा नहीं हो पाते, जिससे संक्रमण और सूजन का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।

Bleeding gums are a warning sign

हालांकि डॉक्टर इस बात पर भी जोर देते हैं कि मुंह की सफाई अकेले दिल की बीमारियों से बचाव की गारंटी नहीं दे सकती। इसके साथ-साथ कुछ अन्य जरूरी उपाय अपनाना भी उतना ही आवश्यक है। इनमें ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रण में रखना, डायबिटीज को सही तरीके से मैनेज करना, संतुलित और पौष्टिक खान-पान अपनाना, नियमित रूप से व्यायाम करना और धूम्रपान से पूरी तरह दूरी बनाए रखना शामिल है।

लापरवाही पड़ सकती है भारी

डॉक्टरों का कहना है कि, मसूड़ों से खून आना, सूजन रहना या मुंह से बदबू आना जैसी समस्याओं को कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। ये संकेत भले ही मामूली लगें, लेकिन ये शरीर के भीतर चल रही किसी बड़ी समस्या की ओर इशारा कर सकते हैं। खासतौर पर उन लोगों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है, जिनकी उम्र 40 साल के आसपास या उससे अधिक है, क्योंकि इस उम्र में दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा वैसे भी बढ़ जाता है।

विशेषज्ञों की सलाह है कि, अगर मसूड़ों से बार-बार खून आ रहा हो, मसूड़े लाल या सूजे हुए महसूस हों, या सांसों में लगातार बदबू बनी रहती हो, तो इसे नजरअंदाज करने के बजाय तुरंत डेंटिस्ट से संपर्क करना चाहिए। साथ ही, समय-समय पर हृदय संबंधी जांच कराना भी जरूरी है, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते पहचाना जा सके।

 

इसे भी पढ़ें- हेल्थ टिप्स: क्या सच में प्याज खाने से नहीं लगती लू, जानिए एक्सपर्ट की राय

Related Articles

Back to top button