
देहरादून। उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले पुष्कर सिंह धामी सरकार एक बार फिर युवाओं को सरकारी नौकरी की सौगात देने जा रही है। राज्य सरकार ने दिसंबर माह से पहले विभिन्न विभागों में करीब चार हजार पदों पर को भरने की तैयारी में जुट गई है।
एक्टिव हुई धामी सरकार
उत्तराखंड में जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे धामी सरकार की सक्रियता भी बढ़ती जा रही है। इसी कड़ी में धामी सरकार ने एक बार फिर सरकारी नौकरियों का पिटारा खोलने का फैसला किया है। सरकार की मंशा है कि, चुनाव से पहले अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार का तोहफा दिया जाए, ताकि रोजगार के मोर्चे पर सरकार की उपलब्धियों को जनता के सामने प्रभावी तरीके से पेश किया जा सके।
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आयोग ने तैयार किया खाका
इसी रणनीति के तहत उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग अब सक्रिय हो गया है। उसने दिसंबर माह से पहले विभिन्न सरकारी विभागों में करीब 2500 नए पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का खाका तैयार कर लिया है। इतना ही नहीं, जिन पदों के लिए पहले ही आवेदन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, उनकी लिखित परीक्षाएं भी दिसंबर तक संपन्न कराने की योजना बनाई गई है। ऐसे पदों की संख्या भी करीब 1500 के आसपास है। इस तरह अगर आयोग अपनी योजना के मुताबिक काम करता है, तो वर्ष के अंत तक कुल मिलाकर करीब चार हजार पदों की भर्ती प्रक्रिया एक महत्वपूर्ण चरण में पहुंच जाएगी।
आयोग अध्यक्ष ने दी जानकारी
इस पूरे मामले पर उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष जीएस मर्तोलिया ने विस्तार से जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि, आयोग दिसंबर माह से पहले करीब 2477 पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लेगा। इन पदों में कई विभागों की भर्तियां शामिल हैं, जिनमें स्केलर, कनिष्ठ सहायक और वैयक्तिक सहायक जैसे पद प्रमुख हैं। इसके अलावा स्नातक स्तरीय विज्ञान वर्ग के पदों पर भी भर्ती की जाएगी।

पुलिस, आबकारी और परिवहन विभाग में वर्दीधारी पदों की भर्ती भी इसी सूची में शामिल है, जो युवाओं के बीच हमेशा से आकर्षण का केंद्र रहे हैं। इसके साथ ही संस्कृत विभाग में सहायक अध्यापक और सहायक विकास अधिकारी जैसे पदों पर भी नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इस तरह देखा जाए, तो सरकार की यह भर्ती योजना अलग-अलग शैक्षणिक योग्यता और रुचि रखने वाले युवाओं के लिए अवसरों का पिटारा साबित हो सकती है।
दिसंबर में होंगी परीक्षाएं
आयोग अध्यक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि सिर्फ नई भर्तियां ही नहीं, बल्कि जिन पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है, उनकी परीक्षाएं भी दिसंबर माह तक करा ली जाएंगी। इस सूची में व्यैक्तिक सहायक और पशुधन प्रसार अधिकारी जैसे पद शामिल हैं। इसके अलावा विभिन्न सेवाओं के तकनीकी पदों पर भी परीक्षा प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
सहायक लेखाकार का पद भी इस सूची का हिस्सा है, जो वित्तीय विभागों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कृषि विभाग में इंटरमीडिएट स्तर के पदों के साथ-साथ विभिन्न विभागों में स्नातक स्तरीय पदों की परीक्षाएं भी दिसंबर तक संपन्न कराई जाएंगी। इन सभी पदों को मिलाकर कुल संख्या करीब 1470 बताई जा रही है। इस तरह आवेदन और परीक्षा, दोनों मोर्चों पर आयोग की सक्रियता साफ नजर आ रही है।
34 हजार से ज्यादा युवाओं को मिली नौकरी
धामी सरकार अपने कार्यकाल के दौरान रोजगार के मुद्दे पर लगातार सक्रिय रही है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, बीते साढ़े चार वर्षों में राज्य सरकार रिकॉर्ड 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान कर चुकी है। यह आंकड़ा सरकार के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, खासकर उस दौर में जब पूरे देश में बेरोजगारी एक बड़ा चुनावी मुद्दा बना हुआ है।
वर्ष 2024 से राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है, जिसका असर भर्ती प्रक्रियाओं की पारदर्शिता पर साफ देखने को मिल रहा है। इस कानून के आने के बाद न सिर्फ भर्ती परीक्षाएं अधिक निष्पक्ष तरीके से आयोजित हो रही हैं, बल्कि नकल जैसी घटनाओं पर भी सख्ती से लगाम कसी गई है। इसके अलावा एक और महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिला है, भर्ती प्रक्रिया अब पहले की तुलना में अधिक निर्बाध और तेज गति से पूरी हो रही है, जिसके चलते आवेदन से लेकर अंतिम नियुक्ति तक लगने वाला औसत समय भी काफी हद तक घट गया है।
चुनाव में रोजगार होगा प्रमुख मुद्दा
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि, आगामी विधानसभा चुनाव में सरकार रोजगार के इन आंकड़ों को अपनी सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक के तौर पर पेश करेगी। सरकार यह संदेश देने की कोशिश करेगी कि, उसने न सिर्फ बेरोजगारी दूर करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं, बल्कि भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और तेज बनाने में भी सफलता हासिल की है।
इस पूरे मुद्दे पर सरकार की तरफ से बयान भी सामने आया है। सरकार का कहना है कि, वह अपने कार्यकाल के पहले दिन से ही बेरोजगारी की समस्या को जड़ से खत्म करने के प्रयास में जुटी रही है। इसी उद्देश्य के तहत सरकारी विभागों में खाली पड़े पदों को विशेष अभियान चलाकर भरने का काम किया गया, जिसके नतीजे में बीते साढ़े चार वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिल सकी है।
सरकार की ओर से यह भी संकेत दिए गए हैं कि, आने वाले महीनों में भी विभिन्न विभागों में हजारों पदों पर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इसका मकसद है कि प्रदेश के योग्य युवाओं को अधिक से अधिक अवसर मिल सकें और साथ ही राज्य की विकास यात्रा को नई रफ्तार दी जा सके।
युवाओं की उम्मीदें बढ़ीं
कुल मिलाकर देखा जाए तो उत्तराखंड में आने वाले महीने रोजगार के लिहाज से काफी अहम साबित होने वाले हैं। दिसंबर तक करीब चार हजार पदों की भर्ती प्रक्रिया के अहम चरण में पहुंचने की संभावना ने राज्य के युवाओं में उम्मीद की एक नई किरण जगाई है। हालांकि यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार अपने इस लक्ष्य को तय समय सीमा के भीतर कितनी सफलता के साथ पूरा कर पाती है, और चुनावी वर्ष में यह भर्ती अभियान राजनीतिक रूप से सरकार के लिए कितना फायदेमंद साबित होता है।
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