धामी का अफसरों को अल्टीमेटम, शिकायतों के निपटारे में देरी नहीं चलेगी

देहरादून। उत्तराखंड में जनता की शिकायतों के त्वरित समाधान को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त रुख अपनाया है। सचिवालय में सीएम हेल्पलाइन 1905 की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि, आम जनता की हर समस्या का समाधान समयबद्ध तरीके से किया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में मुख्यमंत्री ने हेल्पलाइन के माध्यम से अब तक प्राप्त हुई शिकायतों, उनके निस्तारण की मौजूदा स्थिति और विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली को लेकर विस्तृत जानकारी ली।

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 सरकार और जनता के बीच सेतु है हेल्पलाइन नबंर 

समीक्षा बैठक के दौरान सीएम धामी ने कहा कि, सीएम हेल्पलाइन 1905 सरकार और आम जनता के बीच संवाद स्थापित करने का एक बेहद महत्वपूर्ण और सशक्त माध्यम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि, इस हेल्पलाइन को शुरू करने के पीछे मुख्य उद्देश्य यही है कि प्रदेश के दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले लोग भी बिना किसी बिचौलिए के सीधे अपनी समस्याएं सरकार तक पहुंचा सकें और उन्हें त्वरित राहत मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि, यह हेल्पलाइन केवल शिकायत दर्ज करने का एक माध्यम भर नहीं है, बल्कि यह सुशासन और जवाबदेह प्रशासन की दिशा में उठाया गया एक ठोस कदम है, जिसके जरिए सरकार सीधे जनता की नब्ज को समझने की कोशिश करती है।

लंबित शिकायतों पर जताई चिंता

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से हेल्पलाइन पर दर्ज विभिन्न शिकायतों के निस्तारण की प्रगति की बारीकी से जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि, हर शिकायत, चाहे वह छोटी हो या बड़ी, उसे पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ लिया जाए।

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मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से लंबित पड़ी शिकायतों को लेकर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि, ऐसी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर तुरंत निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि, संबंधित विभागों की ओर से शिकायतों के समाधान के लिए की जा रही कार्रवाई की नियमित रूप से निगरानी की जाए, ताकि किसी भी स्तर पर देरी या ढिलाई की गुंजाइश न रहे।

अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत

सीएम धामी ने बैठक में मौजूद अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में हिदायत दी कि हेल्पलाइन पर प्राप्त होने वाली शिकायतों को महज दर्ज करने तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि, असली चुनौती शिकायत दर्ज करने में नहीं, बल्कि उसे तार्किक परिणति तक पहुंचाने में है। इसके लिए जरूरी है कि हर शिकायत की पूरी प्रक्रिया यानी उसे दर्ज करने से लेकर उसके समाधान तक पर सतत निगरानी रखी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी शिकायतकर्ता को यह महसूस नहीं होना चाहिए कि उसकी शिकायत को नजरअंदाज किया गया है या उसे टाल दिया गया है।

शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

बैठक में मुख्यमंत्री ने बार-बार इस बात पर जोर दिया कि, शिकायतकर्ता को समय पर और संतोषजनक राहत मिलना ही सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि, प्रशासनिक तंत्र का मूल उद्देश्य ही जनता की सेवा करना है, और यदि आम नागरिक की समस्याओं का समाधान समय पर नहीं हो पाता, तो यह प्रशासनिक व्यवस्था की सबसे बड़ी असफलता मानी जाएगी। इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि जन शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

जनता को न काटने पर सरकारी कार्यालयों के चक्कर

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि उन्हें पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ शिकायतों का निस्तारण सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि जनता को अपनी छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें। मुख्यमंत्री धामी ने इस बात पर विशेष बल दिया कि प्रशासनिक प्रक्रिया को इतना सरल और प्रभावी बनाया जाए कि आम आदमी को बेवजह की भागदौड़ और परेशानी से मुक्ति मिल सके।

डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देने की दिशा में कदम

गौरतलब है कि, सीएम हेल्पलाइन 1905 उत्तराखंड सरकार की उस व्यापक पहल का हिस्सा है, जिसके तहत डिजिटल माध्यमों से जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है। ऐसी हेल्पलाइन सेवाएं प्रदेश के दूरदराज और पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए विशेष रूप से उपयोगी साबित होती हैं, जहां प्रशासनिक कार्यालयों तक पहुंचना अक्सर मुश्किल और समय लेने वाला काम होता है। ऐसे में हेल्पलाइन के जरिए घर बैठे शिकायत दर्ज कराने और उसका समाधान पाने की सुविधा जनता के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है।

जवाबदेही तय करने पर जोर

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि हर विभाग और संबंधित अधिकारी की जवाबदेही स्पष्ट रूप से तय की जाए, ताकि किसी भी शिकायत के लंबित रहने की स्थिति में जिम्मेदारी तय करना आसान हो सके। उन्होंने कहा कि पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासनिक व्यवस्था ही जनता का सरकार पर भरोसा मजबूत करती है, और इसी भरोसे को बनाए रखने के लिए हर स्तर पर सतर्कता जरूरी है।

 सीएम ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

मुख्यमंत्री धामी ने बैठक के अंत में अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे नियमित अंतराल पर हेल्पलाइन से जुड़ी समीक्षा बैठकें आयोजित करें, ताकि शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की कमी को समय रहते पहचाना और सुधारा जा सके।

उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी विभाग मिलकर इस दिशा में बेहतर तालमेल के साथ काम करेंगे, जिससे प्रदेश की जनता को शीघ्र और प्रभावी न्याय मिल सके। मुख्यमंत्री का यह रुख साफ तौर पर दर्शाता है कि राज्य सरकार जनसमस्याओं के समाधान को लेकर पूरी तरह गंभीर है और सुशासन को जमीनी स्तर पर उतारने की दिशा में लगातार प्रयासरत है।

 

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