
देहरादून। उत्तराखंड सरकार के कृषि एवं उद्यान मंत्री गणेश जोशी के कैंप कार्यालय में बुधवार का दिन आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान और ग्रामीण विकास की नई गाथाओं का गवाह बना। आज हुई जनसुनवाई में प्रदेश भर के दूर-दराज ग्रामीण क्षेत्रों और राजधानी के विभिन्न मोहल्लों से बड़ी संख्या में फरियादी आये और सरकार के समक्ष अपनी समस्याएं रखी।
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सुबह से ही पहुंचने लगे फरियादी
जनसुनवाई के दौरान कृषि मंत्री ने न केवल आम नागरिकों की नागरिक सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को बेहद संवेदनशीलता से सुना और संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए, बल्कि रिवर्स पलायन कर आधुनिक खेती में सफलता का परचम लहराने वाले युवाओं का उत्साहवर्धन भी किया।
सुबह से ही कृषि मंत्री गणेश जोशी के कैंप कार्यालय पर फरियादियों का तांता लगना शुरू हो गया था। टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, चमोली और देहरादून के सीमावर्ती व ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों ने अपने-अपने क्षेत्रों की जमीनी समस्याओं से कैबिनेट मंत्री को अवगत कराया। जनसुनवाई में मुख्य रूप से शिक्षा के बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य सुविधाओं की बेहतरी, क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत, बिजली और पेयजल की सुचारू आपूर्ति तथा सामाजिक सुरक्षा पेंशन से जुड़े मामले प्रमुखता से उठाए गए।
समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे लाभ
कृषि मंत्री ने हर एक फरियादी के पास जाकर उनकी बात को बेहद गंभीरता सुना। जनहित से जुड़े कई संवेदनशील और त्वरित कार्रवाई योग्य मामलों में मंत्री ने मौके पर ही मौजूद विभागों के उच्च अधिकारियों और टेलीफोन के माध्यम से संबंधित जिला अधिकारियों को तुरंत निस्तारण के सख्त निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि, राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि, शासन-प्रशासन का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक बिना किसी अड़चन के पहुंचे।
जनसुनवाई के इस हलचल भरे माहौल के बीच एक ऐसी कहानी भी सामने आई जिसने वहां मौजूद हर व्यक्ति को प्रेरित किया। जनपद टिहरी गढ़वाल की जौनपुर तहसील के छोटे से गांव सनाब मल्ला के रहने वाले युवा किसान कुलदीप शाह ने भी कृषि मंत्री गणेश जोशी से मुलाकात की। कुलदीप की कहानी उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रहे पलायन के बीच एक उम्मीद की किरण बनकर उभरी है।
कुलदीप शाह ने बताया कि, वैश्विक महामारी कोरोना काल के दौरान जब देश भर में रोजगार का संकट पैदा हुआ था, तब उन्होंने शहर छोड़कर वापस अपने गांव लौटने का साहसिक फैसला लिया था। उन्होंने गांव में रहकर रिवर्स पलायन का रास्ता चुना और पारंपरिक खेती के बजाय आधुनिक बागवानी के क्षेत्र में कदम रखने का संकल्प लिया।
‘एप्पल मिशन’ से बदला जीवन
कृषि मंत्री का आभार प्रकट करते हुए युवा किसान कुलदीप शाह ने भावुक स्वर में कहा कि, उद्यान विभाग और राज्य सरकार के उचित मार्गदर्शन के बिना यह संभव नहीं था। उन्होंने बताया कि, सरकार द्वारा संचालित ‘एप्पल मिशन योजना’ के तहत उन्होंने अपने खेतों में हाई-डेनसिटी सेब के पौधे रोपे थे।
वैज्ञानिक तकनीकों और विभागीय सहयोग के बल पर, पहले ही वर्ष में उनकी मेहनत रंग लाई और उन्हें 250 से अधिक पेटियों का रिकॉर्ड सेब उत्पादन प्राप्त हुआ। इस बंपर पैदावार से न केवल उन्हें आर्थिक रूप से जबरदस्त लाभ हुआ है, बल्कि उनका जीवन स्तर भी पूरी तरह बदल गया है। कुलदीप की इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि यदि सही नीति और दृढ़ इच्छाशक्ति हो, तो पहाड़ की जवानी और पहाड़ का पानी दोनों यहीं के काम आ सकते हैं।
युवा किसान कुलदीप शाह की इस शानदार और अभूतपूर्व सफलता पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अत्यधिक प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कुलदीप को शॉल एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
युवा किसान की कहानी बनी प्रेरणा
पत्रकारों से बातचीत करते हुए कृषि मंत्री ने कहा, कुलदीप शाह जैसे दृढ़ निश्चयी युवा पूरे उत्तराखंड राज्य के अन्य किसानों और बेरोजगार युवाओं के लिए एक जीवंत प्रेरणा स्रोत हैं। उन्होंने यह साबित कर दिया है कि, अगर आधुनिक तकनीक और सरकारी योजनाओं का सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए, तो रिवर्स पलायन न केवल संभव है, बल्कि यह बेहद लाभदायक भी है।
मंत्री ने आगे कहा कि, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व में प्रदेश सरकार किसानों की आय को दोगुना करने और कृषि क्षेत्र को पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। राज्य सरकार वर्तमान में एप्पल मिशन, कीवी मिशन और ड्रैगन फ्रूट मिशन जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं को धरातल पर उतार रही है, ताकि राज्य के युवाओं को स्वरोजगार के बेहतरीन अवसर मिल सकें और पहाड़ों से हो रहे पलायन पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सके।
चुनावी तैयारियों पर मंथन
दूसरी तरफ प्रशासनिक गलियारों से जुड़ी एक और बड़ी खबर में, देहरादून स्थित निर्वाचन भवन में मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक में राज्य में मान्यता प्राप्त सभी राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
बैठक का मुख्य उद्देश्य समरी इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के संबंध में चल रहे कार्यों पर विस्तृत चर्चा करना और राजनीतिक दलों से प्रत्यक्ष फीडबैक प्राप्त करना था। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. पुरुषोत्तम ने एसआईआर की अद्यतन स्थिति, मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण कार्य तथा वर्तमान में चल रहे ‘नोटिस फेज’ के दौरान होने वाली सुनवाइयों के बारे में एक विस्तृत डिजिटल प्रस्तुतीकरण (PPT) के माध्यम से सभी दलों के प्रतिनिधियों को अवगत कराया।
डॉ. पुरुषोत्तम ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया कि, पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और त्रुटिरहित बनाने के लिए निर्वाचन आयोग पूरी तरह मुस्तैद है। उन्होंने सभी राजनैतिक दलों से अपील की कि वे मतदाता सूची को शत-प्रतिशत शुद्ध बनाने में अपना सक्रिय सहयोग दें, ताकि कोई भी पात्र नागरिक अपने मताधिकार से वंचित न रहने पाए। बैठक के दौरान उपस्थित राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भी अपने-अपने सुझाव और अनुभव साझा किए, जिन पर आयोग ने सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
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