
मुंबई। भारतीय क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद स्तंभ में शुमार रहे अजिंक्य रहाणे ने गुरुवार को क्रिकेट के तीनों प्रारूपों से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया। 38 वर्षीय राहणे ने इंस्टाग्राम पर एक भावुक पोस्ट लिखी और अपने शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर पर विराम लगाने की जानकारी दी। रहाणे ने अपने संदेश में लिखा कि “कैप नंबर 278” के साथ अब उनका सफर यहीं थमता है और वर्षों तक मिले स्नेह व समर्थन के लिए उन्होंने प्रशंसकों का हृदय से आभार जताया। अपने इस संदेश में उन्होंने साथी खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ और भारतीय क्रिकेट से जुड़े हर उस शख्स को धन्यवाद दिया जिसने उनके सफर में योगदान दिया।
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गौरतलब है कि, रहाणे बीते आईपीएल सीजन में कोलकाता नाइट राइडर्स की कप्तानी कर रहे थे, लेकिन अब वे इस लोकप्रिय टी20 लीग में भी नजर नहीं आएंगे। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि, यह संन्यास सिर्फ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक सीमित नहीं, बल्कि क्रिकेट के हर फार्मेट को कवर कर रहा है। यानी उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट से ही नहीं बल्कि हर फार्मेट से सन्यास लिया है।
कप्तान के तौर पर भी रहा बेदाग रिकॉर्ड
अजिंक्य रहाणे भारत के उन गिने-चुने क्रिकेटरों में शामिल है, जिन्हें तीनों फॉर्मेट में टीम इंडिया की कमान संभालने का मौका मिला। टेस्ट क्रिकेट में उनकी कप्तानी का रिकॉर्ड बेहद प्रभावशाली रहा। छह मैचों में उन्होंने भारत की अगुवाई की, जिनमें से चार में जीत मिली और दो ड्रॉ पर समाप्त हुए।

सबसे खास बात यह रही कि, उनकी कप्तानी में भारत को टेस्ट क्रिकेट में एक भी हार का सामना नहीं करना पड़ा। वनडे में उन्होंने तीन मुकाबलों में कमान संभाली और तीनों में टीम को जीत दिलाई। टी20 अंतरराष्ट्रीय में उन्होंने दो मैचों में नेतृत्व किया, जिसमें एक जीत और एक हार उनके खाते में दर्ज हुई।
रहाणे का करियर
रहाणे ने भारत के लिए 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले। तीनों प्रारूपों को मिलाकर उन्होंने 35.95 की औसत से कुल 8414 रन बनाए, जिसमें 15 शतक और 51 अर्धशतक शामिल हैं।
टेस्ट क्रिकेट में रहाणे का प्रदर्शन खासतौर पर सराहनीय रहा। उन्होंने 85 मैचों में 38.46 की औसत से 5077 रन बनाए, जिसमें 12 शतक और 26 अर्धशतक शामिल हैं। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 49.50 रहा, और उन्होंने 578 चौके व 35 छक्के जड़े।
वनडे क्रिकेट में उन्होंने 90 मैचों में 35.26 की औसत से 2962 रन बनाए। इसमें 3 शतक और 24 अर्धशतक शामिल रहे, जबकि उनका स्ट्राइक रेट 78.63 का रहा। इस फॉर्मेट में उन्होंने 293 चौके और 33 छक्के लगाए।
टी20 अंतरराष्ट्रीय में रहाणे का करियर उतना लंबा नहीं रहा, लेकिन उन्होंने 20 मैचों में 20.83 की औसत से 375 रन बनाए, जिसमें एक अर्धशतक शामिल है। इस फॉर्मेट में उनका स्ट्राइक रेट 113.29 का रहा, और उन्होंने 32 चौके व 6 छक्के लगाए।
आईपीएल में भी छोड़ी छाप
घरेलू टी20 लीग की बात करें तो रहाणे ने आईपीएल में कई फ्रेंचाइजी टीमों का प्रतिनिधित्व किया, जिनमें कोलकाता नाइट राइडर्स, चेन्नई सुपर किंग्स, राजस्थान रॉयल्स, राइजिंग पुणे सुपरजायंट, दिल्ली कैपिटल्स और मुंबई इंडियंस शामिल हैं। उन्होंने 212 आईपीएल मुकाबलों में 30.15 की औसत से 5367 रन बनाए, जिसमें 2 शतक और 35 अर्धशतक शामिल हैं। लंबे समय तक वे आईपीएल में एक भरोसेमंद और स्थिर बल्लेबाज के रूप में जाने जाते रहे।
गाबा की ऐतिहासिक जीत
अजिंक्य रहाणे के करियर की सबसे यादगार उपलब्धि 2020-21 के ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान सामने आई। एडिलेड टेस्ट में भारतीय टीम को करारी हार का सामना करना पड़ा था, और उसी दौरान कप्तान विराट कोहली व्यक्तिगत कारणों से टीम से बाहर हो गए थे। ऐसे नाजुक मौके पर रहाणे ने टीम की कमान संभाली और मेलबर्न टेस्ट में शानदार शतकीय पारी खेलकर भारत को सीरीज में शानदार वापसी दिलाई।

इसके बाद युवा और अनुभवहीन खिलाड़ियों से सजी भारतीय टीम ने ब्रिस्बेन के ऐतिहासिक गाबा मैदान पर यादगार जीत दर्ज करते हुए ऑस्ट्रेलिया को उसकी ही धरती पर टेस्ट सीरीज में 2-1 से मात दे दी। यह जीत भारतीय क्रिकेट इतिहास की सबसे शानदार उपलब्धियों में गिनी जाती है और इसका पूरा श्रेय रहाणे की सूझबूझ भरी कप्तानी को दिया जाता है। कोच और खिलाड़ियों ने भी उस दौरे में रहाणे के शांत और परिपक्व नेतृत्व की भूरि-भूरि प्रशंसा की थी।
बधाई देने वालों का तांता
रहाणे के संन्यास की घोषणा के बाद क्रिकेट जगत और प्रशंसकों की ओर से उन्हें शुभकामनाओं का तांता लग गया। एक ऐसे बल्लेबाज के रूप में जिसने मुश्किल हालातों में टीम की कमान संभाली और नतीजे दिए, रहाणे को हमेशा भारतीय क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में गिना जाएगा। उनकी शांत स्वभाव, तकनीकी मजबूती और दबाव में संयम बनाए रखने की क्षमता ने उन्हें टीम इंडिया का एक अहम हिस्सा बनाए रखा।
भले ही हाल के वर्षों में उन्हें टीम में नियमित जगह नहीं मिल पाई हो, लेकिन उनके योगदान को भारतीय क्रिकेट के इतिहास में हमेशा सम्मान के साथ याद किया जाएगा। खासतौर पर गाबा टेस्ट की जीत और मेलबर्न में खेली गई उनकी संकटमोचक पारी को क्रिकेट प्रेमी लंबे समय तक याद रखेंगे। अजिंक्य रहाणे के संन्यास के साथ भारतीय क्रिकेट के एक और सुनहरे अध्याय का समापन हो गया है।
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