
गाजियाबाद। गाजियाबाद में घर खरीदने का सपना देख रहे लाखों परिवारों एक लिए अब एक राहत भरी खबर आ रही है। खबर ये है कि, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत लगभग 10 हजार लाभार्थियों का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। दरअसल, केंद्र सरकार के सख्त निर्देशों और तय की गई समयसीमा के बाद गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) और योजना से जुड़े निजी बिल्डरों पर निर्माण कार्य में तेजी लाने का दबाव बढ़ा दिया है। इस योजना के अंतर्गत सभी भवनों की आवंटन प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है और अब कब्जा सौंपने की प्रक्रिया अपने आखिर चरण में है।
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30 सितंबर तक मिलेगा पजेशन
इस पूरे मामले पर जानकार देते हुए जीडीए के सचिव विवेक मिश्र ने बताया कि, योजना से जुड़े सभी बिल्डरों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया है कि, वे किसी भी हाल में 30 अगस्त तक निर्माण कार्य पूरा कर लें क्योंकि 30 सितंबर तक सभी पात्र लाभार्थियों को उनके फ्लैट्स का वास्तविक कब्जा सौंपा जाना है। अधिकारियों का कहना है कि, यह डेडलाइन जानबूझकर सख्ती से तय की गई है, ताकि लाभार्थियों को उनका घर समय से मिल सके और बार-बार उन्हें तारीख देकर टाला न जाये।
केंद्र सरकार ने तलब की प्रगति रिपोर्ट
इस पूरी योजना पर केंद्र सरकार के स्तर से भी निगरानी की जा रही है। केंद्र ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि, 30 सितंबर तक इस योजना से संबंधित प्रगति रिपोर्ट सौंप दी जानी चाहिए। इस रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट रूप से दर्शाना होगा कि, किन-किन प्रोजेक्ट्स में काम पूरा हो चुका है और किन-किन में अभी बाकी है।

इसी सिलसिले में जीडीए के 5 प्रोजेक्ट्स और निजी बिल्डरों के 11 प्रोजेक्ट्स को मिलाकर कुल 16 योजनाओं की बारीकी से समीक्षा की गई है, जिनके तहत करीब 10 हजार फ्लैट्स तैयार किए जा रहे हैं। यह समीक्षा इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इसी के आधार पर आगे की रणनीति तय होगी और जरूरत पड़ने पर देरी करने वाले बिल्डरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी हो सकती है।
फायर सेफ्टी और सीवरेज व्यवस्था पर फोकस
इन आवासीय परियोजनाओं में केवल निर्माण कार्य ही नहीं, बल्कि रहने वालों की सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं पर भी पूरा फोकस किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि, सभी परिसरों में फायर सेफ्टी के पुख्ता प्रबंध किए जा रहे हैं, ताकि भविष्य में कोई अनहोनी न हो। इसके लिए टेंडर पहले ही जारी किए जा चुके हैं, ताकि काम तय समय के भीतर पूरा किया जा सके।
इसके साथ ही सीवरेज की समस्या से निपटने के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का काम भी तेज गति से चल रहा है। प्रशासन का मानना है कि, जब बड़ी संख्या में लोग एक साथ इन कॉलोनियों में बसने आएंगे, तो सीवरेज और सफाई से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं का पहले से तैयार होना बेहद जरूरी है, ताकि आगे चलकर निवासियों को किसी तरह की दिक्कत न झेलनी पड़े।
इन इलाकों में तैयार हुए आवास
निर्माण कार्य की मौजूदा तस्वीर देखें तो जीडीए के डासना, मधुबन बापूधाम और नूर नगर जैसे इलाकों में अब तक कुल 3486 आवास पूरी तरह से तैयार ही चुके हैं। यह आंकड़ा साफ दिखाता है कि, प्राधिकरण के स्तर पर काम काफी तेज रफ्तार से आगे बढ़ा है और निर्माण कार्य पूर्णता के काफी करीब पहुंच चुका है।
वहीं निजी बिल्डरों की बात करें, तो उनके हिस्से में कुल 6481 फ्लैट्स शामिल हैं। राहत की बात यह है कि, इनमें से ज्यादातर फ्लैट्स लगभग तैयार हो चुके हैं। हालांकि, तीन प्रोजेक्ट्स को छोड़कर बाकी सभी में काम आखिरी चरण में चल रहा है। कुल मिलाकर जीडीए की 5 और बिल्डरों की 11 योजनाओं यानी 16 योजनाओं के तहत करीब 10 हजार फ्लैट्स तैयार किए जा रहे हैं, जो आने वाले महीनों में लाभार्थियों को सौंप दिए जाएंगे।

हालांकि, इस बेहतर होती प्रगति के बीच कुछ चुनौतियां भी सामने आई हैं। प्राधिकरण की समीक्षा में यह बात उभरकर आई है कि, निवाड़ी, डासना, मधुबन बापूधाम, प्रताप विहार और नूर नगर क्षेत्रों में जीडीए अपने हिस्से के 3,486 आवासों का निर्माण पूरी तरह पूरा कर चुका है, लेकिन बिल्डरों की 11 योजनाओं के अंतर्गत बन रहे कुल 6,481 फ्लैट्स में से तीन निजी प्रोजेक्ट्स ऐसे हैं, जहां निर्माण कार्य अब तक पूरी तरह संपन्न नहीं हो सका है।
तीन अटके प्रोजेक्ट्स पर खास नजर
प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि, इन तीनों अटके प्रोजेक्ट्स पर खास तौर पर नजर रखी जा रही है और संबंधित बिल्डरों को कड़ी हिदायत दी गई है कि, वे तय समयसीमा के भीतर हर हाल में काम पूरा करें। सूत्रों के मुताबिक, अगर इसके बावजूद निर्माण में देरी जारी रहती है, तो प्राधिकरण संबंधित बिल्डरों के खिलाफ कार्रवाई पर भी विचार कर सकता है, क्योंकि यह मामला सीधे तौर पर हजारों परिवारों के घर के सपने से जुड़ा हुआ है।
जल्द पूरा होगा घर का सपना
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण और केंद्र सरकार की इस साझा कोशिश से यह उम्मीद जगी है कि, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर का इंतजार कर रहे हजारों परिवारों का सपना अब जल्द ही पूरा होने वाला है। अगर तय डेडलाइन के मुताबिक, सभी प्रोजेक्ट्स समय पर पूरे हो जाते हैं, तो सितंबर महीने के अंत तक करीब 10 हजार लाभार्थी परिवार अपने नए घरों में प्रवेश कर सकेंगे। यह योजना गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित होगी, साथ ही इससे गाजियाबाद के शहरी विकास को भी नई गति मिलेगी।
हालांकि, आखिरी पड़ाव में तीन प्रोजेक्ट्स में अटका निर्माण कार्य प्रशासन के सामने एक बड़ी चुनौती बना हुआ है, जिसे समय रहते सुलझाना जरूरी होगा, ताकि किसी भी लाभार्थी परिवार को इस लंबे इंतजार में और अधिक समय न गंवाना पड़े। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प रहेगा कि क्या प्राधिकरण अपनी तय समयसीमा को पूरा कर पाता है और लाभार्थियों को समय पर उनका अपना घर मुहैया करा पाता है।
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