
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। अपनी जनता पार्टी के प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने भगवान राम को लेकर एक बेहद विवादित बयान दे दिया है, जिसके बाद पूरे प्रदेश में सियासी और धार्मिक हलचल तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर उनके इस बयान को लेकर बहस छिड़ गई है और साधु-संतों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। अयोध्या के संत विष्णु दास महाराज ने तो स्वामी प्रसाद मौर्य की जीभ काटने वाले व्यक्ति को पांच लाख रुपये का इनाम देने का सनसनीखेज ऐलान कर दिया है, जिसने पूरे मामले को और गर्मा दिया है।
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ये है पूरा बयान
दरअसल, राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले पर बोलते हुए स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि करोड़ों रुपया लुटेरे लूट ले गए, राम के मंदिर से लूट ले गए, राम के दरबार से लूट ले गए, चांदी और सोना भी उड़ा ले गए। उन्होंने आगे कहा कि जो भगवान अपने मंदिर की रक्षा नहीं कर सके, वे भक्तों की रक्षा क्या करेंगे।

स्वामी प्रसाद मौर्य के इस बयान ने धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाई और देखते ही देखते यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। हिंदू संगठनों और संत समाज ने इस बयान की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए माफी की मांग की है।
संत विष्णु दास ने दी कड़ी चेतावनी
अयोध्या के प्रसिद्ध संत विष्णु दास महाराज ने स्वामी प्रसाद मौर्य के इस विवादित बयान पर बेहद सख्त और आक्रामक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, स्वामी प्रसाद मौर्य सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति के घोर विरोधी हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्ति की जीभ कटने के बाद ही इन्हें चैन मिलेगा। संत विष्णु दास ने यहां तक कह दिया कि, जो व्यक्ति स्वामी प्रसाद मौर्य की जीभ काटेगा उसे वे खुद पांच लाख रुपये का इनाम देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि राम मंदिर राम भक्तों का पवित्र स्थान है और स्वामी प्रसाद मौर्य राम भक्त नहीं बल्कि सनातन और संस्कृति के दुश्मन हैं। संत के इस बयान के बाद धार्मिक और राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
रामचरितमानस पर भी दे चुके हैं विवादित बयान
यह पहली बार नहीं है जब स्वामी प्रसाद मौर्य किसी विवादित बयान की वजह से चर्चा में आए हों। साल 2023 में उन्होंने रामचरितमानस को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया था। उन्होंने रामचरितमानस की कुछ चौपाइयों पर कड़ी आपत्ति जताते हुए उन्हें दलितों, महिलाओं और पिछड़े वर्गों के खिलाफ बताया था। उनके इस बयान ने पूरे उत्तर प्रदेश में आग लगा दी थी। प्रदेश भर में जगह-जगह जबरदस्त विरोध प्रदर्शन हुए, धरने दिए गए और उनके खिलाफ कई जिलों में एफआईआर भी दर्ज की गईं। हिंदू संगठनों ने उन्हें सनातन विरोधी करार देते हुए उनकी गिरफ्तारी की मांग की थी।
हिंदू धर्म को बताया था धोखा
स्वामी प्रसाद मौर्य के विवादित बयानों का सिलसिला यहीं नहीं रुका। एक अन्य मौके पर उन्होंने यह कहकर सबको चौंका दिया था कि हिंदू कोई धर्म नहीं बल्कि एक धोखा है। उनके इस बयान ने भी पूरे प्रदेश में तूफान खड़ा कर दिया था और हिंदू संगठनों ने उनके खिलाफ जमकर प्रदर्शन किए थे। इसके अलावा उन्होंने हिंदू राष्ट्र की मांग करने वालों को देशद्रोही तक कह दिया था और यह तर्क दिया था कि यदि हिंदू राष्ट्र की मांग उठ सकती है तो देश में अन्य अलगाववादी मांगें भी उठ सकती हैं। उनके इस बयान को लेकर भी बड़ा विवाद हुआ था और विपक्षी दलों ने भी उनसे किनारा कर लिया था।
विवादों से पुराना है नाता
स्वामी प्रसाद मौर्य का विवादित बयानों से पुराना और गहरा नाता रहा है। समाजवादी पार्टी में रहते हुए भी वे कई बार अपने बयानों की वजह से सुर्खियों में रहे। धर्म और आस्था से जुड़े मुद्दों पर उनके बयान अक्सर समाज में तीखी प्रतिक्रिया और विवाद पैदा करते रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि, स्वामी प्रसाद मौर्य अपने विवादित बयानों के जरिए हमेशा सुर्खियों में बने रहना चाहते हैं और अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश करते हैं, लेकिन धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले बयान उन्हें बार-बार कानूनी और सामाजिक मुसीबत में डालते रहे हैं।
सियासी गलियारों में हड़कंप
स्वामी प्रसाद मौर्य के इस ताजा बयान के बाद उत्तर प्रदेश के सियासी गलियारों में हड़कंप मच गया है। भाजपा नेताओं ने इस बयान की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह करोड़ों हिंदुओं की आस्था पर सीधा हमला है। विभिन्न हिंदू संगठनों ने स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इस विवाद के और गहराने की आशंका को देखते हुए प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।
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