
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में सार्वजनिक परिवहन को और अधिक आधुनिक, सुलभ और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। ग्रेटर नोएडा वेस्ट के औद्योगिक क्षेत्र ईकोटेक-12 में शहर का पहला इलेक्ट्रिक बस डिपो स्थापित किया जाएगा। इस डिपो में एक साथ 100 इलेक्ट्रिक बसों की पार्किंग, संचालन और चार्जिंग की आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इस योजना को साकार करने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का प्लानिंग विभाग उपयुक्त भूमि की तलाश में सक्रिय रूप से जुटा हुआ है।
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स्थायी चार्जिंग सुविधा का अभाव
इस समय नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना सिटी के संयुक्त क्षेत्र में कुल 100 इलेक्ट्रिक बसें यात्री सेवा में लगी हुई हैं। इनमें से नोएडा प्राधिकरण 50 बसों का संचालन कर रहा है, जबकि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और यमुना प्राधिकरण के पास 25-25 बसें हैं।

हरित ऊर्जा से चलने वाली ये बसें न केवल पर्यावरण के लिए लाभदायक हैं, बल्कि शहरवासियों को किफायती और सुविधाजनक यातायात का विकल्प भी दे रही हैं। हालांकि, इन बसों के सुचारू संचालन के सामने एक बड़ी व्यावहारिक चुनौती अब भी बनी हुई है और वह है स्थानीय चार्जिंग सुविधाओं का अभाव।
गाजियाबाद पर निर्भरता है बाधा
ग्रेटर नोएडा में संचालित इलेक्ट्रिक बसों को प्रतिदिन चार्जिंग के लिए गाजियाबाद के मोहन नगर तक जाना पड़ता है। बसें वहां से पूरी तरह चार्ज होकर सुबह सेवा में आती हैं। इससे न केवल समय और ऊर्जा की बर्बादी होती है, बल्कि परिचालन लागत भी बढ़ जाती है। यदि किसी बस को दिन के दौरान दोबारा चार्जिंग की जरूरत पड़े, तो स्थिति और भी जटिल हो जाती है। इसी समस्या को दूर करने के लिए प्राधिकरण स्थानीय स्तर पर चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की योजना पर तेजी से काम कर रहा है।
ईकोटेक-12 में बनेगा शहर का पहला ई-बस डिपो
प्रस्तावित ईकोटेक-12 बस डिपो इस समस्या का स्थायी समाधान बनेगा। इस डिपो में आधुनिक चार्जिंग उपकरण लगाए जाएंगे, जो एक साथ कई बसों को तेज गति से चार्ज करने में सक्षम होंगे। इसके अलावा बसों की नियमित देखरेख, मरम्मत और रखरखाव की सुविधा भी यहाँ उपलब्ध होगी। डिपो के तैयार होने के बाद न केवल बसों की परिचालन दक्षता बढ़ेगी, बल्कि दूसरे शहरों पर निर्भरता भी पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। इससे यात्रियों को समय पर और निर्बाध बस सेवा मिलना सुनिश्चित हो सकेगा।
15 दिनों में लगेंगे 12 नए ईवी चार्जिंग स्टेशन
दीर्घकालिक डिपो परियोजना के साथ-साथ प्राधिकरण ने तत्काल राहत के लिए एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अगले 15 दिनों के भीतर ग्रेटर नोएडा ईस्ट और वेस्ट में 12 नए ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। ये चार्जिंग स्टेशन होंगे कासना बस डिपो में 5 स्टेशन, सिटी पार्क के निकट 2 स्टेशन और ग्रेटर नोएडा वेस्ट में 5 स्टेशन। वर्तमान में शहर में सिटी पार्क, एक्सपो मार्ट नॉलेज पार्क और तिलपता क्षेत्र में एनपीसीएल के चार्जिंग स्टेशन पहले से उपलब्ध हैं। नए स्टेशन जुड़ने से चार्जिंग नेटवर्क काफी विस्तृत और सुदृढ़ हो जाएगा।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ प्रेरणा सिंह ने जानकारी दी कि फिलहाल ग्रेटर नोएडा से संचालित चारों बस मार्ग नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक जा रहे हैं, लेकिन पिछले 10 दिनों के संचालन अनुभव से यह सामने आया है कि एयरपोर्ट रूट पर यात्रियों की संख्या अपेक्षा से कम रही है। इसे देखते हुए अब सर्वे के आधार पर नए और अधिक उपयोगी रूट निर्धारित करने की योजना बनाई जा रही है।
प्राधिकरण का लक्ष्य है कि मोहन नगर, वसुंधरा, इंदिरापुरम, कनावनी, दादरी और अधिक घनी आबादी वाले सेक्टरों को ई-बस सेवा से जोड़ा जाए, ताकि अधिकतम लोगों को इस सेवा का सीधा लाभ मिल सके। इन संशोधित रूटों और नई समय-सारिणी की घोषणा अगले एक-दो दिनों में किए जाने की संभावना है।
हर 15 से 30 मिनट में मिलेगी बस
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रविकुमार ने बताया कि, यूपीएसआरटीसी के निर्धारित मानकों के अनुसार बसों का संचालन प्रतिदिन सुबह साढ़े चार बजे से आरंभ होता है। यात्रियों को हर 15 से 30 मिनट के अंतराल पर बस सेवा उपलब्ध कराई जाती है, जिससे यात्रियों को लंबे समय तक प्रतीक्षा न करनी पड़े। उन्होंने स्पष्ट किया कि ई-बसों की पहुंच को और व्यापक बनाने के लिए नए रूट तय करने और चार्जिंग सुविधाओं के विस्तार पर प्राथमिकता के आधार पर काम किया जा रहा है।
कुल मिलाकर, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की यह पहल शहर के सार्वजनिक परिवहन तंत्र को एक नई दिशा देने की ओर है। पहला ई-बस डिपो, नए चार्जिंग स्टेशन और यात्री-केंद्रित नए रूट, ये तीनों मिलकर ग्रेटर नोएडा को एक स्मार्ट, टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल शहर के रूप में स्थापित करने में सहायक सिद्ध होंगे।
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