
आगरा। ताज नगरी आगरा अब सिर्फ पर्यटन के लिए ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं के एक बड़े केंद्र के रूप में भी अपनी पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। लंबे समय से यहां के मरीज गंभीर बीमारियों के बेहतर इलाज के लिए दिल्ली और एनसीआर के अस्पतालों का रुख करते रहे हैं, लेकिन आने वाले वर्षों में यह तस्वीर बदल सकती है। आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) की महत्वाकांक्षी ग्रेटर आगरा आवासीय योजना के अंतर्गत 60 हेक्टेयर क्षेत्र में एक विशाल मेडिसिटी विकसित करने की तैयारी शुरू कर दी गई है, जो स्थानीय निवासियों को उनके अपने शहर में ही अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराएगी।
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पूरे ब्रज को मिलेगा फायदा
यह प्रस्तावित मेडिसिटी केवल आगरा शहर तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसका दायरा पूरे ब्रज क्षेत्र तक फैलेगा। इस मेडिकल हब में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, अत्याधुनिक क्लीनिक, हाईटेक डायग्नोस्टिक सेंटर और कई विशेषज्ञ चिकित्सा संस्थान एक साथ स्थापित किए जाएंगे, जिससे एक ही जगह पर मरीजों को व्यापक इलाज की सुविधा मिल सकेगी।

प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि, इस परियोजना के पूरा होने के बाद लाखों लोगों को गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए दिल्ली या अन्य महानगरों की ओर भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी और यह क्षेत्रीय स्तर पर ही उन्हें भरोसेमंद और उन्नत चिकित्सा सेवाएं प्रदान करेगी।
कहां बस रही मेगा टाउनशिप योजना
ग्रेटर आगरा योजना की लोकेशन की बात करें, तो इसे लखनऊ एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़ने वाले इनर रिंग रोड के नजदीक, एत्मादपुर क्षेत्र के रहनकला और रायपुर गांवों में विकसित किया जा रहा है। यह कोई छोटी परियोजना नहीं है, करीब 449 हेक्टेयर भूमि पर फैले इस मेगा प्रोजेक्ट के तहत कुल 10 आधुनिक टाउनशिप बसाई जानी हैं। इन टाउनशिप में आवासीय, व्यावसायिक, शैक्षणिक और स्वास्थ्य, इन चारों क्षेत्रों का समन्वित और योजनाबद्ध विकास किया जाएगा ताकि निवासियों को एक ही जगह पर जीवन की सभी जरूरी सुविधाएं मिल सकें।
जमीन का हुआ अधिग्रहण
मेडिसिटी की सटीक लोकेशन को लेकर एडीए के मुख्य अभियंता ने जानकारी दी है। उनके अनुसार पूरी योजना के विस्तार के मकसद से एत्मादपुर के मदरा क्षेत्र में अतिरिक्त 124 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है और इसी भूमि में से 60 हेक्टेयर हिस्सा खासतौर पर मेडिसिटी के निर्माण के लिए आरक्षित रखा गया है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया फिलहाल अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और साथ ही प्रभावित किसानों को मुआवजा देने का काम भी तेज गति से चलाया जा रहा है। प्रशासन की योजना है कि यह प्रक्रिया पूरी होते ही जमीन पर निर्माण कार्य को जल्द से जल्द शुरू कर दिया जाए।
बड़े अस्पताल समूहों जोड़ने की योजना
इस मेडिसिटी को सही मायनों में एक वर्ल्ड-क्लास हेल्थ हब बनाने के लिए प्रशासन देश के नामी और प्रतिष्ठित अस्पताल समूहों को यहां निवेश के लिए आमंत्रित करने की योजना बना रहा है। लक्ष्य यह है कि यहां हृदय रोग, कैंसर, न्यूरोलॉजी और ट्रॉमा केयर सहित अन्य गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की चिकित्सा सुविधाएं विकसित की जाएं।

अगर यह योजना सफलतापूर्वक धरातल पर उतरती है, तो इसका सीधा फायदा न सिर्फ आगरा बल्कि मथुरा, फिरोजाबाद, हाथरस और इसके आसपास के तमाम जिलों के मरीजों को भी मिलेगा, जो अभी तक गंभीर इलाज के लिए लंबी दूरी तय करने को मजबूर रहे हैं।
शासन-प्रशासन गंभीर
इस परियोजना को लेकर राज्य स्तर पर भी गंभीरता दिखाई जा रही है। कुछ दिन पहले ही प्रमुख सचिव पी. गुरुप्रसाद ने खुद मौके पर पहुंचकर ग्रेटर आगरा योजना की प्रगति का जायजा लिया था और इससे जुड़े कामों की समीक्षा की थी। यह दौरा इस बात का संकेत है कि सरकार इस प्रोजेक्ट को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाना चाहती है। एडीए अधिकारियों की मानें, तो जुलाई महीने से ग्रेटर आगरा योजना के अंतर्गत प्लॉट और संपत्तियों के लिए बुकिंग प्रक्रिया शुरू की जा सकती है, जिससे निवेशकों और आम लोगों दोनों को इस योजना का हिस्सा बनने का मौका मिलेगा।
ताज सिटी के साथ हेल्थ सिटी भी होगी पहचान
अगर यह पूरी योजना तय समयसीमा के भीतर सफलतापूर्वक पूरी होती है, तो इसका असर सिर्फ स्वास्थ्य क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा। आगरा पहले से ही ताजमहल की वजह से वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर एक प्रमुख नाम है, लेकिन इस मेडिसिटी के बन जाने के बाद शहर एक नई पहचान भी हासिल कर सकता है और आने वाले समय में आगरा एक साथ दो बड़ी भूमिकाएं निभा सकता है, पर्यटन की राजधानी और स्वास्थ्य सेवाओं का हब, जो शहर के आर्थिक और सामाजिक विकास दोनों के लिहाज से एक बड़ा कदम साबित होगा।
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