UPSSF का होगा विस्तार, आगरा, बरेली और आजमगढ़ में बनेंगी विशेष बटालियनें

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक चाक-चौबंद, आधुनिक और सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक बेहद महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है। सीएम योगी आदित्यनाथ के जीरो टॉलरेंस विजन को आगे बढ़ाते हुए उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल को आने वाले सालों में बड़े पैमाने पर विस्तार देने की तैयारी पूरी कर ली गई है। इस महा-विस्तार योजना के तहत न केवल बल की जनशक्ति और बटालियनों की संख्या में भारी इजाफा किया जाएगा, बल्कि इसकी कार्यप्रणाली और अधिकार क्षेत्र का भी अभूतपूर्व दायरा बढ़ाया जा रहा है।

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कानून व्यवस्था को मिलेगा मजबूत आयाम

प्रस्तावित योजना के तहत, अब तक एक सीमित और विशेष दायरे में काम कर रहे इस बल को प्रदेश के अधिकतर संवेदनशील प्रतिष्ठानों, अदालतों, धार्मिक स्थलों और महत्वपूर्ण परिवहन बुनियादी ढांचे तक फैलाने की एक बेहद रणनीतिक और ठोस रणनीति तैयार की गई है। इस विस्तार का सबसे बड़ा और क्रांतिकारी पहलू यह है कि, बल के भीतर अब विशेष तौर पर महिला और अदालत सुरक्षा के लिए समर्पित बटालियनों का गठन किया जाएगा, जिससे प्रदेश की कानून-व्यवस्था को एक नया और मजबूत आयाम मिलेगा।

UPSSF

इस पूरी विस्तार योजना का सबसे प्रमुख आकर्षण और फोकस पॉइंट नए और विशिष्ट बटालियनों का गठन करना है। सरकार के नए प्रस्ताव के अनुसार, उत्तर प्रदेश के तीन महत्वपूर्ण और रणनीतिक रूप से अहम जिलों आगरा, बरेली और आजमगढ़ में विशेष ‘महिला और अदालत बटालियन’ बनाने की योजना शामिल है। इन बटालियनों में महिला सुरक्षाकर्मियों की संख्या को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि वे अदालतों और सार्वजनिक स्थलों पर महिलाओं से जुड़े सुरक्षा मामलों को अधिक संवेदनशीलता और कुशलता से संभाल सकें।

विशाल बटालियन का होगा गठन

इसके अतिरिक्त, बुनियादी ढांचे और परिवहन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तीन अन्य महत्वपूर्ण बटालियनों के गठन पर भी काम बहुत तेजी से प्रस्तावित है। इसके तहत मेरठ रीजन में रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए 1050 जवानों की क्षमता वाली एक विशाल ‘7वीं बटालियन’ का गठन किया जाएगा। वहीं, देश की सांस्कृतिक राजधानी वाराणसी की सुरक्षा के लिए एक नई ‘8वीं बटालियन’ और औद्योगिक नगरी कानपुर नगर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगभग 978 जवानों की क्षमता वाली ‘9वीं बटालियन’ गठित करने का खाका तैयार कर लिया गया है।

भविष्य की इस व्यापक योजना में मुख्य फोकस सुरक्षा के दायरे को हर स्तर पर बढ़ाना है। प्रस्ताव के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के शेष बचे सभी 70 जिला न्यायालयों की सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से UPSSF के हाथों में सौंपने की तैयारी है। वर्तमान में यह बल केवल कुछ चुनिंदा अदालतों की ही सुरक्षा संभाल रहा है, लेकिन आने वाले समय में प्रदेश की हर जिला अदालत की सुरक्षा इसी विशेष बल के जिम्मे होगी।

जल्द शुरू होगी प्रक्रिया

अदालतों के अलावा, उत्तर प्रदेश के हवाई परिवहन ढांचे को भी इस सुरक्षा कवच से पूरी तरह ढकने की तैयारी है। इसके तहत सूबे के सभी घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट्स, सोनभद्र एयरपोर्ट और भारतीय रिजर्व बैंक के लखनऊ व कानपुर स्थित दोनों अत्यंत संवेदनशील क्षेत्रीय कार्यालयों को भी पूरी तरह से UPSSF के सुरक्षा दायरे में लाने की योजना बनाई गई है। इससे राज्य के आर्थिक और रणनीतिक केंद्रों को चौबीसों घंटे एक विशेष और प्रशिक्षित सुरक्षा घेरा मिल सकेगा।

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इस सुरक्षा बल को न केवल संख्या बल में बड़ा किया जा रहा है, बल्कि इसके आधुनिकीकरण और नए मानव संसाधन की भर्ती को भी योजना में सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। बल की ताकत बढ़ाने के लिए तत्काल प्रभाव से 60 सब-ईस्पेक्टर और 1341 आरक्षियों की नई और विशेष भर्ती प्रस्तावित की गई है, जिसकी प्रक्रिया जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है।

अत्याधुनिक उपकरणों से लैस होगी बटालियन

बल को तकनीकी रूप से आधुनिक और किसी भी प्रकार के आतंकी या अप्रत्याशित खतरे से निपटने के योग्य बनाने के लिए बजट का एक बड़ा हिस्सा आवंटित किया गया है। योजना के अनुसार, बम निरोधक दस्तों को विश्वस्तरीय और अत्याधुनिक उपकरणों से लैस करने के लिए ₹14.12 करोड़ की भारी राशि से नए गैजेट्स और तकनीक खरीदी जाएगी।

इसके साथ ही, जवानों की सुरक्षा और मारक क्षमता को बढ़ाने के लिए नए और आधुनिक छोटे-बड़े हथियारों की खरीद पर भी 4.83 करोड़ रूपये खर्च किए जाएंगे। यह पूरा बजट मुख्य रूप से UPSSF की विशेष सुरक्षा क्षमता को बढ़ाने, विस्फोटक निरोधक व्यवस्था को अत्यधिक मजबूत करने और संपूर्ण फोर्स को हाई-टेक हथियारों से लैस करने के लिए प्रस्तावित किया गया है।

अगर वर्तमान परिदृश्य की बात करें, तो उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल (UPSSF) इस समय राज्य के कई अति-महत्वपूर्ण केंद्रों पर अपनी सेवाएं बहुत ही मुस्तैदी के साथ दे रहा है। वर्तमान में UPSSF की कुल तैनाती लगभग 5,761 कुशल और प्रशिक्षित सुरक्षाकर्मियों के साथ अलग-अलग बटालियनों में बंटी हुई है। इनमें मुख्य रूप से लखनऊ, गोरखपुर, प्रयागराज, मथुरा, सहारनपुर और अयोध्या जैसी महत्वपूर्ण और संवेदनशील जिलों की इकाइयां पूरी तरह सक्रिय हैं।

अभी इन जगहों पर तैनात है UPSSF

अपने वर्तमान परिचालन क्षेत्र के तहत, यूपीएसएसएफ अभी प्रदेश के 11 प्रमुख एयरपोर्ट्स, 4 बड़े शहरों के मेट्रो नेटवर्क (जैसे लखनऊ, कानपुर आदि), मेरठ आरआरटीएस (RRTS), उत्तर प्रदेश शासन के मुख्य केंद्र ‘लोकभवन’, अयोध्या स्थित भव्य ‘श्री राम जन्मभूमि मंदिर’ परिसर और प्रदेश की पांच अति-संवेदनशील जिला अदालतों की सुरक्षा का जिम्मा बेहद सफलतापूर्वक संभाल रहा है।

UPSSF

फोर्स के विस्तार के साथ-साथ उनके रहने, प्रशिक्षण और प्रशासनिक कार्यों के लिए बुनियादी ढांचे का निर्माण भी युद्धस्तर पर चल रहा है। राजधानी लखनऊ में बनने वाले UPSSF के मुख्य मुख्यालय और इसकी पहली बटालियन के प्रशासनिक व आवासीय भवनों का निर्माण कार्य 76 फीसदी से ज्यादा पूरा हो चुका है। सरकार ने इसके लिए एक कड़ा समय तय किया है, जिसके तहत इस पूरे मुख्यालय परिसर का निर्माण कार्य इसी वर्ष सितंबर महीने तक शत-प्रतिशत पूरा कर लिया जाना है।

इसके अलावा, मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र गोरखपुर में दूसरी बटालियन के कैंप और भवनों का निर्माण कार्य भी बहुत तेजी से जारी है। वहीं, राज्य के अन्य चिन्हित केंद्रों जैसे प्रयागराज, मथुरा, सहारनपुर और अयोध्या में बल की आवश्यकताओं के अनुसार अलग-अलग चरणों में जमीन अधिग्रहण, डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने और निर्माण कार्यों के लिए टेंडर जारी करने की प्रक्रिया बहुत ही व्यवस्थित ढंग से चल रही है। आने वाले समय में यह बल देश के सबसे बेहतरीन और अत्याधुनिक विशेष सुरक्षा बलों में से एक बनकर उभरेगा।

 

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