
ऋषिकेश। देवभूमि उत्तराखंड की आध्यात्मिक ऊर्जा और विकास के संकल्प को एक सूत्र में पिरोते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को ऋषिकेश में एक महत्वपूर्ण मुलाकात की। ऋषिकेश के शीशम झाड़ी स्थित आर्ट ऑफ लिविंग आश्रम पहुंचे मुख्यमंत्री ने विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर से भेंट कर उनका आशीर्वाद लिया।
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इन मुद्दों पर हुआ विमर्श
यह मुलाकात केवल एक औपचारिक भेंट नहीं थी, बल्कि इसमें राज्य की प्रगति, सामाजिक समरसता और युवाओं में नैतिक मूल्यों के संचार जैसे गंभीर विषयों पर गहन विमर्श हुआ। एक तरफ जहां मुख्यमंत्री ने राज्य के समग्र विकास के लिए संतों के मार्गदर्शन को अनिवार्य बताया, वहीं दूसरी ओर सरकार ने प्रदेश की सुरक्षा और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 75 करोड़ रुपये के बड़े बजट को भी हरी झंडी दिखाई है। आइए जानते हैं इस मुलाकात के मायने और उत्तराखंड के विकास को लेकर सरकार की नई रणनीति।

ऋषिकेश की पावन धरा पर बुधवार का दिन आध्यात्मिक और प्रशासनिक समन्वय का साक्षी बना। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शीशम झाड़ी स्थित आश्रम पहुंचकर आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक और आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने गुरुजी के चरणों में शीश नवाया और उनसे प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए आशीर्वाद मांगा। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री धामी और श्रीश्री रविशंकर के बीच लंबी बातचीत हुई।
चर्चा का मुख्य केंद्र बिंदु सामाजिक सद्भाव और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का प्रसार रहा। मुख्यमंत्री ने आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि, यह संस्थान न केवल भारत में बल्कि पूरी दुनिया में शांति, योग और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि श्री श्री रविशंकर के मार्गदर्शन में समाज में जो सकारात्मक बदलाव आ रहे हैं, वे उत्तराखंड जैसे आध्यात्मिक राज्य के लिए अत्यंत प्रेरणादायक हैं।
मुख्यमंत्री का मानना है कि, उत्तराखंड को सांस्कृतिक राजधानी के रूप में विकसित करने के लिए आध्यात्मिक गुरुओं का अनुभव और दृष्टिकोण अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि, संतों का सानिध्य सरकार को लोक-कल्याण के कार्यों में नई ऊर्जा प्रदान करता है।
श्री श्री रविशंकर का संदेश
मुख्यमंत्री को आशीर्वाद देते हुए श्री श्री रविशंकर ने उत्तराखंड की प्रगति और समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि, उत्तराखंड की पहचान उसकी अनुपम प्राकृतिक सुंदरता और गहरी आध्यात्मिक विरासत से है। वैश्विक स्तर पर उत्तराखंड को जो मान-सम्मान मिलता है, उसके पीछे यहां की पवित्र नदियां और हिमालय की तपस्थली का बड़ा योगदान है। श्री श्री रविशंकर ने इस बात पर बल दिया कि राज्य के गौरव को और अधिक मजबूत करने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है, जहां सरकार और समाज मिलकर काम करें।
युवाओं से आह्वान
आश्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने युवाओं की भूमिका पर विशेष चर्चा की। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं को न केवल तकनीकी रूप से दक्ष होना चाहिए, बल्कि उनमें देशभक्ति की प्रबल भावना भी होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी जड़ों से जुड़े रहें और समाज सेवा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दें। उन्होंने कहा कि जब युवाओं को आध्यात्मिक मार्गदर्शन और आधुनिक शिक्षा का सही संगम मिलता है, तब वे देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में सक्षम होते हैं।
विकास को नई गति
मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री ने शासन स्तर पर राज्य के विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी साझा की। प्रदेश की सुरक्षा और जनसुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री धामी ने 75 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। इस बजट का उपयोग मुख्य रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों में किया जाएगा।
योगनगरी ऋषिकेश में आर्ट ऑफ लिविंग संस्था के संस्थापक, आध्यात्मिक गुरु ‘पद्म विभूषण’ श्री श्री रविशंकर जी से भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर उनसे विभिन्न आध्यात्मिक विषयों पर चर्चा भी हुई।@Gurudev pic.twitter.com/MLDZlmxtro
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) March 18, 2026
साइबर अपराध पर लगाम: बढ़ते डिजिटल युग में साइबर ठगी और अपराधों से निपटने के लिए पुलिस और जांच एजेंसियों को अत्याधुनिक संसाधनों से लैस किया जाएगा।
बुनियादी ढांचे का विकास: विशेष रूप से अनुसूचित जाति बहुल क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए विशेष फंड जारी किया गया है।
सड़कों का कायाकल्प: विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में जर्जर सड़कों के पुनर्निर्माण और नई सड़कों के जाल को बिछाने के लिए योजना तैयार की गई है, ताकि राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों तक कनेक्टिविटी को सुधारा जा सके।
आध्यात्मिक पर्यटन और सुरक्षा का समन्वय
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार ‘विकास भी, विरासत भी’ के मंत्र पर काम कर रही है। ऋषिकेश की इस यात्रा ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सरकार राज्य के भौतिक विकास के साथ-साथ यहाँ की आध्यात्मिक चेतना को भी संरक्षित करना चाहती है। श्री श्री रविशंकर जैसी वैश्विक विभूतियों के साथ इस तरह की मुलाकातें राज्य के लिए पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के नए रास्ते खोलती हैं।
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