लखनऊ: साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश ने जो मजबूत पहचान बनाई है, उसकी गूंज अब वैश्विक मंच पर सुनाई देने वाली है। दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित साइबर सुरक्षा सम्मेलनों में शुमार ‘साइबरटेक ग्लोबल तेल अवीव-2026’ में इस बार भारत, खासकर उत्तर प्रदेश की साइबर शक्ति पूरी दुनिया के सामने प्रस्तुत होगी। 26 से 28 जनवरी 2026 तक इज़रायल के तेल अवीव में आयोजित होने वाले इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में यूपी के साइबर विशेषज्ञ भारत की तकनीक, अनुभव और साइबर सुरक्षा मॉडल को वैश्विक मंच पर साझा करेंगे।

वैश्विक मंच पर भारत से दो दिग्गज चीफ मेंटर
इस सम्मेलन में भारत की ओर से दो बड़े नाम चीफ मेंटर के रूप में शामिल हो रहे हैं। इनमें भारत सरकार के पूर्व राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा कोऑर्डिनेटर माधवन उन्नीकृष्णन नायर और उत्तर प्रदेश से ‘एशिया के साइबर कॉप’ के नाम से पहचाने जाने वाले प्रो. त्रिवेणी सिंह शामिल हैं। दोनों विशेषज्ञ दुनिया के शीर्ष साइबर वैज्ञानिकों, नीति निर्माताओं और टेक्नोलॉजी लीडर्स के सामने भारत और यूपी में अपनाए जा रहे साइबर सुरक्षा उपायों, तकनीकी नवाचारों और अनुभवों को साझा करेंगे।
अमेरिका से यूरोप तक, 20 से ज्यादा देशों के एक्सपर्ट होंगे शामिल
तेल अवीव में होने वाले इस वैश्विक साइबर सम्मेलन में अमेरिका, जापान, स्पेन, इटली, इंग्लैंड, जर्मनी, साइप्रस, स्कॉटलैंड, वेल्स, उत्तरी आयरलैंड, रोमानिया, फिलीपींस, संयुक्त अरब अमीरात, बेल्जियम, लातविया, नीदरलैंड, अल्बानिया, उरुग्वे, हंगरी समेत कई देशों के साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ और नीति निर्माता हिस्सा लेंगे। यह मंच दुनिया भर के देशों के लिए साइबर चुनौतियों और समाधानों पर मंथन का बड़ा केंद्र बनेगा।
सीएम योगी के विजन से मजबूत हुआ ‘साइबर सेफ उत्तर प्रदेश’ मॉडल
उत्तर प्रदेश में साइबर सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप एआई और साइबर सिक्योरिटी को प्रशासनिक और शैक्षणिक ढांचे का अहम हिस्सा बनाया गया है। सोशल मीडिया के दुरुपयोग, दुष्प्रचार, डीपफेक, डार्क वेब, साइबर अपराध और आतंकी नेटवर्क जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए सख्त रणनीति अपनाई जा रही है। इसी कड़ी में प्रो. त्रिवेणी सिंह के नेतृत्व में ‘साइबर सेफ उत्तर प्रदेश’ अभियान चलाया जा रहा है, जिसकी चर्चा अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने जा रही है।
यूपी का साइबर सिस्टम समझेंगे दूसरे देश
प्रो. त्रिवेणी सिंह अपने 25 वर्षों से अधिक के अनुभव के आधार पर बताएंगे कि किस तरह उत्तर प्रदेश ने सीएम योगी के नेतृत्व में साइबर अपराध, वित्तीय धोखाधड़ी और टेक्नोलॉजी आधारित अपराधों से निपटने के लिए एक मजबूत और प्रभावी सिस्टम विकसित किया है। वहीं, माधवन उन्नीकृष्णन नायर भारत के राष्ट्रीय साइबर फ्रेमवर्क और नीति स्तर के अनुभव को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करेंगे।
साइबर सहयोग, टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप और बिजनेस पर होगा मंथन
सम्मेलन में इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भी प्रमुख वक्ता के रूप में शामिल होंगे। इस दौरान भारत समेत 20 से अधिक देशों के बीच साइबर सिक्योरिटी सहयोग, टेक्नोलॉजी साझेदारी और साइबर बिजनेस की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा होगी। यह मंच न केवल नीतिगत सहयोग बल्कि तकनीकी और व्यावसायिक अवसरों के लिए भी अहम माना जा रहा है।
भारत को ग्लोबल साइबर सिक्योरिटी हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम
साइबरटेक ग्लोबल तेल अवीव-2026 सम्मेलन भारत की साइबर शक्ति को वैश्विक पहचान दिलाने के साथ देश को भविष्य का ग्लोबल साइबर सिक्योरिटी हब बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इसमें साइबर सिक्योरिटी टेक्नोलॉजी, स्टार्टअप्स, इनोवेशन और बिजनेस अवसरों को लेकर विशेष मंथन किया जाएगा, जिससे भारत और उत्तर प्रदेश दोनों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई संभावनाएं मिल सकती हैं।
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