योगी सरकार ने डीजीपी की नियुक्ति पर बनाई नई नियमावली तो अखिलेश यादव ने किया तीखा कटाक्ष

समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने मंगलवार को पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) की नियुक्ति को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तीखा कटाक्ष किया है। दरअसल, योगी सरकार ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) की नियुक्ति के लिए एक नई नियमावली को मंजूरी दी है।

नई नियमावली के अनुसार, डीजीपी की नियुक्ति अब कम से कम दो साल के लिए की जाएगी और नियुक्ति के लिए सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली एक नामांकन समिति को अधिकृत किया गया है। नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, डीजीपी की नियुक्ति तभी की जा सकती है, जब उनकी सेवा में कम से कम छह महीने शेष हों।

योगी सरकार के इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने प्रशासन की स्थिरता पर सवाल उठाया। एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि सुना है किसी बड़े अधिकारी को स्थायी पद देने और और उसका कार्यकाल 2 साल बढ़ाने की व्यवस्था बनायी जा रही है। सवाल ये है कि व्यवस्था बनाने वाले ख़ुद 2 साल रहेंगे या नहीं।

संभावित सत्ता संघर्ष का संकेत देते हुए उन्होंने कहा कि क्या यह दिल्ली से बागडोर अपने हाथों में लेने का प्रयास है? दिल्ली बनाम लखनऊ 2.0।

अखिलेश यादव ने सोमवार को भी किया था बड़ा हमला

इससे पहले, सोमवार अखिलेश को यादव ने उत्तर प्रदेश में उपचुनावों के पुनर्निर्धारण को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधा था।

चुनाव आयोग द्वारा उत्तर प्रदेश, केरल और पंजाब में उपचुनावों को 13 नवंबर से 20 नवंबर तक स्थगित करने के फैसले के बाद, यादव ने टिप्पणी की कि टालेंगे तो और भी बुरा हारेंगे!

उन्होंने कहा कि पहले मिल्कीपुर का उपचुनाव टाला, अब बाक़ी सीटों के उपचुनाव की तारीख़, भाजपा इतनी कमजोर कभी न थी। दरअसल बात ये है कि उप्र में ‘महा-बेरोज़गारी’ की वजह से जो लोग पूरे देश में काम-रोज़गार के लिए जाते हैं, वो दिवाली और छठ की छुट्टी लेकर उप्र आए हुए हैं, और उपचुनाव में भाजपा को हराने के लिए वोट डालने वाले थे।

उन्होंने कहा कि जैसे ही भाजपा को इसकी भनक लगी, उसने उपचुनावों को आगे खिसका दिया, जिससे लोगों की छुट्टी ख़त्म हो जाए और वो बिना वोट डाले ही वापस चले जाएं। ये भाजपा की पुरानी चाल है।

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चुनाव आयोग ने मतदाताओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए पहले ही मतदान की तिथियों को पुनर्निर्धारित कर दिया है। 20 नवंबर को केरल में एक, पंजाब में चार और उत्तर प्रदेश में नौ निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान होगा, 23 नवंबर को मतगणना होगी और 25 नवंबर तक अंतिम परिणाम आने की उम्मीद है।