‘जो सनातन धर्म को नजरंदाज करेंगे, वे कभी सरकार नहीं बना पाएंगे: अमित शाह
अहमदाबाद। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सनातन धर्म और उसकी परंपराओं को लेकर एक बड़ा राजनीतिक बयान दिया है। उनका कहना है कि, सफलता के लिए संतों का आशीर्वाद जरूरी होता है। गुजरात के गांधीनगर में स्वामीनारायण संप्रदाय के एक कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा कि, जो भी सरकार सनातन धर्म के मानने वालों को निराश करेगी, वह देश में दोबारा सत्ता में नहीं आ सकती। उनके इस बयान को आने वाली राजनीतिक स्थिति और सांस्कृतिक चर्चा के संदर्भ में देखा जा रहा है।

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शिक्षापत्री’ की 200वीं वर्षगांठ में की शिरकत

यह कार्यक्रम स्वामीनारायण संप्रदाय के पवित्र ग्रंथ ‘शिक्षापत्री’ की 200वीं वर्षगांठ मनाने के लिए आयोजित किया गया था। शिक्षापत्री में 212 संस्कृत श्लोक हैं, जिन्हें भगवान स्वामीनारायण ने 1826 में लिखा था। यह ग्रंथ अनुयायियों को आचरण, नैतिकता, समाज और आध्यात्मिक जीवन के बारे में मार्गदर्शन देता है। अमित शाह ने कहा कि, आज़ादी के बाद लंबे समय तक ऐसी सरकार का इंतज़ार था जो सनातन परंपराओं को उचित सम्मान दे।
सनातन धर्म पर शाह का संदेश
अमित शाह ने कहा कि संतों के आशीर्वाद से ही हर किसी को सफलता मिलती है। ऐसे में उन्हें पूरा विश्वास है कि, जो भी सरकार सनातन धर्म के मूल्यों को कमज़ोर करेगी, वह दोबारा सत्ता में नहीं आएगी। उन्होंने कहा, आज देश में ऐसी सरकार है, जो सनातन धर्म के सिद्धांतों के अनुसार शासन कर रही है और सांस्कृतिक विरासत को मज़बूत कर रही है। अपने संबोधन में गृहमंत्री ने मोदी के कार्यकाल में सनातन धर्म के लिए किये गए कार्यों का भी जिक्र किया।
गिनाईं मोदी सरकार की उपलब्धियां
उन्होंने कहा, गुजरात के बेटे नरेंद्र मोदी पिछले 11 सालों से देश का नेतृत्व कर रहे हैं। उनके शासन काल में 550 साल पहले तोड़े गए राम मंदिर का निर्माण पूरा हुआ। मोदी सरकार के कार्यकाल में अनुच्छेद 370 और तीन तलाक खत्म किए गए। सभी धर्मों के लिए समान नागरिक संहिता की पहल की गई है। सरकार ने भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को मज़बूत किया है। साथ ही संस्कृति और परंपराओं के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
भगवान श्री स्वामीनारायण जी की ‘शिक्षापत्री’ के 200 वर्ष पूर्ण होने पर गांधीनगर में आयोजित ‘समैयो महोत्सव’ से लाइव…
ભગવાન શ્રી સ્વામિનારાયણજીની ‘શિક્ષાપત્રી’ના 200 વર્ષ પૂર્ણ થવાના અવસરે શ્રી સ્વામિનારાયણ મંદિર, કાલુપુર આયોજિત ‘સમૈયો મહોત્સવ’થી લાઈવ. https://t.co/rn0hcKl8cx
— Amit Shah (@AmitShah) January 27, 2026
शाह ने कहा, मोदी के नेतृत्व में पिछले 11 सालों में योग, आयुर्वेद और गौ रक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया। प्रमुख तीर्थ स्थलों के पुनरुद्धार पर काम किया गया है। बद्रीनाथ और केदारनाथ का पुनर्विकास हुआ। काशी विश्वनाथ और विंध्याचल मंदिर के कॉरिडोर का निर्माण हुआ। अब सोमनाथ जैसे तीर्थ स्थलों का विकास तेजी से हो रहा है। ये प्रयास सिर्फ़ आस्था के बारे में नहीं है, बल्कि समाज के कल्याण के बारे में भी है।
क्या है शिक्षापत्री का महत्व
अमित शाह ने भगवान स्वामीनारायण को एक महान व्यक्तित्व बताया, जिन्होंने ब्रिटिश काल में समाज को रास्ता दिखाया। उन्होंने कहा कि भगवान स्वामी नारायण ने सामाजिक सुधारों के लिए पैदल यात्राएं कीं। उन्होंने शिक्षापत्री को जीवन का नैतिक संविधान बताया, जो पारदर्शिता, अहिंसा, करुणा और कर्तव्य की भावना सिखाती है। उन्होंने कहा कि, लड़कियों की शिक्षा और जातिवाद और छुआछूत के खिलाफ लड़ाई जैसे सुधार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं।




