तुलसी और लौंग का ये मिश्रण फेफड़ों को रखेगा इम्यून, बढ़ेगा ऑक्सीजन लेवल

कोरोना की दूसरी लहर ने कई लाख लोगों को अपनी चपेट में ले लिया है। कोरोना पीड़ित लोगों को शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो रही है। ऑक्सीजन की कमी से जान जाने का भी खतरा होता है। कोरोना फेफड़ों को बुरी तरीके से प्रभावित करता है जिससे वह कमजोर हो जाते हैं। ऐसे में इम्यूनिटी मजबूत होने के साथ साथ फेफड़ों का स्ट्रॉन्ग होना भी जरूरी है। स्वस्थ फेफड़े ही कई बीमारियों से आपको बचाकर रख सकते हैं। वहीं हेल्दी फेफड़ों के चलते हार्ट भी स्वस्थ रहता है। फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए आक कई तरह के घरेलू उपाय अपना सकते हैं। इन उपायों में से एक है तुलसी और लौंग का मिश्रण। इस मिश्रण में आप कुछ और चीजों को मिलाकर उसका सेवन कर सकते हैं और इससे आपको काफी आराम मिलेगा।

फेफड़ों को हेल्दी रखना जरूरी

कोरोना का नया स्ट्रेन फेफड़ों पर अटैक कर रहा है और उन्हें बुरी तरह से डैमेज कर दे रहा है। फेफड़ों के खराब होने के चलते शरीर में ऑक्सीजन की कमी होती है। शरीर में ऑक्सीजन की कमी होने से जान भी जा सकती है। इसलिए फेफड़ों को हेल्दी रखना बहुत ही जरूरी हो गया है। आइए आपको बताते हैं कुछ घरेलु उपायों के बारे में जिससे आप अपने फेफड़ों को स्वस्थ रख सकते हैं। ये चीजें आसानी से आपके घर पर उपलब्ध होती हैं।

फेफड़ों को मजबूत बनाने के लिए थोड़ी सी मुलेठी, काली मिर्च और लौंग को सेंक कर उसे 4-5 तुलसी के पत्ते, थोड़ी सी मिश्री और थोड़ी सी दालचीनी के साथ मुंह में डालकर धीरे-धीरे चबा लें। आप चाहें तो रोजाना ऐसा कर सकते हैं। इस प्रक्रिया से अस्थमा के रोगियों को भी फायदा मिलता है।

कैसे करता है फायदा

मुलेठी

औषधीय गुणों से भरपूर मुलेठी में विटामिन बी और ई के साथ-साथ फॉस्फोरस, कैल्शियम, कोलीन, आयरन, मैग्नीशियम, पोटेशियम, सिलिकॉन, प्रोटीन, ग्लिसराइजिक एसिड और एंटी-ऑक्सीडेंट, एंटी-बायोटिक गुण पाए जाते हैं, जो सर्दी-जुकाम, बुखार के साथ-साथ फेफड़ों को मजबूत रखने में मदद करते हैं। मुलेठी का सेवन 5 ग्राम पाउडर के रूप में ही करना चाहिए। मुलेठी की तासीर ठंडी होती है।

तुलसी

तुलसी के पत्ते में बहुत अधिक मात्रा में पोटैशियम, आयरन, क्लोरोफिल मैग्नीशियम, कैरीटीन और विटामिन-सी पाया जाता है जो फेफड़ों को हेल्दी रखने में मदद करता है। रोजाना सुबह 4-5 तुलसी की पत्तियों को चबा लें।

लौंग

लौंग कई गुणों से भरपूर होती है। लौंग में युजिनॉल नामक तत्व पाया जाता है, जिसके कारण स्ट्रेस, पेट संबंधी समस्या, पार्किसंस, बदन दर्द जैसी समस्याओं से लाभ मिलता है। लौंग में एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-बैक्टीरियल गुणों के अलावा विटामिन ई, विटामिन सी, फोलेट, राइबोफ्लेविन, विटामिन ए, थायमिन और विटामिन डी, ओमेगा 3 फैटी एसिड जैसे आवश्यक तत्व पाए जाते हैं। यह हार्ट, फेफड़े, लिवर को मजबूत रखने के साथ पाचन तंत्र को भी स्वस्थ रखता है।

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दालचीनी

फेफड़ों को मजबूत करने के लिए दालचीनी का इस्तेमाल किया जा सकता है। दालचीनी में भरपूर मात्रा में थाइमीन, फॉस्फोरस, प्रोटीन, सोडियम, विटामिन, कैल्शियम, मैंग्नीज, पोटेशियम, निआसीन, कार्बोहाइडे्ट पाया जाता है। इसके अलावा यह एंटी-ऑक्सीडेंट का अच्छा स्त्रोत माना जाता है जो फेफड़ों को हेल्दी रखने के साथ हार्ट को भी स्वस्थ रखता है।

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