इंडिया गठबंधन की बैठक में लिए गए ये पांच बड़े फैसले, सरकार को घेरने की बनी रणनीति

नई दिल्ली। विपक्षी दलों के महागठबंधन इंडिया की एक बैठक सोमवार को राजधानी दिल्ली में आयोजित हुई। बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गठबंधन के महत्वपूर्ण फैसलों की विस्तृत जानकारी दी। खरगे ने कहा कि, अब इंडिया गठबंधन हर दो महीने में नियमित बैठकें करेगा और विपक्ष को और अधिक मजबूत तथा एकजुट बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। खरगे ने बताया कि, आज की बैठक में पांच प्रमुख मुद्दों पर सभी दलों में पूर्ण सहमति बनी। इन मुद्दों में चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता, नीट यूजी पेपर लीक घोटाला, देश की खराब आर्थिक स्थिति, गठबंधन की नियमित बैठकें और संसद में बेहतर समन्वय शामिल हैं।

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25 पार्टियों के प्रमुख शामिल हुए बैठक में

उन्होंने जोर देकर कहा कि गठबंधन अब इन मुद्दों पर केवल चर्चा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सड़क से लेकर संसद तक एकजुट होकर संघर्ष करेगा। बैठक में कुल 25 विपक्षी पार्टियां शामिल हुईं।

India Coalition's decision

कई प्रमुख नेता व्यक्तिगत रूप से दिल्ली पहुंचे, जबकि शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन वर्चुअली बैठक में शामिल हुए। दोनों नेताओं ने बैठक में सक्रिय भागीदारी की और सभी फैसलों पर अपनी सहमति व्यक्त की।

सीजेआई को लिखा जायेगा पत्र

खरगे ने कहा कि, उद्धव ठाकरे और हेमंत सोरेन ने भी इन मुद्दों पर पूरी सहमति जताई और गठबंधन को मजबूत बनाने का संकल्प लिया। मल्लिकार्जुन खरगे ने बैठक के पांच प्रमुख फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि पहला मुद्दा चुनावी प्रक्रिया से जुड़ा है। गठबंधन ने वोटर लिस्ट की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और वोट लूट के आरोपों पर मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखने का फैसला किया है। यह पत्र जल्द ही सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को सौंपा जाएगा। खरगे ने कहा कि चुनाव में निष्पक्षता बनाए रखना लोकतंत्र की नींव है और गठबंधन इस दिशा में हर संभव प्रयास करेगा।

धर्मेन्द्र प्रधान पर तीखा हमला

दूसरा बड़ा मुद्दा नीट यूजी और सीबीएसई परीक्षाओं में हुए पेपर लीक घोटालों का है।  खरगे ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि, लाखों युवाओं के भविष्य के साथ धोखा हुआ है। उन्होंने मांग की कि, शिक्षा मंत्री को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। खरगे ने कहा कि जब परीक्षाएं ही लीक हो रही हैं तो युवा वर्ग का भरोसा कैसे टिकेगा। गठबंधन पूरे देश में इस मुद्दे पर छात्रों के आंदोलन का समर्थन करेगा और सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग करेगा।

आर्थिक मुद्दे पर हुई चर्चा

तीसरा मुद्दा देश की आर्थिक स्थिति से जुड़ा है। खरगे ने केंद्र सरकार पर हमला करते हुए कहा कि, बेरोजगारी, महंगाई, किसानों की बढ़ती परेशानियां और आम जनता की मुश्किलें दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं। उन्होंने मांग की कि, सरकार को तुरंत सर्वदलीय बैठक बुलाकर इन गंभीर मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए। गठबंधन का मानना है कि, आर्थिक चुनौतियों का सामना केवल सरकार अकेले नहीं कर सकती, सभी दलों को साथ लेकर आगे बढ़ना चाहिए।

हर दो महीने में होगी बैठक

चौथा महत्वपूर्ण फैसला गठबंधन की कार्यप्रणाली को लेकर था। तय किया गया है कि, इंडिया गठबंधन की बैठक अब हर दो महीने में नियमित रूप से आयोजित की जाएगी। खरगे ने घोषणा की कि, अगली बैठक 8 अगस्त को हैदराबाद में होगी। इस फैसले का मकसद गठबंधन को लंबे समय तक एकजुट और सक्रिय बनाए रखना है।

समन्वय पर चर्चा

पांचवां फैसला संसद में समन्वय को लेकर है। खरगे ने कहा कि आगामी मानसून सत्र के दौरान सभी विपक्षी दलों का बेहतर समन्वय रहेगा। विपक्ष के नेता के कार्यालय में नियमित रूप से सुबह बैठकें आयोजित की जाएंगी ताकि सरकार के खिलाफ एक स्वर में आवाज उठाई जा सके। यह बैठक राजनीतिक रूप से काफी अहम मानी जा रही है।

India Coalition's decision

लोकसभा चुनाव के बाद इंडिया गठबंधन अपनी रणनीति को नई दिशा और नई ऊर्जा देने की कोशिश कर रहा है। कई पार्टियां मानती हैं कि पिछले चुनाव में कुछ मुद्दों पर एकजुटता की कमी रही, इसलिए अब नियमित बैठकें और बेहतर समन्वय से इस कमी को दूर किया जाएगा।

खरगे ने कहा कि, इंडिया गठबंधन सिर्फ चुनावी गठबंधन नहीं है, बल्कि यह जनता के मुद्दों पर आधारित एक लंबा संघर्ष है। गठबंधन युवाओं, किसानों, महिलाओं, बेरोजगारों और गरीब वर्गों से जुड़े हर मुद्दे को उठाएगा। नीट घोटाले को लेकर पूरे देश में छात्रों में जो आक्रोश है, उसे गठबंधन और मजबूत करेगा। इसी तरह SIR को लेकर कई राज्यों में उठे सवालों को भी राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जाएगा।बैठक में शामिल दलों ने एकमत से केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की।

जनता से जुड़े मुद्दे उठाने पर हुआ फैसला

गठबंधन का मानना है कि, वर्तमान सरकार की नीतियां आम आदमी के हित में नहीं हैं। महंगाई ने आम जनता की कमर तोड़ दी है, बेरोजगारी युवाओं को निराश कर रही है और किसान लगातार संकट में हैं। ऐसे में विपक्ष की जिम्मेदारी है कि वह इन मुद्दों को लगातार उठाए और सरकार को जवाबदेह बनाए। खरगे ने सभी सहयोगी दलों का धन्यवाद करते हुए कहा कि, बैठक में सभी पार्टियों ने सकारात्मक और रचनात्मक भूमिका निभाई। गठबंधन अब आने वाले दिनों में न सिर्फ संसद में बल्कि विभिन्न राज्यों में भी जनसंपर्क कार्यक्रम चलाएगा।

India Coalition's decision

हैदराबाद बैठक में आगे की रणनीति, आंदोलन कार्यक्रम और संगठनात्मक मजबूती पर विस्तार से चर्चा होने की उम्मीद है। इस बैठक से साफ संकेत मिलता है कि विपक्ष केंद्र सरकार के खिलाफ एकजुट मोर्चा बनाने की तैयारी में है। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि अगर इंडिया गठबंधन इन फैसलों को जमीन पर उतारने में सफल रहा तो आने वाले समय में केंद्र सरकार के लिए चुनौतियां बढ़ सकती हैं। खासकर शिक्षा, रोजगार और चुनाव सुधार जैसे मुद्दे युवा वोट बैंक को प्रभावित कर सकते हैं।

मल्लिकार्जुन खरगे ने अंत में कहा कि गठबंधन मजबूत है, एकजुट है और जनता के मुद्दों के लिए लड़ने को तैयार है। उन्होंने सभी दलों से अपील की कि वे इस सहमति को बनाए रखें और देश के लोकतंत्र को मजबूत बनाने में अपना योगदान दें।

 

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