वित्त मंत्री ने विकसित भारत की तरफ बढ़ाया कदम, युवा, एमएसएमई और इंफ्रा पर फोकस

नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश करते हुए कहा कि सरकार विकसित भारत की दिशा में मजबूत कदम उठाना जारी रखेगी। यह उनका लगातार नौवां बजट है, जो भारतीय संसदीय इतिहास में एक नया रिकॉर्ड स्थापित कर रहा है।

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बरकरार रहेगा महत्वाकांक्षा और समावेशन का संतुलन

बजट भाषण की शुरुआत में वित्त मंत्री ने पिछले 12 वर्षों में हासिल की गई आर्थिक स्थिरता, वित्तीय अनुशासन, सतत विकास और नियंत्रित महंगाई की उपलब्धियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश अब आत्मविश्वास के साथ विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, जहां महत्वाकांक्षा और समावेशन के बीच संतुलन बरकरार रहेगा।

केंद्रीय बजट

वित्त मंत्री ने बजट को तीन प्रमुख कर्तव्यों पर आधारित बताया। पहला कर्तव्य आर्थिक विकास को तेज और सतत बनाए रखना है। दूसरा जन आकांक्षाओं को पूरा करना और तीसरा समावेशी विकास सुनिश्चित करना। उन्होंने कहा कि ये कर्तव्य राष्ट्र निर्माण का आधार होंगे। बजट में युवा शक्ति (युवाशक्ति) को प्रमुख प्रेरणा स्रोत बताया गया है।

वैश्विक चुनौतियों से निपटने का प्रयास

वित्त मंत्री ने वैश्विक चुनौतियों जैसे व्यापार युद्ध, सप्लाई चेन बाधाओं और संसाधनों की बढ़ती मांग का जिक्र करते हुए कहा कि भारत वैश्विक बाजारों से गहराई से जुड़कर निर्यात बढ़ाएगा और दीर्घकालिक निवेश आकर्षित करेगा। बजट में आर्थिक विकास को गति देने के लिए छह प्रमुख क्षेत्रों में हस्तक्षेप की घोषणा की गई। इनमें रणनीतिक क्षेत्रों में विनिर्माण को बढ़ावा, पुराने औद्योगिक क्षेत्रों का पुनरुद्धार, एमएसएमई को चैंपियन बनाना, इंफ्रास्ट्रक्चर पर पुश, दीर्घकालिक सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करना तथा शहरों में आर्थिक क्षेत्र विकसित करना शामिल है।

निजी निवेश को प्रोत्साहन

पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) को FY27 के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ाया गया है, जो पिछले वर्ष के 11.2 लाख करोड़ से काफी अधिक है। यह इंफ्रास्ट्रक्चर, टियर-2 और टियर-3 शहरों के विकास तथा निजी निवेश को प्रोत्साहन देने पर केंद्रित है। विशेष रूप से, इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 लॉन्च किया गया है, जिसमें 40,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया। बायोफार्मा शक्ति योजना के तहत 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया।

ग्रोथ फंड की घोषणा

एमएसएमई के लिए 10,000 करोड़ रुपये की ग्रोथ फंड की घोषणा की गई। इसके अलावा 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, रेयर अर्थ कॉरिडोर, कार्बन कैप्चर योजना और सर्विस सेक्टर में रोजगार बढ़ाने के लिए हाई-पावर्ड कमेटी गठित करने का प्रस्ताव रखा गया। वित्त मंत्री ने जोर दिया कि यह बजट सिर्फ आर्थिक दस्तावेज नहीं, बल्कि विकसित भारत@2047 के विजन का मजबूत आधार है। सरकार सुधारों, निवेश और समावेशी नीतियों के माध्यम से देश को विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में अग्रसर रहेगी। बजट पेश होने के बाद शेयर बाजार और अर्थव्यवस्था विशेषज्ञों ने इसे विकासोन्मुखी और दूरदर्शी बताया है।

ये चीजें भी हुईं सस्ती

इसके साथ ही इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV कारें, बैटरी)  EV पर टैक्स/ड्यूटी घटने से इलेक्ट्रिक गाड़ियां और बैटरी सस्ती हुई।
जीवन रक्षक दवाएं , कैंसर और दुर्लभ बीमारियों की 36 महत्वपूर्ण दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी पूरी तरह हटाई गई। इस ऐलान से अब इलाज सस्ता होगा।कुछ अन्य दवाएं और मेडिकल आइटम्स समेत  कुल 56 दवाओं पर ड्यूटी में कटौती या छूट का ऐलान।
कपड़े, जूते और लेदर प्रोडक्ट्स की कुछ कैटेगरी में राहत। क्रिटिकल मिनरल्स और लिथियम-आयन बैटरी स्क्रैप — BCD से छूट, EV और रिन्यूएबल एनर्जी से जुड़े सामान सस्ते। हेडफोन्स, कुछ इलेक्ट्रॉनिक गुड्स ड्यूटी रेशनलाइजेशन से फायदा।

 

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