नए जीएसटी रिफॉर्म्स का टैरिफ से कोई लेना-देना नहीं :  वित्त मंत्री  

नयी दिल्ली। 56वीं जीएसटी काउंसिल की बैठक में बड़ा फैसला किया गया है. देश में नए जीएसटी सुधारों को मंजूरी दी गई है, जो 22 सितंबर से लागू हो जाएंगे. इस बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साफ कर दिया कि जीएसटी सुधारों का टैरिफ विवाद से कोई लेना-देना नहीं है. हम पिछले डेढ़ साल से इस पर काम कर रहे हैं. वित्त मंत्री ने कहा कि लंबे समय से मंत्रियों का एक समूह बीमा सहित अन्य दरों पर काम कर रहा था. इनमें से किसी का भी टैरिफ से कोई लेना-देना नहीं है।

जीएसटी राजस्व में कथित नुकसान के बारे में वित्त मंत्री से सवाल किया गया. इस पर उन्होंने कहा कि अलग-अलग आंकड़े उछाले जा रहे हैं, इतना नुकसान, उतना नुकसान, इस बहस में मैं शामिल नहीं होऊंगी क्योंकि हमारे पास हमारा अपना डेटा है।

जीएसटी काउंसिल की बैठक में बड़ा फैसला हुआ है. देश में अब जीएसटी के दो स्लैब होंगे, पहला- 5% और दूसरा- 18%. काउंसिल ने 12% और 28% वाले स्लैब्स खत्म कर दिए हैं. हालांकि, लग्जरी और सिन गुड्स आइटम्स (जैसे तंबाकू, शराब, महंगी कारें) पर 40% की नई दर लागू होंगी. वित्त मंत्री ने बताया कि GST काउंसिल ने 12% और 28% के टैक्स स्लैब को खत्म करने की मंजूरी दे दी है।

केंद्र सरकार के फैसले से रोजमर्रा की जरूरी चीजें सस्ती हो गईं हैं, जिसके तहत हेयर ऑयल, शैम्पू, टूथपेस्ट, साबुन, शेविंग क्रीम और टूथ ब्रश पर जीएसटी को 18 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत कर दिया है. वहीं. बटर, घी, चीज, डेयरी स्प्रेड, पैक्ड नमकीन, नैपकिन्स, बर्तन, डायरपर, बच्चों के फीडिंग बोतल और सिलाई मशीन से 12 प्रतिशत जीएसटी को घटाकर पांच प्रतिशत कर दिया गया है।

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