मुंबई। टी20 विश्व कप के ग्रुप सी के एक महत्वपूर्ण मुकाबले में रविवार को आत्मविश्वास से भरी वेस्टइंडीज की टीम मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में नेपाल का सामना करेगी। वेस्टइंडीज ने अब तक टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने दोनों शुरुआती मैचों में जीत दर्ज की है और वर्तमान में 1.625 के बेहतरीन नेट रनरेट के साथ अंक तालिका में शीर्ष पर काबिज है। कैरेबियाई टीम का लक्ष्य इस मुकाबले को जीतकर अपनी लय बरकरार रखना और ग्रुप में अपनी स्थिति को और अधिक मजबूत करना है। इसके बाद टीम को कोलकाता में इटली के विरुद्ध खेलना है, और इन दोनों मैचों में संभावित जीत उन्हें ग्रुप में निर्विवाद रूप से शीर्ष पर पहुंचा देगी।
हालांकि, वेस्टइंडीज के लिए यह मुकाबला इतना आसान नहीं होगा, क्योंकि नेपाल की टीम भले ही अब तक जीत का स्वाद नहीं चख सकी है, लेकिन उसने खेल के विभिन्न चरणों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। नेपाल ने पिछले साल सितंबर में टी20 श्रृंखला के दौरान वेस्टइंडीज को 2-1 से हराकर बड़ा उलटफेर किया था, जो कैरेबियाई टीम के लिए एक कड़ी चेतावनी है। हालांकि नेपाल को पिछले मैच में इटली के हाथों 10 विकेट से करारी शिकस्त झेलनी पड़ी है, लेकिन वे किसी भी समय मैच का पासा पलटने की क्षमता रखते हैं। वेस्टइंडीज के मुख्य कोच डेरेन सैमी इस बात से भली-भांति परिचित होंगे कि विरोधी को हल्के में लेना भारी पड़ सकता है।
वेस्टइंडीज की टीम इस विश्व कप में पूरी तरह बदली हुई नजर आ रही है। टूर्नामेंट से पहले न्यूजीलैंड, अफगानिस्तान और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ श्रृंखला हारने के बाद, टीम ने सही समय पर अपनी लय वापस पा ली है। उन्होंने पहले मैच में स्कॉटलैंड को 35 रन और दूसरे मैच में मजबूत इंग्लैंड को 30 रन से हराकर अपनी दावेदारी पेश की है। टीम के लिए राहत की बात यह है कि हर मैच में अलग-अलग खिलाड़ी मैच जिताऊ प्रदर्शन कर रहे हैं। बल्लेबाजी में शिमरोन हेटमायर और रोस्टन चेस मध्यक्रम को मजबूती दे रहे हैं, जबकि शेरफेन रदरफोर्ड ने इंग्लैंड के खिलाफ विस्फोटक पारी खेलकर अपनी उपयोगिता साबित की है।
दूसरी ओर, नेपाल के लिए यह मुकाबला करो या मरो की स्थिति जैसा है। दो मैच हारने के बाद उनके लिए सुपर-8 की राह लगभग बंद नजर आ रही है। 2014 के बाद से टी20 विश्व कप में जीत के सूखे को खत्म करने के लिए नेपाल को वानखेड़े की पिच पर असाधारण खेल दिखाना होगा। जहां वानखेड़े की पिच अब तक स्पिनरों के लिए मददगार साबित हुई है, वहीं वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाजों को भी यहाँ अपनी सटीक लाइन-लेंथ से प्रभाव छोड़ना होगा। नेपाल ने इंग्लैंड के खिलाफ करीबी मुकाबले में जो संघर्ष दिखाया था, उसे उन्हें इस मैच में बड़े स्तर पर दोहराना होगा ताकि वे टूर्नामेंट में अपनी उम्मीदें कायम रख सकें।
टीमें :
वेस्टइंडीज: शाई होप (कप्तान एवं विकेटकीपर), जॉनसन चार्ल्स (विकेटकीपर), शिमरोन हेटमायर, ब्रैंडन किंग, रोवमैन पॉवेल, शेरफेन रदरफोर्ड, क्विंटिन सैम्पसन, रोस्टन चेज़, जेसन होल्डर, रोमारियो शेफर्ड, मैथ्यू फोर्डे, अकील हुसैन, शमर जोसेफ, गुडाकेश मोती, जेडन सील्स।
नेपाल: रोहित पौडेल (कप्तान), आरिफ शेख, आसिफ शेख (विकेटकीपर), दीपेंद्र सिंह ऐरी, बसीर अहमद, कुशल भुर्टेल, संदीप जोरा, लोकेश बाम, गुलसन झा, करण केसी, सोमपाल कामी, संदीप लामिछाने, शेर मल्ला, ललित राजबंशी, नंदन यादव।



