कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में रविवार को क्रिकेट जगत का सबसे बहुप्रतीक्षित मुकाबला होने जा रहा है, जहाँ भारत और पाकिस्तान की टीमें टी20 विश्व कप के अहम मैच में एक-दूसरे से टकराएंगी। इस मैच का आयोजन क्रिकेट और राजनीति के बीच उपजे एक गहरे तनाव के बाद हो रहा है, जिसने कुछ समय के लिए टूर्नामेंट पर अनिश्चितता के बादल मंडरा दिए थे। विवाद की शुरुआत बीसीसीआई के निर्देश पर बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्ताफिजूर रहमान का आईपीएल करार रद्द होने से हुई थी, जिसके विरोध में पाकिस्तान ने मैच के बहिष्कार की घोषणा कर दी थी। हालांकि, आईसीसी और मेजबान बोर्डों के बीच हफ्तों चली लंबी चर्चा और कूटनीतिक प्रयासों के बाद पाकिस्तान ने अपने फैसले पर ‘यू-टर्न’ लिया, जिससे प्रसारकों और दुनिया भर के प्रशंसकों को बड़ी राहत मिली है।
भारतीय टीम के लिए इस मुकाबले में सबसे बड़ी चुनौती अपनी बल्लेबाजी की निरंतरता और टीम संयोजन को लेकर है। युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा पेट के संक्रमण के कारण पिछले मैच से बाहर थे, जिससे पारी की शुरुआत को लेकर संशय बना हुआ है। उनकी अनुपस्थिति में वाशिंगटन सुंदर को ईशान किशन के साथ ओपनिंग के लिए प्रमोट किया जा सकता है, जो अपनी स्पिन गेंदबाजी से प्रेमदासा की धीमी पिच पर अतिरिक्त विकल्प भी प्रदान करेंगे। इसके अलावा, कप्तान रोहित शर्मा के सामने कुलदीप यादव और रिंकू सिंह के बीच चयन की दुविधा होगी। पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम के खिलाफ कुलदीप के बेहतरीन रिकॉर्ड को देखते हुए उन्हें प्लेइंग इलेवन में शामिल किए जाने की प्रबल संभावना है, भले ही इसके लिए बल्लेबाजी की गहराई से समझौता करना पड़े।
दूसरी ओर, पाकिस्तान की टीम हाइब्रिड मॉडल के तहत कोलंबो में लगातार खेलने के कारण यहाँ की परिस्थितियों और पिच के मिजाज से बेहतर वाकिफ है। पाकिस्तान का मुख्य हथियार उनका स्पिन आक्रमण है, जिसमें उस्मान तारिक, शादाब खान और अबरार अहमद जैसे गेंदबाज शामिल हैं। विशेषकर उस्मान तारिक का रहस्यमयी गेंदबाजी एक्शन भारतीय बल्लेबाजों के लिए सिरदर्द बन सकता है। बल्लेबाजी में पाकिस्तान की उम्मीदें साहिबजादा फरहान और सईम अयूब पर टिकी हैं, लेकिन उन्हें जसप्रीत बुमराह और वरुण चक्रवर्ती जैसे विश्व स्तरीय भारतीय गेंदबाजों की सटीक लाइन-लेंथ का सामना करना होगा। भारतीय गेंदबाजी इकाई इस समय जबरदस्त फॉर्म में है और वह किसी भी बल्लेबाजी क्रम को ध्वस्त करने में सक्षम है।
प्रेमदासा स्टेडियम की पिच पारंपरिक रूप से धीमी और स्पिनरों के अनुकूल रही है, जहाँ टॉस की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाएगी। भारत ने पिछले मैचों में भले ही जीत दर्ज की हो, लेकिन अमेरिका और नामीबिया के खिलाफ मध्यक्रम का लड़खड़ाना चिंता का विषय है। सूर्यकुमार यादव और हार्दिक पांड्या ने पिछले मैचों में संकटमोचक की भूमिका निभाई है, लेकिन पाकिस्तान जैसे बड़े प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ एक संपूर्ण टीम प्रदर्शन की आवश्यकता होगी। अंततः, यह मैच केवल तकनीक और कौशल का नहीं, बल्कि मानसिक मजबूती और दबाव झेलने की क्षमता का होगा। जो टीम अपने जज्बात पर काबू रखकर मैदान पर शांत रहेगी, जीत का सेहरा उसी के सिर बंधेगा।
टीमें :
भारत : सूर्यकुमार यादव (कप्तान), ईशान किशन, संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, रिंकू सिंह, अक्षर पटेल, शिवम दुबे, हार्दिक पंड्या, वाशिंगटन सुंदर, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, हर्षित राणा,वरूण चक्रवर्ती ।
पाकिस्तान: सलमान अली आगा (कप्तान), अबरार अहमद, बाबर आजम, फहीम अशरफ, फखर जमां, ख्वाजा नफे, मोहम्मद नवाज, मोहम्मद सलमान मिर्जा, नसीम शाह, साहिबजादा फरहान, सईम अयूब, शाहीन शाह अफरीदी, शादाब खान, उस्मान खान, उस्मान तारिक।



