
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में H1N1 यानी स्वाइन फ्लू और सीजनल फ्लू तेजी से बढ़ रहा है। इस बीमारी से लखनऊ में एक महिला की मौत भी हो गई है। इसे देखते हुए प्रदेश की योगी सरकार अलर्ट मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री ने बुधवार को स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की और प्रदेश में बीमारी की मौजूदा स्थिति की गहराई से समीक्षा की। बैठक में बीमारी से निपटने के लिए बेहतर रणनीति बनाने से लेकर और भी कई बड़े और महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
इसे भी पढ़ें- नोएडा में स्वाइन फ्लू-डेंगू का डबल अटैक, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की इमरजेंसी एडवाइजरी
बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि, प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों यानी CHC और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों यानी PHC में H1N1 की जांच पूरी तरह मुफ्त की जाए। इसके साथ ही निजी अस्पतालों और पैथोलॉजी सेंटरों को भी सख्त हिदायत दी गई है कि, वे स्वाइन फ्लू की जांच के लिए सरकार द्वारा तय की गई दर से एक रुपया भी ज्यादा न वसूलें। सरकार का मकसद साफ है कि, इलाज और जांच की वजह से किसी भी मरीज पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।
प्रदेश में अब तक 685 केस दर्ज
बैठक में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और स्वास्थ्य राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह भी मौजूद रहे, जहां स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने मुख्यमंत्री को प्रदेश में स्वाइन फ्लू की ताजा स्थिति से अवगत कराया। अधिकारियों की तरफ से बताया गया कि, 2 सितंबर तक उत्तर प्रदेश में H1N1 के कुल 685 लैब-कन्फर्म्ड मामले सामने आ चुके हैं, जो निश्चित तौर पर एक चिंताजनक आंकड़ा है। आशंका जताई जा रही है कि, आने वाले दिनों में इसमें और बढ़ोतरी हो सकती है।

बढ़ते मामलों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में सर्विलांस व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ कहा कि, सभी अस्पतालों में जरूरी दवाओं, जांच किट और आइसोलेशन बेड की पर्याप्त उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी मरीज को इलाज के दौरान परेशानी का सामना न करना पड़े।
गंभीर मरीजों के लिए अलग ICU वार्ड
मुख्यमंत्री ने खासतौर पर गंभीर स्थिति वाले मरीजों के इलाज को लेकर भी सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने अस्पतालों को अलग से ICU वार्ड तैयार रखने को कहा है, ताकि गंभीर मरीजों को समय पर बेहतर इलाज मिल सके। इसके साथ ही जरूरत के हिसाब से पर्याप्त आइसोलेशन बेड और दवाओं का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने की भी हिदायत दी गई है, जिससे इलाज में किसी भी तरह की देरी या कमी न हो।
चलाया जाएगा सघन अभियान
संभावित मरीजों की जल्द से जल्द पहचान करने के लिए सरकार ने पूरे प्रदेश में आशा कार्यकर्ताओं और ANM के जरिए एक व्यापक और सघन अभियान चलाने का फैसला लिया है। सामान्य लक्षण वाले मरीजों को डॉक्टर की सलाह के मुताबिक, घर पर आराम करने और होम आइसोलेशन में रहने की सलाह दी जाएगी। वहीं, जिन मरीजों में गंभीर लक्षण नजर आएंगे, उनके लिए तत्काल चिकित्सकीय सहायता मुहैया कराने की व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।
फ्लू OPD और जांच काउंटर बनेंगे
मरीजों की भीड़ को कम करने और उन्हें बेहतर सुविधा देने के मकसद से अस्पतालों में अलग से फ्लू OPD, हेल्प डेस्क और जांच काउंटर बनाने के भी निर्देश दिए गए हैं। सरकार की मंशा है कि, फ्लू जैसे लक्षण लेकर आने वाले मरीजों को सामान्य मरीजों की भीड़ में घंटों इंतजार न करना पड़े और उनकी पहचान व जांच जल्द से जल्द हो सके, जिससे संक्रमण के फैलाव को भी समय रहते रोका जा सके।
इन लक्षणों पर तुरंत जाएं अस्पताल
बैठक में अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए कि, आम जनता को फ्लू के गंभीर लक्षणों के बारे में जागरूक किया जाए, ताकि लोग समय रहते सही कदम उठा सकें। बताया गया कि, अगर किसी को सांस लेने में तकलीफ हो, सीने में दर्द महसूस हो, नाखून नीले पड़ने लगें या फिर बच्चों को तेज बुखार आए, तो ऐसे लक्षण दिखते ही बिना देर किए तत्काल चिकित्सकीय मदद ली जानी चाहिए, क्योंकि यह स्थिति गंभीर रूप ले सकती है।
दवाओं और जांच किट का पर्याप्त भंडार
बैठक के दौरान SGPGI, KGMU और लोहिया संस्थान जैसे प्रदेश के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों के निदेशकों ने भी मुख्यमंत्री को H1N1 से निपटने की तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी। अधिकारियों के मुताबिक, इन प्रमुख संस्थानों में RT-PCR टेस्टिंग किट, Oseltamivir कैप्सूल और सिरप के साथ-साथ H1N1 वैक्सीन का भी पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों को समय पर उपचार दिया जा सके।

इसके अलावा मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को यह भी निर्देश दिए कि H1N1 और सीजनल फ्लू से जुड़ी विस्तृत गाइडलाइन जल्द से जल्द जारी की जाए। साथ ही उन्होंने टेलीकंसल्टेशन व्यवस्था को भी सक्रिय करने पर जोर दिया, ताकि दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले लोग भी घर बैठे डॉक्टरों से सलाह ले सकें और अस्पतालों में अनावश्यक भीड़ से बचा जा सके।
जागरूकता बढ़ाएं, पैनिक न फैलने दें
मुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों से यह भी कहा कि, संक्रमण से बचाव को लेकर एक व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए। उन्होंने साफ निर्देश दिया कि, लोगों तक बीमारी से बचाव और जरूरी सावधानियों से जुड़ी सही और तथ्यपरक जानकारी पहुंचाई जाए, ताकि लोगों में किसी तरह का अनावश्यक डर या पैनिक न फैले। उनका कहना था कि, सतर्कता जरूरी है, लेकिन घबराहट की स्थिति से बचना भी उतना ही जरूरी है।
इसके साथ ही भीड़भाड़ वाली सार्वजनिक जगहों पर मास्क के इस्तेमाल और हाथों की स्वच्छता को लेकर भी जागरूकता अभियान को और तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार की कोशिश है कि आम लोगों तक बचाव के आसान और कारगर उपाय पहुंचाकर संक्रमण की रफ्तार को समय रहते थामा जा सके, जिससे आने वाले दिनों में हालात और न बिगड़ें।
इसे भी पढ़ें- Swine Flu: तेजी से फैल रहा स्वाइन फ्लू, सामने आए 1,349 मामले



