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शबाना आजमी का बड़ा खुलासा- 40 साल हो गए शादी को, फिर जावेद से होते हैं झगड़े

बॉलीवुड की वरिष्ठ अभिनेत्री शबाना आजमी और देश के जाने-माने गीतकार, पटकथा लेखक व शायर जावेद अख्तर के वैवाहिक जीवन को चार दशक से अधिक का समय बीत चुका है। फिल्म इंडस्ट्री की सबसे सम्मानित और चर्चित जोड़ियों में शुमार इस दंपति ने वर्षों तक अपने रिश्ते की मजबूती से लोगों को प्रेरित किया है। लेकिन हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान शबाना आजमी ने स्वीकार किया कि उनका दांपत्य जीवन हमेशा सहज और सरल नहीं रहा है। उन्होंने बेबाकी से यह बात कबूल की कि पति-पत्नी के बीच कई बार गंभीर मतभेद और झगड़े भी होते रहे हैं, बावजूद इसके दोनों के बीच की समझ और दोस्ती आज भी उतनी ही गहरी बनी हुई है।

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जावेद अख्तर की समझदारी ने किया था प्रभावित

हाल ही में एक प्रसिद्ध ओटीटी मंच को दिए साक्षात्कार में शबाना आजमी ने अपने वैवाहिक जीवन के अनछुए पहलुओं पर खुलकर चर्चा की। इस बातचीत में उन्होंने बताया कि, जावेद अख्तर से मुलाकात के शुरुआती दिनों में ही उनकी बौद्धिक क्षमता और गहरी समझदारी ने उन्हें बेहद प्रभावित किया था।

Shabana Azmi Javed Akhtar

शबाना ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में जितने भी लोगों से मुलाकात की है, उनमें जावेद अख्तर सबसे तीव्र बुद्धि और गहरी सोच रखने वाले व्यक्तियों में से एक हैं। उनके अनुसार, जावेद की सोचने और चीजों को विश्लेषित करने की क्षमता ही वह वजह थी जिसने शुरुआत में ही उन्हें इस रिश्ते की ओर आकर्षित किया।

अभिनेत्री ने आगे बताया कि जावेद अख्तर और उनके अपने पिता, प्रसिद्ध शायर कैफी आजमी, की पृष्ठभूमि और विचारधारा में गहरी समानता रही है। जावेद अख्तर के माता-पिता भी लेखन से जुड़े थे और कम्युनिस्ट पार्टी की विचारधारा से प्रभावित थे। इसके अलावा उर्दू शायरी और साहित्य के प्रति उनका गहरा लगाव भी उस माहौल की याद दिलाता था, जिसमें शबाना खुद पली-बढ़ी थीं। यही सांस्कृतिक और वैचारिक समानता आगे चलकर दोनों के रिश्ते की नींव बनी।

सब कुछ हंकी डोरी नहीं, पर दोस्ती मजबूत

अपने रिश्ते की सच्चाई साझा करते हुए शबाना आजमी ने कहा कि उनके और जावेद अख्तर के बीच अक्सर बड़े मतभेद और तीखी बहसें होती रही हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह मान लेना गलत होगा कि उनके वैवाहिक जीवन में सब कुछ हमेशा सहज और खुशनुमा रहा है। शबाना के अनुसार, ‘जावेद और मेरे बीच बहुत बड़े झगड़े होते हैं। ऐसा नहीं है कि हमारे बीच सब कुछ हंकी डोरी है, लेकिन हमारी दोस्ती बहुत मजबूत है और हमारा नजरिया एक जैसा है। हमारी विचारधाराएं भी एक जैसी हैं। मेरे लिए यही सबसे ज्यादा मायने रखता है।’

इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि, शबाना आजमी के लिए रिश्ते की बुनियाद केवल रोमांस या समझौता नहीं, बल्कि वैचारिक समानता और आपसी सम्मान है। उनके अनुसार मतभेद किसी भी रिश्ते का स्वाभाविक हिस्सा होते हैं, लेकिन जब तक दो लोगों के बीच बुनियादी सोच और नजरिया एक जैसा हो, तब तक रिश्ता मजबूती से टिका रह सकता है। यही वजह है कि झगड़ों के बावजूद उनका और जावेद अख्तर का रिश्ता वर्षों से कायम है और आगे बढ़ता जा रहा है।

शबाना ने की जावेद अख्तर जमकर तारीफ की

इंटरव्यू के दौरान शबाना आजमी ने अपने पति की जमकर सराहना भी की। उन्होंने बताया कि जावेद अख्तर एक ऐसे व्यक्ति हैं जो किसी भी तरह के सामाजिक माहौल या संगत में आसानी से घुल-मिल जाते हैं। चाहे वह बुद्धिजीवियों की महफिल हो या आम लोगों के बीच की बातचीत, जावेद हर जगह सहजता से खुद को ढाल लेते हैं। शबाना के मुताबिक, लोगों से संवाद करने और उनसे जुड़ने की उनकी यह क्षमता वाकई काबिले-तारीफ है।

शबाना ने आगे कहा कि जावेद अख्तर एक बेहद अच्छे इंसान हैं और वह उनके इस गुण का बहुत सम्मान करती हैं। उनके शब्दों में यह स्पष्ट झलकता है कि दशकों की गृहस्थी और तमाम उतार-चढ़ावों के बावजूद उनके मन में अपने पति के प्रति गहरा आदर और स्नेह आज भी बरकरार है।

1984 में हुई थी शादी 

शबाना आजमी और जावेद अख्तर ने वर्ष 1984 में विवाह किया था। इससे पहले जावेद अख्तर की पहली शादी प्रसिद्ध पटकथा लेखिका हनी ईरानी से हुई थी। इस पहले वैवाहिक रिश्ते से जावेद अख्तर के दो संतानें हैं  बेटे फरहान अख्तर, जो खुद एक सफल अभिनेता, निर्देशक और गायक हैं और बेटी जोया अख्तर, जो बॉलीवुड की जानी-मानी फिल्म निर्देशक हैं। हनी ईरानी से अलगाव के बाद जावेद अख्तर ने शबाना आजमी से विवाह किया, और तभी से दोनों एक साथ अपने जीवन का सफर तय कर रहे हैं।

Shabana Azmi Javed Akhtar

शबाना और जावेद की शादी को अब चार दशक से भी अधिक का समय बीत चुका है। इन वर्षों में दोनों ने साथ मिलकर कई उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन उनके रिश्ते की मजबूत नींव  आपसी दोस्ती, वैचारिक समानता और एक-दूसरे के प्रति सम्मान आज भी उतनी ही मजबूत बनी हुई है। यही बात उनके रिश्ते को बॉलीवुड की बाकी जोड़ियों से अलग और खास बनाती है।

विवाद मुक्त नहीं था रिश्ता

शबाना आजमी का यह खुलासा इस बात की एक बड़ी मिसाल है कि लंबे समय तक चलने वाला कोई भी रिश्ता पूरी तरह विवादों से मुक्त नहीं होता। असल मायने में एक सफल और मजबूत रिश्ते की पहचान यह नहीं है कि उसमें मतभेद नहीं होते, बल्कि यह है कि झगड़ों और असहमतियों के बावजूद दो लोग एक-दूसरे के प्रति सम्मान, दोस्ती और समझ बनाए रखते हैं। शबाना आजमी और जावेद अख्तर की जोड़ी इसी सोच की जीती-जागती मिसाल है, जिसने वर्षों की चुनौतियों के बावजूद अपने रिश्ते की डोर को मजबूती से थामे रखा है।

 

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