
अगर आप भी अपनी मेहनत की कमाई को बैंक की फिक्स्ड डिपॉजिट यानी FD में सुरक्षित रखने के आदी हैं, तो यह खबर खास तौर पर आपके लिए है। देश के दो बड़े निजी बैंकों HDFC Bank और Federal Bank — ने अपनी कुछ चुनिंदा अवधियों की FD पर ब्याज दरों में बदलाव करते हुए इन्हें बढ़ा दिया है। इस बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा फायदा सीनियर सिटीजन्स यानी वरिष्ठ नागरिकों को मिलने वाला है।
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जानकारी के मुताबिक, फेडरल बैंक अपने सीनियर सिटीजन ग्राहकों को चुनिंदा अवधि की FD पर अधिकतम 7.20% तक ब्याज दे रहा है, वहीं HDFC बैंक ने भी एक खास अवधि की FD पर ब्याज दर बढ़ाकर 7.10% कर दी है। यह नई दरें दोनों ही बैंकों में अलग-अलग तारीखों से लागू हो चुकी हैं। HDFC बैंक में यह बदलाव 19 अगस्त से और फेडरल बैंक में 17 अगस्त से प्रभाव में आ गया है।
ऐसे में जो लोग नई FD कराने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए यह जरूरी है कि वे सिर्फ सबसे ज्यादा ब्याज दर देखकर ही फैसला न लें, बल्कि अन्य पहलुओं पर भी गौर करें।
सीनियर सिटीजन को कितना फायदा
HDFC बैंक ने 3 करोड़ रुपये से कम जमा राशि वाली FD पर सीनियर सिटीजन्स के लिए एक विशेष अवधि की ब्याज दर में 0.10% यानी 10 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की है। बैंक के मुताबिक, 3 साल 1 दिन से लेकर 4 साल 7 महीने से कम की अवधि वाली FD पर अब वरिष्ठ नागरिकों को 7.10% ब्याज मिलेगा, जबकि पहले इसी अवधि पर उन्हें 7% ब्याज दिया जा रहा था।

बैंक की ओर से वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग-अलग अवधियों की FD पर ब्याज दरें 3.25% से लेकर 7.10% तक तय की गई हैं। इसके अलावा, 5 साल 1 दिन से लेकर 10 साल तक की अवधि की FD पर सीनियर सिटीजन्स को 6.65% ब्याज मिल रहा है। वहीं सामान्य यानी नियमित ग्राहकों के लिए HDFC बैंक की अधिकतम ब्याज दर 6.50% तक सीमित है।
FD पर 7.20% तक ब्याज
फेडरल बैंक ने भी 3 करोड़ रुपये से कम जमा राशि वाली FD की ब्याज दरों में संशोधन किया है। बैंक की नई दरों के अनुसार, वरिष्ठ नागरिकों को अलग-अलग अवधि के हिसाब से न्यूनतम 3.50% से लेकर अधिकतम 7.20% तक ब्याज दिया जा रहा है। बैंक की संशोधित दरें इस प्रकार हैं:
| अवधि | ब्याज दर |
| 7 से 29 दिन | 3.50% |
| 30 से 45 दिन | 3.75% |
| 46 से 90 दिन | 4.75% |
| 91 से 180 दिन | 5% |
| 181 दिन | 6.50% |
| 1 साल | 6.75% |
| 1 साल से अधिक से 15 महीने से कम | 6.90% |
| 15 महीने | 7.15% |
| 15 से 24 महीने | 6.90% |
| 24 महीने से अधिक से 48 महीने से कम | 7% |
| 48 महीने | 7.20% |
| 48 महीने से 10 साल से अधिक | 6.90% |
गौर करने वाली बात यह है कि फेडरल बैंक में सबसे ज्यादा ब्याज दर यानी 7.20% सिर्फ 48 महीने यानी 4 साल की अवधि की FD पर ही मिल रही है, जबकि इससे कम या ज्यादा अवधि पर ब्याज दरें इससे कम हैं।
क्या पुरानी FD तोड़कर नई FD करा लेनी चाहिए
बैंकों की ब्याज दरों में बढ़ोतरी की खबर सुनकर कई ग्राहकों के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या उन्हें अपनी पुरानी FD समय से पहले तुड़वाकर नई और ज्यादा ब्याज वाली FD करा लेनी चाहिए। लेकिन वित्तीय जानकारों की मानें तो सिर्फ ब्याज दर में मामूली बढ़ोतरी देखकर पुरानी FD को बीच में तोड़ना हमेशा फायदे का सौदा नहीं होता। ऐसा फैसला लेने से पहले कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है:
मौजूदा ब्याज दर की जांच करें- पहले यह देखें कि आपकी वर्तमान FD पर आपको कितनी ब्याज दर मिल रही है।
मैच्योरिटी की अवधि देखें- यह भी जरूरी है कि आपकी FD की मैच्योरिटी में कितना समय शेष बचा है।
नई ब्याज दर से तुलना करें- नई FD पर मिलने वाली ब्याज दर और मौजूदा FD की दर के बीच अंतर कितना है, इसका आकलन जरूर करें।
प्री-मैच्योर विड्रॉल चार्ज- समय से पहले FD तोड़ने पर बैंक की ओर से कुछ पेनल्टी या चार्ज वसूला जाता है, इसकी जानकारी जरूर लें।
टैक्स का हिसाब- FD से होने वाली ब्याज आय पर टैक्स के दायरे में आने की संभावना भी बनी रहती है, इसलिए टैक्स गणना पहले से कर लेना बेहतर रहेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर उपरोक्त सभी बिंदुओं को ध्यान में रखने के बाद भी नई FD कराना फायदेमंद साबित होता दिखे, तभी पुरानी FD को तोड़ने का फैसला लेना चाहिए। अन्यथा पेनल्टी और टैक्स के चक्कर में असली फायदा कम भी हो सकता है।
HDFC Bank और Federal Bank द्वारा की गई यह ब्याज दर बढ़ोतरी खासतौर पर सीनियर सिटीजन्स के लिए राहत भरी खबर है, जो सुरक्षित निवेश के तौर पर FD को प्राथमिकता देते हैं। हालांकि, निवेश से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले पूरी जानकारी जुटाना और अपनी वित्तीय जरूरतों के हिसाब से सोच-समझकर कदम उठाना ही समझदारी होगी।
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