शामली मामले पर संगीत सोम आगबबूला, अखिलेश-राहुल-ओवैसी पर बरसे

  • ‘पहले लड़कियों के साथ लव जिहाद, अब लड़कों का हो रहा ब्रेनवॉश’- संगीत सोम का दावा

लखनऊ। पूर्व भाजपा विधायक संगीत सोम ने समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर एक बार फिर तीखा बयान दिया है। शामली के आयुष मलिक मामले का हवाला देते हुए सोम ने दावा किया कि, पहले लव जिहाद की घटनाएं लड़कियों को निशाना बनाकर होती थीं, लेकिन अब यही प्रक्रिया लड़कों के साथ भी हो रही है और इसी वजह से यूसीसी की सख्त जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि, अच्छे घरानों के युवाओं की सोच को बड़े पैमाने पर प्रभावित किया जा रहा है, जिसके पीछे व्यवस्थित फंडिंग और एक सुनियोजित नैरेटिव तैयार करने की साजिश काम कर रही है।

इसे भी पढ़ें- संगीत सोम का ओवैसी-अखिलेश पर निशाना, ‘कितना भी विरोध कर लो, UCC लागू होकर रहेगा’

शामली घटना को बताया षड्यंत्र

सोम ने कहा कि, शामली की घटना इसी बड़े षड्यंत्र की एक बानगी भर है। उन्होंने आरोप लगाया कि, इस पूरे तंत्र में विदेशी ताकतों के साथ-साथ तथाकथित धर्मनिरपेक्ष तबके के लोग भी शामिल हैं।

SANGEET SOM

उनका कहना था कि, यह समस्या केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं, बल्कि देश के व्यापक स्तर पर भारी धनराशि खर्च कर युवाओं को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, इन गंभीर आरोपों के पक्ष में सोम ने कोई ठोस सार्वजनिक प्रमाण पेश नहीं किया।

यूसीसी से ही उतरेगा यह ‘बुखार’

संगीत सोम ने समान नागरिक संहिता को इस समस्या का एकमात्र हल बताया। उनके अनुसार, यही कानून इस तथाकथित ‘बुखार’ को शांत कर सकता है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में यूसीसी को उतनी ही मजबूती और दृढ़ता से लागू किया जाना चाहिए, जितनी इसकी वास्तव में आवश्यकता है। इससे एक दिन पहले भी सोम ने यूसीसी का विरोध करने को लेकर अखिलेश यादव और असदुद्दीन ओवैसी को निशाने पर लिया था।

‘तीन नेता बने मुसलमानों की बर्बादी की वजह’

अपने बयान में संगीत सोम ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी पर भी सीधा निशाना साधा। उन्होंने दोहराया कि वे पहले भी कह चुके हैं कि मुस्लिम समुदाय की तबाही के पीछे यही तीन नेता जिम्मेदार हैं। सोम ने तीनों पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप जड़ते हुए शामली की घटना को इसका ताजा उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि यह तीनों नेता देश में शांति के बजाय हमेशा विभाजनकारी राजनीति को बढ़ावा देते हैं। सोम का दावा था कि सनातन समाज अब इस सच्चाई को पहचान चुका है और 2027 में इन नेताओं को उनकी असली हैसियत का एहसास होगा।

‘दंगा करने वालों की सात पीढ़ियां याद रखेंगी’

प्रदेश की कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक माहौल पर बात करते हुए संगीत सोम ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में जानबूझकर धार्मिक संतुलन बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि 2017 के बाद से यह वर्ग भलीभांति जानता है कि दंगा भड़काने की स्थिति में ऐसी कार्रवाई होगी जिसे उनकी सात पीढ़ियां तक याद रखेंगी। सोम ने एक विशेष समुदाय की तेजी से बढ़ती जनसंख्या पर भी चिंता जताते हुए यूसीसी को पूरी सख्ती के साथ लागू किए जाने की मांग दोहराई।

 

इसे भी पढ़ें- संगीत सोम का अखिलेश पर तीखा हमला, कहा- ‘औरंगजेबी मानसिकता के हैं सपा मुखिया’

Related Articles

Back to top button