
लंदन। FIH Pro League: भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एक बार फिर साबित कर दिया कि, मैदान पर पाकिस्तान उनका मुकाबला नहीं कर सकता। लंदन के ली वैली हॉकी एंड टेनिस सेंटर में खेले गए एफआईएच प्रो लीग मुकाबले में भारत ने अपने चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 7-1 के विशाल अंतर से धूल चटा दी। यह जीत इसलिए और भी खास है क्योंकि मैच की शुरुआत में भारत एक गोल से पिछड़ रहा था, लेकिन जिस तरह से भारतीय टीम ने वापसी की, वह देखने लायक था। एक के बाद एक सात गोल दागकर भारत ने पाकिस्तान को संभलने का जरा भी मौका नहीं दिया और इतिहास के पन्नों में एक यादगार जीत दर्ज कर ली।
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दशकों पुरानी है प्रतिद्वंद्विता
एफआईएच प्रो लीग दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित हॉकी लीग में से एक है और इसमें भारत-पाकिस्तान का मुकाबला हमेशा से ही एक अलग रोमांच लेकर आता है। दोनों देशों के बीच हॉकी की प्रतिद्वंद्विता दशकों पुरानी है और हर बार जब ये दोनों टीमें आमने-सामने होती हैं तो मैदान पर एक अलग ही जज्बा देखने को मिलता है। लंदन के ली वैली हॉकी एंड टेनिस सेंटर में भी कुछ ऐसा ही नजारा था।

गौरतलब है कि, यह इस टूर्नामेंट में दोनों टीमों के बीच दूसरी भिड़ंत थी। इससे पहले 23 जून को भी भारत ने पाकिस्तान को 4-3 से हराया था। यानी इस प्रो लीग सीजन में भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ दोनों मैच जीते और कुल मिलाकर 11-4 के गोल अंतर से बेहद दबदबे के साथ अपना पलड़ा भारी रखा।
पहले क्वार्टर में चूका भारत
मुकाबले की शुरुआत दोनों टीमों ने काफी आक्रामक अंदाज में की। पहले ही दो मिनट में भारतीय टीम को पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन टीम उसे गोल में तब्दील नहीं कर सकी। यह मौका चूकना भारत को थोड़ा महंगा पड़ा क्योंकि इसके बाद पाकिस्तान ने मैदान पर अपनी पकड़ मजबूत करनी शुरू कर दी।
13वें मिनट में पाकिस्तान को पेनल्टी कॉर्नर मिला और पाकिस्तानी कप्तान अबू बकर महमूद ने इसे गोल में बदलने में कोई गलती नहीं की। उनकी जबरदस्त ड्रैग फ्लिक भारतीय गोलकीपर को छकाते हुए नेट में समा गई और पाकिस्तान ने 1-0 की बढ़त हासिल कर ली। पहले क्वार्टर के समाप्त होने तक पाकिस्तान इसी एक गोल की बढ़त के साथ आगे था और उनके खिलाड़ियों के चेहरों पर आत्मविश्वास साफ झलक रहा था।
दूसरे क्वार्टर में भारत ने पलटी बाजी
पहले क्वार्टर में एक गोल से पिछड़ने के बाद भारतीय टीम ने दूसरे क्वार्टर में जो खेल दिखाया वह वाकई काबिले तारीफ था। 20वें मिनट में भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला और यहां से भारत ने ऐसी शानदार वापसी की, कि पाकिस्तान के छक्के छूट गये। हरमनप्रीत सिंह की जबरदस्त ड्रैग फ्लिक को सुखजीत सिंह ने शानदार डिफ्लेक्शन देकर गोल में बदल दिया।
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A memorable outing in London as India produced a clinical performance to defeat Pakistan 7-1 in the FIH Hockey Pro League.
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— Hockey India (@TheHockeyIndia) June 26, 2026
स्कोर 1-1 हो गया और भारतीय खेमे में जोश भर गया, लेकिन भारत यहीं नहीं रुका। 26वें मिनट में एक और पेनल्टी कॉर्नर मिलने पर इस बार हरमनप्रीत सिंह ने खुद मोर्चा संभाला और शक्तिशाली ड्रैग फ्लिक से गोल दागकर भारत को 2-1 की बढ़त दिला दी। बस इसके बाद पाकिस्तानी टीम की हालत पतली होती चली गई। हाफटाइम तक भारत 2-1 से आगे था और मैच पर पूरी तरह हावी था।
तीसरे क्वार्टर में टूटा पाकिस्तान
हाफटाइम के बाद मैदान पर सिर्फ और सिर्फ भारत का दबदबा था। तीसरे क्वार्टर की शुरुआत होते ही भारत ने पेनल्टी स्ट्रोक हासिल किया और हार्दिक सिंह ने इसे बेहद ठंडे दिमाग से गोल में बदला। स्कोर 3-1 हो गया और अब पाकिस्तान के लिए वापसी लगभग नामुमकिन हो गई थी।

इसके तुरंत बाद भारत ने तेज काउंटर अटैक चलाया और जुगराज सिंह ने चौथा गोल दागकर स्कोर 4-1 कर दिया। पाकिस्तानी डिफेंस पूरी तरह बिखर चुका था और भारतीय खिलाड़ी हर तरफ से उन पर हावी हो रहे थे।
41वें मिनट में खेल का सबसे खूबसूरत गोल आया। सुखजीत सिंह ने एक लाजवाब पास दिया और अभिषेक ने उस पर शानदार फील्ड गोल दागकर स्कोर 5-1 कर दिया। यह गोल देखकर दर्शक दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर हो गए।
चौथे क्वार्टर में भी नहीं थमा भारत
तीसरे क्वार्टर में पांच गोल कर चुकी भारतीय टीम के हौसले चौथे क्वार्टर में भी बुलंद रहे। 44वें मिनट में राज कुमार पाल ने छठा गोल दागकर पाकिस्तान की बची-खुची उम्मीदों पर भी पानी फेर दिया। इस गोल के बाद पाकिस्तानी खिलाड़ियों के चेहरों पर हताशा साफ दिखने लगी।
54वें मिनट में दिलप्रीत सिंह ने शानदार व्यक्तिगत प्रदर्शन करते हुए सातवां और आखिरी गोल दागा। इस गोल के साथ ही भारत ने 7-1 की ऐतिहासिक जीत पर मुहर लगा दी। यह स्कोरलाइन देखकर पाकिस्तानी खेमे में सन्नाटा छा गया।
हार्दिक सिंह बने मैच के हीरो
इस शानदार जीत में सभी भारतीय खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया, लेकिन हार्दिक सिंह का प्रदर्शन सबसे अलग और प्रभावशाली रहा। न सिर्फ उन्होंने गोल किया बल्कि पूरे मैच में उनकी मिडफील्ड में पकड़, तेज दौड़ और सटीक पास ने भारत के आक्रमण को धार दी। इसी शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब दिया गया।

भारत की ओर से सात अलग-अलग खिलाड़ियों ने गोल किए जो यह बताता है कि यह जीत किसी एक खिलाड़ी की नहीं बल्कि पूरी टीम की थी। सुखजीत सिंह, हरमनप्रीत सिंह, हार्दिक सिंह, जुगराज सिंह, अभिषेक, राज कुमार पाल और दिलप्रीत सिंह सभी ने स्कोरशीट पर अपना नाम दर्ज किया।
प्रो लीग में भारत की दमदार स्थिति
इस जीत के साथ भारतीय टीम ने एफआईएच प्रो लीग में तीन अमूल्य अंक अपने खाते में जोड़े। पाकिस्तान के खिलाफ लगातार दो जीत और 11-4 का विशाल गोल अंतर यह साबित करता है कि, भारतीय हॉकी टीम इस वक्त विश्व की सर्वश्रेष्ठ टीमों में से एक है। आने वाले टूर्नामेंटों में भी इस फॉर्म को बरकरार रखना भारत का लक्ष्य होगा।
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