
आजकल फिटनेस के प्रति लोगों की जागरूकता तेजी से बढ़ रही है। अधिकांश लोग अपनी सेहत को बेहतर बनाने के लिए नियमित रूप से सुबह की वॉकिंग को अपनी दिनचर्या में शामिल कर रहे हैं। रोजाना 30 से 45 मिनट की वॉकिंग डायबिटीज, हृदय रोग, मोटापा और ब्लड प्रेशर जैसी कई समस्याओं से बचाव में सहायक साबित होती है, लेकिन कई बार लोग खाली पेट वॉकिंग करते समय कुछ छोटी-छोटी गलतियां कर बैठते हैं, जिनके कारण फायदे की जगह नुकसान हो जाता है।
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खाली पेट व्यायाम करना कुछ लोगों के लिए उपयोगी हो सकता है, लेकिन गलत तरीके से किए जाने पर यह थकान, चक्कर आना, कमजोरी और पाचन संबंधी गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है, इसलिए खाली पेट वॉकिंग करते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बहुत आवश्यक है।
हो जाती है ग्लूकोज की कमी
खाली पेट वॉकिंग करते समय सबसे बड़ी गलती तेज गति से चलना है। सुबह उठकर शरीर में ऊर्जा की कमी होती है क्योंकि रात भर कुछ खाया नहीं जाता। ऐसे में अगर कोई बहुत तेज रफ्तार से वॉकिंग शुरू कर दे तो शरीर में ग्लूकोज की कमी हो जाती है जिससे चक्कर आना, कमजोरी महसूस होना, पसीना छूटना या थकावट जैसे लक्षण सामने आ सकते हैं, इसलिए खाली पेट हमेशा धीमी या मध्यम गति से वॉकिंग करनी चाहिए।

शुरुआत में 10-15 मिनट धीरे-धीरे चलकर शरीर को गर्म होने दें और फिर गति बढ़ाएं। अगर आप तेज या इंटेंस वर्कआउट करना चाहते हैं, तो पहले केला, मुट्ठी भर बादाम या कोई हल्का नाश्ता अवश्य लें।
दूसरी आम गलती सुबह खाली पेट या बहुत कम खाकर ऑयली और भारी भोजन करना है। तला-भुना, मसालेदार, पूरी-पराठा या फास्ट फूड जैसे भोजन पेट के लिए बेहद हानिकारक होते हैं। इससे एसिडिटी, गैस, ब्लोटिंग और लंबे समय में पाचन तंत्र की गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। सुबह का नाश्ता हमेशा हल्का, पौष्टिक और आसानी से पचने वाला होना चाहिए जैसे ओट्स, फल, दही, पोहा या उपमा।
तला भुना खाने से बचें
तले हुए और भारी खाने से पूरी तरह बचना चाहिए। वॉकिंग के दौरान शरीर से काफी पसीना निकलता है जिससे पानी की कमी हो जाती है। खाली पेट वॉकिंग करते समय अगर पर्याप्त पानी न पिया जाए तो डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है। इससे सिरदर्द, थकान, मुंह सूखना और शरीर की कार्यक्षमता प्रभावित होती है, इसलिए सुबह उठते ही एक गिलास गुनगुना पानी पीना चाहिए। वॉकिंग से पहले और दौरान छोटे-छोटे घूंट में पानी पीते रहें। गर्मियों में रोजाना 3.5 से 5 लीटर पानी पीना जरूरी है। मौसम के अनुसार पानी की मात्रा समायोजित करनी चाहिए।
कई लोग वॉकिंग के बाद भूख न लगने के कारण खाना टाल देते हैं जो एक बड़ी गलती है। व्यायाम के बाद शरीर मांसपेशियों की मरम्मत और ऊर्जा स्टोर को फिर से भरने के लिए प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट की जरूरत महसूस करता है। खाना न खाने से रिकवरी धीमी हो जाती है और मसल ब्रेकडाउन का खतरा बढ़ जाता है। वॉकिंग के 20 से 30 मिनट के अंदर हल्का भोजन अवश्य करना चाहिए जैसे केला, सेब, मुट्ठी नट्स, दही या स्मूदी। इससे शरीर को जरूरी पोषण मिलता है और रिकवरी तेज होती है। खाली पेट बहुत लंबी वॉकिंग करना भी नुकसानदायक साबित हो सकता है।
अनियमित खान-पान बढ़ा सकता है जोखिम
शरीर में ऊर्जा की कमी होने के कारण एक घंटे से ज्यादा लगातार तेज वॉकिंग करने से जोड़ों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और थकान, चक्कर या कमजोरी महसूस हो सकती है। अपनी फिटनेस लेवल के अनुसार 30 से 50 मिनट की वॉकिंग पर्याप्त होती है। शुरुआती लोगों को 20-30 मिनट से शुरू करना चाहिए। कुछ लेखों में यह भी कहा जाता है कि ज्यादा देर खाली पेट रहने से कैंसर जैसी बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। वास्तव में विश्वसनीय अध्ययनों में खाली पेट वॉकिंग को सीधे कैंसर से नहीं जोड़ा गया है। हां, लंबे समय तक अनियमित खान-पान और इंटरमिटेंट फास्टिंग से कुछ स्वास्थ्य जोखिम बढ़ सकते हैं लेकिन सही तरीके से किया गया खाली पेट व्यायाम कई लोगों के लिए फायदेमंद होता है।
कैंसर रोगियों के लिए आहार अलग होता है और उन्हें ज्यादा कैलोरी तथा प्रोटीन की जरूरत पड़ती है। स्वस्थ व्यक्ति को डॉक्टर की सलाह लेकर ही लंबा उपवास करना चाहिए। खाली पेट कुछ काम करने से जबरदस्त फायदे भी मिल सकते हैं। सुबह उठकर गुनगुना पानी पीने से पाचन तंत्र सक्रिय होता है, शरीर के टॉक्सिन बाहर निकलते हैं और मेटाबॉलिज्म बढ़ता है। नींबू पानी विटामिन सी से भरपूर होता है। इसमें थोड़ा शहद मिलाकर पीने से मेटाबॉलिज्म बूस्ट होता है, वजन नियंत्रण में मदद मिलती है और इम्यूनिटी मजबूत होती है। खाली पेट योगासन जैसे सूर्य नमस्कार और प्राणायाम करना फैट बर्निंग के लिए बेहतर माना जाता है।’
मेडिटेशन से कम होता है तनाव
ध्यान और मेडिटेशन से तनाव कम होता है और मानसिक स्पष्टता बढ़ती है। फलों का सेवन जैसे केला, सेब, पपीता या संतरा खाली पेट करने से फाइबर, विटामिन और नैचुरल शुगर मिलता है, जिससे ऊर्जा बढ़ती है और कब्ज जैसी समस्या दूर होती है। शहद गुनगुने पानी के साथ पीने से पाचन अच्छा होता है और पूरे दिन ऊर्जा स्तर बना रहता है। दही प्रोबायोटिक्स से भरपूर होता है जो गर्मियों में पेट को ठंडक देता है और गैस-एसिडिटी से राहत दिलाता है।
अंजीर को गर्म दूध के साथ रोजाना खाने से फाइबर की अच्छी मात्रा मिलती है। इससे पाचन सुधरता है, हड्डियां मजबूत होती हैं, नींद अच्छी आती है, तनाव कम होता है और इम्यूनिटी बढ़ती है। महिलाओं और पुरुषों दोनों के लिए अंजीर फायदेमंद है। खाली पेट वॉकिंग सभी के लिए उपयुक्त नहीं होती। डायबिटीज, थायरॉइड या कमजोर स्वास्थ्य वाले लोग डॉक्टर से सलाह लेकर ही खाली पेट व्यायाम करें। अगर आप इंटरमिटेंट फास्टिंग फॉलो कर रहे हैं तो भी बैलेंस डाइट का ध्यान रखें। वॉकिंग के दौरान आरामदायक जूते पहनें, सांस लेने लायक कपड़े चुनें और मौसम के अनुसार सावधानी बरतें। किसी भी नई आदत को अचानक न अपनाएं बल्कि धीरे-धीरे शरीर को आदत डालने दें।
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