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गुरुवार को भगवान विष्णु की पूजा में न करें ये चीजें, धन की हो सकती है हानि

हिंदू धर्म में गुरुवार के दिन भगवान विष्णु की पूजा के लिए बेहद खास माना जाता है। कहते हैं सच्चे मन से उनकी पूजा करने वाले भक्तों की सभी मनोकामनाएं भगवान विष्णु जरूर पूरा करते हैं। हिंदू धर्म शास्त्र के अनुसार गुरुवार को भगवान विष्णु की विधिवत पूजा करने से जीवन के सभी संकटों से छुटकारा मिलता है। विष्णु जी की पूजा करने से धन के साथ-साथ वैवाहिक जीवन में सुख-शांति भी होती है। आपको बता दें कि भगवान विष्णु को पीला वस्त्र बहुत ही पसंद है। अगर आप भगवान विष्णु की पूजा करते हैं तो पीला वस्त्र उस दिन जरूर पहनें। भगवान विष्णु की पूजा नियम पूर्वक करने से सभी कार्य सफल होते हैं। आइए आपको बताते हैं कि भगवान विष्णु की पूजा आराधना करने में किन-किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए और कौन सी चीजें हैं जो भूलकर भी नहीं करनी चाहिए।

भगवान विष्णु की पूजा करते वक्त ध्यान रखें ये बातें

केले का सेवन न करें

अगर आप गुरुवार को भगवान विष्णु की पूजा करते हैं तो उस दिन केले का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए। हिंदू धर्म के अनुसार केले के पेड़ में भगवान विष्णु का वास माना जाता है। ऐसे में गुरुवार के दिन इसे खाने से बचें।

पीली वस्तुओं का करें दान

गुरुवार के दिन भगवान विष्णु की पूजा करने के बाद गुड़, पीला कपड़ा, चने की दाल और केला भगवान को अर्पित करके किसी गरीब को दान कर दें। इससे भगवान विष्णु की कृपा दृष्टि बनी रहती है और घर से अशांति दूर होती है।

चावल या खिचड़ी का सेवन न करें

गुरुवार के दिन भगवान विष्णु की पूजा करने के बाद पीला भोजन ही ग्रहण करें। इससे भगवान विष्णु खुश होते हैं। इस दिन भूलकर भी काली दाल की खिचड़ी और चावल का सेवन न करें। ऐसी मान्यता है कि इस दिन चावल का सेवन करने से धन की हानि होती है। भगवान विष्णु को चावल की जगह तिल अर्पित करें।

गाय को रोटी खिलाएं

हिंदू धर्म के अनुसार गाय में कई देवताओं का वास माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार गुरुवार के दिन गाय को रोटी और गुड़ खिलाने से सभी कष्ट दूर होते हैं और घर में सुख-समृद्धि आती है।

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बाल और नाखून न काटें

हिंदू धर्म के अनुसार गुरुवार के दिन नाखून और बाल काटने से गुरु कमजोर होता है। इससे धन की हानि होती है और शरीर बीमारियों से ग्रसित होता है। शास्त्रों के अनुसार महिलाओं को इस दिन बाल और कपड़े धोने से मना किया जाता है। कहते हैं ऐसा करने से सम्मान की हानि होती है।