
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मौसम का मिज़ाज पूरी तरह बदल चुका है। प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार हो रही भारी बारिश ने प्रशासन और आम जनजीवन दोनों को सतर्क कर दिया है। प्रदेश के कई जिलों में तेज़ बारिश के बाद नदी-नाले उफान पर आ गए हैं, जिससे बाढ़ जैसे हालात बनने की आशंका गहराती जा रही है।
बलरामपुर जिले में भारी बारिश के चलते कनहर नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है, जिसे देखते हुए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। जिन जिलों में भारी बारिश की स्थिति बनी हुई है। वहां जिला प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है। साथ ही राहत व बचाव टीमों को भी सक्रिय कर दिया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, आने वाले 24 घंटों में प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
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मौसम विभाग का ऑरेंज और येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों के लिए अलग-अलग स्तर की चेतावनियां जारी की हैं। प्रदेश के 6 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि 15 जिलों में येलो अलर्ट की स्थिति बनी हुई है।

मौसम विभाग की मानें तो इन जिलों के कुछ हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले 24 घंटों के भीतर राज्य के अधिकांश जिलों में भारी बारिश की प्रबल संभावना है, जिसे देखते हुए प्रशासनिक अमला हरकत में आ गया है।
राजधानी में भी झमाझम बारिश
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर भी इस भारी बारिश के दौर से अछूती नहीं रही है। राजधानी में हुई तेज़ बारिश के चलते शहर की कई सड़कों पर पानी भर गया, जिससे आम नागरिकों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग के अनुसार, रायपुर शहर में अगले 24 घंटों के दौरान गरज-चमक के साथ बारिश जारी रहने की संभावना है। इस दौरान राजधानी का अधिकतम तापमान करीब 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास बने रहने का अनुमान जताया गया है।
किन जिलों में जारी भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, छत्तीसगढ़ के बलरामपुर, कोरिया, सूरजपुर, जशपुर, सरगुजा और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में अगले 24 घंटों के दौरान भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। ये सभी जिले ऑरेंज अलर्ट की श्रेणी में शामिल हैं, जिसका अर्थ है कि यहां भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका ज़्यादा है।
इसके अतिरिक्त बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़, मुंगेली, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा, बेमेतरा, बलौदाबाजार, महासमुंद, राजनांदगांव, दुर्ग, रायपुर, बालोद, धमतरी और गरियाबंद जिले के लिए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है।
विभाग के मुताबिक, येलो अलर्ट वाले इन जिलों में बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है, साथ ही कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी दर्ज की जा सकती है। इस तरह कुल मिलाकर राज्य के 21 जिले किसी न किसी स्तर के मौसम अलर्ट की चपेट में हैं, जो प्रदेश में मानसून की सक्रियता को दर्शाता है।
सरगुजा संभाग में हालात गंभीर
सरगुजा और रायपुर संभाग के कुछ इलाकों में भारी बारिश के चलते स्थिति गंभीर बनी हुई है। रामानुजगंज क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश का दौर जारी है, जिसके परिणामस्वरूप आसपास के नदी-नाले पूरी तरह उफान पर आ गए हैं। वहीं बलरामपुर जिले में हो रही लगातार बारिश के कारण कनहर नदी का जलस्तर तेज़ी से बढ़ रहा है, जिससे नदी किनारे बसे इलाकों में खतरे की आशंका बढ़ गई है।
इन हालातों को गंभीरता से लेते हुए बलरामपुर जिला प्रशासन ने विशेष अलर्ट जारी किया है। प्रशासन की ओर से स्थानीय निवासियों से अपील की गई है कि वे उफनते नदी-नालों से दूर रहें और किसी भी तरह की जोखिम भरी गतिविधि से बचें। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है और ज़रूरत पड़ने पर तत्काल राहत कार्य शुरू किए जाएंगे।
प्रशासन की तैयारियां और सतर्कता
भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए प्रभावित जिलों में प्रशासनिक स्तर पर पूरी सतर्कता बरती जा रही है। जिला प्रशासन ने राहत और बचाव दलों को सक्रिय कर दिया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे बाढ़ प्रभावित हो सकने वाले क्षेत्रों पर निरंतर नज़र रखें और आवश्यकता पड़ने पर स्थानीय निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था करें।

प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें और अनावश्यक यात्रा से बचें, खासकर उन क्षेत्रों में जहां भारी बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों को विशेष रूप से सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
24 घंटे काफी अहम
फिलहाल छत्तीसगढ़ में मानसून पूरी तरह सक्रिय नज़र आ रहा है और आने वाले 24 घंटे प्रदेश के लिए काफी अहम माने जा रहे हैं। मौसम विभाग की चेतावनियों के मद्देनज़र प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है, लेकिन नदी किनारे बसे इलाकों और निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। आने वाले दिनों में बारिश का यह दौर किस दिशा में आगे बढ़ता है, इस पर पूरे प्रदेश की निगाहें टिकी हुई हैं।
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