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केदारनाथ-बदरीनाथ सहित चारधाम यात्रा शुरू,दो पास के साथ ही हाेंगे दर्शन

हाईकोर्ट नैनीताल ने चारधाम यात्रा पर लगी रोक हटाने के बाद शनिवार शुरू हुई यात्रा में श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई। प्रदेश सहित बाहरी राज्यों ने बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री धाम में श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। कोविड से जुड़े प्रतिबंधों के साथ यात्रा शुरू होते ही तीर्थ यात्रियों में खासा जोश दिखाई दिया।केदारनाथ-बदरीनाथ सहित चारधाम यात्रा के लिए भले ही रोजाना पहुंचने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या तय कर दी गई हो, पर यदि कोई यात्री रात को धामों में रुकना चाहे तो रुक सकता है।

देवस्थानम बोर्ड के सीईओ रविनाथ रमन ने बताया कि चारों धामों में यात्रियों की संख्या दर्शन करने के लिए तय की गई है। उत्तराखंड में चार धाम यात्रा के दर्शन को आने वाले दूसरे राज्य के श्रद्धालुओं को स्मार्ट सिटी के अलावा देवस्थानम बोर्ड के पोर्टल पर भी पंजीकरण कराना होगा।  स्मार्ट सिटी पोर्टल पर पंजीकरण से उन्हें राज्य में प्रवेश मिलेगा। जबकि, देवस्थानम बोर्ड के पोर्टल पर पंजीकरण से यात्रा का ई पास मिलेगा। राज्य के यात्रियों को केवल देवस्थानम बोर्ड की साइट पर पंजीकरण कराना होगा। श्री हेमकुंड साहिब के कपाट भी श्रद्धालुओं के लिए शनिवार को खोल दिए गए हैं।

तीन राज्यों के लिए सख्ती 
केरल, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश से आने वाले यात्रियों को कोविड वैक्सीन की दोनों डोज लगाने के बावजूद यात्रा तारीख से 72 घंटे पहले की उसी के बाद ई पास जारी हो पाएगा।

धामों में रात को रुक सकते हैं यात्री 
देवस्थानम बोर्ड के सीईओ रविनाथ रमन ने बताया कि यात्रियों की संख्या दर्शन करने के लिए तय की गई है। दर्शन करने के बाद यात्री चाहे तो बदरीनाथ धाम टाउन में कितने दिनों के लिए भी रह सकता है।

ये हैं कंट्रोल रूम के नंबर
0135559898, 0135552627, 0135552628

यहां होगी जांच
गौचर, ग्वालदम, पांडुकेश्वर, पंडुवाखाल, मोहनखाल, सिरोबगड़, चिरबटिया, सोनप्रयाग, स्यान्सू, नगुण, धनोत्री, डाम्टा।

नेगेटिव आरटीपीसीआर या दो टीकों की रिपोर्ट जरूरी 
श्रद्धालुओं की आरटीपीसीआर टेस्ट की नेगेटिव रिपोर्ट और कम्पलीट वैक्सीनेशन के सर्टिफिकेट की जांच के लिए चारों धामों में चेक पोस्ट बनाए जाएं। श्रद्धालुओं के लिए कुंड में स्नान करने पर प्रतिबंध रहे और एंटी स्पीटिंग ऐक्ट को चारों धामों में लागू किया जाए। संबंधित जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे यात्रा को सफल बनाने के लिए स्थानीय लोगों एवं एनजीओ की मदद ले सकते हैं, लेकिन एनजीओ एवं स्थानीय लोग, सही एवं जिम्मेदार होने चाहिए।

रोजाना कहां कितने यात्री जा सकेंगे 
बदरीनाथ        1000
केदारनाथ        800
गंगोत्री        600
यमुनोत्री        400

डेढ़ महीने होगी यात्रा 
यात्रा अभी शुरू होती है, तो नवंबर महीने के मध्य तक चलेगी। गंगोत्री धाम के कपाट दीवाली के अगले दिन बंद होंगे। यमुनोत्री धाम और केदारनाथ धाम के कपाट भैय्यादूज के दिन बंद होंगे। बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने पर दशहरा के दिन फैसला होगा।

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ये सावधानी बरतें
-मानसून के दौरान चारधाम की सड़कें बार बार बंद हो रही हैं, इसलिए पहाड़ पर सड़कों की जानकारी लेकर ही आगे बढ़ें।
-रात को सफर न करें। अपनी गाड़ी के बजाय बसों और टैक्सियों को दें प्राथमिकता।
-चारों धामों में बारिश के कारण लगातार तापमान गिर रहा है और बर्फबारी भी हो रही है, इसलिए गर्म कपड़े जरूर साथ लाएं।
-केदारनाथ और यमुनोत्री के पैदल रास्ते में सावधानी से चलें, साथ में बांस की लाठियां रख लें तो बेहतर होगा।
-चारों धामों की अधिक ऊंचाई के कारण आक्सीजन की कमी रहती है, सिलेंडर साथ रख सकते हैं।
-धामों की स्वच्छता के लिए पॉलीथिन, प्लास्टिक का प्रयोग वर्जित है, इसे साथ न लाएं।
-सम्पूर्ण चारधाम यात्रा मार्ग पर मांस, शराब पूर्ण प्रतिबन्धित है