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कोरोना को लेकर केंद्र का राज्यों को निर्देश: जाने क्या है नए नियम

बुधवार को केंद्र की मोदी सरकार ने कोविड-19 पर नई गाइडलाइन जारी की गयी है। केंद्र ने कंटेनमेंट जोन पर फोकस किया है। केंद्र सरकार ने राज्यों से कोरोना से बचाव के लिए सख्त कदम उठाने और सावधानी बरतने को कहा है। राज्य सरकारे कंटेनमेंट जोन में नाइट कर्फ्यू लगा सकते हैं। परन्तु स्थानीय स्तर पर लॉकडाउन लगाने के लिए केंद्र की मंजूरी लेनी होगी। केंद्र की यह गाइडलाइन 1 दिसंबर से लागू होगी। कंटेनमेंट जोन और अन्य स्थानों के लिए गाइडलाइन का पालन करना पड़ेगा.

कंटेनमेंट जोन और अन्य स्थानों के लिए गाइडलाइन

  • राज्यों को कंटेनमेंट जोन में नियमों का सख्ती से पालन कराना होगा। सर्विलांस सिस्टम को मजबूत करना होगा।
  • जिले की एडमिनिस्ट्रेशन को केंद्र सरकार की ओर से जारी गाइडलाइंस का पालन कराना होगा।
  • राज्यों को छूट दी गई है कि वे अपने यहां के हालात को देखते हुए खुद से पाबंदियां लगा सकते हैं।
  • सभी जिलों में बनने वाले कंटेनमेंट जोन की लिस्ट अपनी वेबसाइट पर अपलोड करनी होगी। इसे हेल्थ मिनिस्ट्री से भी शेयर करना होगा।
  • इन जोन में सख्ती बरतते हुए लोगों की आवाजाही पर रोक लगानी होगी। सिर्फ जरूरी चीजों और मेडिकल जरूरतों के लिए छूट मिलेगी।
  • सर्विलांस टीम घर-घर जाकर कोरोना के लक्षण वालों की पहचान करेगी। प्रोटोकाल के हिसाब से टेस्टिंग कराई जाए।
  • संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने वाले लोगों की लिस्ट बने। उनकी पहचान कर ट्रैक किया जाए और क्वारैंटाइन किया जाए।
  • संक्रमित व्यक्ति का तुरंत इलाज शुरू किया जाए। उसे होम आइसोलेशन में रखा जाए। जरूरत होने पर अस्पताल में भर्ती किया जाए।
  • ILI और SARI केसेस को सर्विलांस किया जाए और मोबाइल यूनिट उनके संपर्क में रहें।
  • पाबंदियां लागू करने और नियमों के पालन के लिए लोकल डिस्ट्रिक एडमिनिस्ट्रेशन और पुलिस जिम्मेदार होंगे।
  • राज्य और यूनियन टेरिटरी को ऑफिसों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराना है।
  • जिन शहरों में वीकली 10% पॉजिटिविटी रेट है, वहां ऑफिस टाइमिंग में बदलाव और दूसरे जरूरी कदम उठाएं।
  • सोशल डिस्टेंस के लिहाज से ऑफिस में एक समय में ज्यादा स्टाफ न हो।
  • सामाजिक, धार्मिक, खेल, मनोरंजन, शैक्षणिक, सांस्कृतिक जमावड़ों में अभी हॉल की क्षमता के 50% और अधिकतम 200 लोगों के जमा होने की इजाजत है। हालांकि, राज्य अपने हालातों के आधार पर इस संख्या को 100 या इससे भी कम कर सकते हैं।

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