लखनऊ के जवाहर भवन में लगी भीषण आग, कई सरकारी विभागों के दफ्तर धू-धूकर जले

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक बड़ी खबर आ रही है। शहर के बीचोंबीच स्थित जवाहर भवन में अचानक भीषण आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। घटना की खबर मिलते ही दमकल की गाड़ियां और पुलिस मौके पर पहुंच हैं और आग बुझाने में जुट गईं।

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गौरतलब है कि, जवाहर भवन प्रदेश सरकार की एक महत्वपूर्ण इमारत है, जहां कई सरकारी विभागों के कार्यालय संचालित होते हैं। ऐसे में इस घटना ने प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। घटनास्थल से लगातार सामने आ रही तस्वीरें और वीडियो इस बात की तस्दीक कर रहे हैं कि, आग की लपटें कितनी भयावह हैं।

 चौथी मंजिल की कैंटीन से भड़की आग

मिली जानकारी के अनुसार, आग जवाहर भवन की चौथी मंजिल पर बने कैफेटेरिया से भड़की और देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। कुछ ही सेकेण्ड में आग ने आसपास के हिस्सों को भी अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही भवन में मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। राहत की बात यह रही कि, समय रहते सभी कर्मचारी और अन्य लोग इमारत से सुरक्षित बाहर निकल आए। फिलहाल, किसी के हताहत होने या घायल होने की कोई खबर सामने नहीं आई है, जो राहत देने वाली बात है।

A massive fire broke out in Jawahar Bhawan in Lucknow.

घटना के तुरंत बाद पीडब्ल्यूडी के कर्मचारियों ने अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश की। भवन में मौजूद अग्निशमन प्रणाली का इस्तेमाल करते हुए आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया, लेकिन आग इतनी तेजी से फैल रही थी कि यह कोशिश नाकाफी साबित हुई। स्थिति को बिगड़ता देख तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई।

सूचना मिलते ही तीन से चार दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने में जुट गईं। दमकलकर्मी लगातार आग बुझाने में जुटे रहे, लेकिन शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक स्थिति पूरी तरह काबू में नहीं आ पाई थी।

कर्मचारी संघ अध्यक्ष ने दी घटना की जानकारी

जवाहर भवन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सतीश कुमार पांडे ने बताया कि, चौथी मंजिल पर बने कैफेटेरिया में आग लगी है और फायर ब्रिगेड के कर्मचारी इसे बुझाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि, आग की शुरुआत उसी मंजिल के कैफेटेरिया से हुई थी। उनके अनुसार, हालात उस वक्त तक पूरी तरह नियंत्रण में नहीं आए थे, जिसे देखते हुए राहत और बचाव कार्य में और तेजी लाई गई।

 कई महत्वपूर्ण सरकारी दफ्तर

जवाहर भवन लखनऊ के प्रमुख सरकारी भवनों में गिना जाता है। यहां राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के कार्यालय स्थित हैं और रोजाना बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारी और आम जनता का आना जाना रहता है। ऐसे में इतनी बड़ी इमारत में आग लगने की घटना ने सुरक्षा इंतजामों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। भवन में मौजूद महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज और फाइलों को लेकर भी चिंता जताई जा रही है, क्योंकि आग की वजह से संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।

संपत्ति के भारी नुकसान की आशंका

हालांकि, इस हादसे में जान-माल की बड़ी क्षति नहीं हुई, सभी लोग सुरक्षित निकाले जा चुके हैं, लेकिन भवन के अंदर मौजूद फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, कंप्यूटर सिस्टम और अन्य सरकारी सामान को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। चौथी मंजिल पर स्थित कैफेटेरिया और आसपास के हिस्सों में आग से काफी क्षति होने बात भी सामने आ रही हैं। अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आग की वजह से कुल कितना नुकसान हुआ है।

A massive fire broke out in Jawahar Bhawan in Lucknow.

घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच चुके हैं और राहत-बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे। दमकल विभाग की टीमें पूरी मुस्तैदी के साथ आग बुझाने में जुटी रहीं, ताकि आग को आगे फैलने से रोका जा सके और भवन के बाकी हिस्सों को सुरक्षित रखा जा सके। स्थानीय पुलिस बल ने भी घटनास्थल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था संभाली, ताकि राहत कार्य में किसी तरह की बाधा न आए और भीड़ को भी नियंत्रित रखा जा सके।

आग लगने के कारणों की होगी जांच

फिलहाल, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि, आग लगने की असली वजह क्या थी,  लेकिन आशंका जताई जा रही है कि शॉर्ट सर्किट, गैस सिलेंडर में खराबी या अन्य कोई तकनीकी वजह हो सकती है। आग पूरी तरह बुझने के बाद संबंधित विभाग और फायर सेफ्टी टीम द्वारा घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया जाएगा, ताकि आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई और जिम्मेदारी तय की जाएगी।

राहत की बात, कोई जनहानि नहीं

इस पूरे घटनाक्रम में राहत देने वाला पहलू ये रहा कि, आग जितनी भीषण थी, उसकी तुलना में जनहानि नहीं हुई। समय रहते सभी लोगों को इमारत से बाहर निकाल लिया गया, जिससे किसी बड़े हादसे को टाला जा सका।

फिलहाल दमकल विभाग की टीमें आग पर पूरी तरह काबू पाने में जुटी हुई हैं। इस घटना ने एक बार फिर सरकारी भवनों में अग्नि सुरक्षा उपकरणों और आपातकालीन व्यवस्थाओं की समुचित जांच और रखरखाव की जरूरत को रेखांकित किया है। आने वाले समय में इस घटना के आधार पर सुरक्षा मानकों की समीक्षा किए जाने की भी संभावना जताई जा रही है।

 

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