कांग्रेस समेत 13 राजनीतिक दलों ने स्पीकर की ‘चाय पार्टी’ से बनाई दूरी, सत्र की परंपरा निभाने को नहीं तैयार विपक्षी

संसद के बजट सत्र का दूसरा हिस्सा लगभग बिना खास विधायी कार्य किए हुए ही खत्म हो रहा है। सत्र खत्म होने के बाद लोकसभा स्पीकर परंपरागत तौर पर ‘शाम की चाय’ पर सांसदों को बुलाते हैं। लेकिन, विपक्षी दल उसमें भी जाने के लिए तैयार नहीं हुए। कांग्रेस समेत 13 विपक्षी पार्टियां इस समय अडानी मसले पर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए है।

विपक्ष का तिरंगा मार्च

गुरुवार को लोकसभा की कार्यवाही स्थगित के बावजूद विपक्ष का विरोध प्रदर्शन जारी रहा। न्यूज एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि कांग्रेस समेत 13 विपक्षी दलों ने स्पीकर ओम बिरला की ओर से आयोजित परंपरागत शाम की चाय का भी बायकॉट करने का फैसला किया है। जैसे ही लोकसभा की कार्यवाही स्थगित हुई कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने ‘लोकतंत्र खतरे में’ के आरोपों के साथ नई दिल्ली में तिरंगा मार्च निकाला।

13 विपक्षी दलों ने स्पीकर की शाम की चायका किया बायकॉट-रिपोर्ट

कांग्रेस समेत जिन 13 विपक्षी दलों की ओर से लोकसभा अध्यक्ष की ओर से आयोजित परंपरागत शाम की चाय के बायकॉट करने का फैसला लिया गया, उनमें संभवत: ये सभी विपक्षी दल शामिल हो सकते हैं- कांग्रेस, टीएमसी, आम आदमी पार्टी, डीएमके, समाजवादी पार्टी, जेडीयू, आरजेडी, भारत राष्ट्र समिति, एनसीपी, शिवसेना (उद्धव बाल ठाकरे), जेएमएम, सीपीएम, सीपीआई और जम्मू-कश्मीर नेशनल कांफ्रेंस।

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अडानी मुद्दे पर विपक्ष का प्रदर्शन जारी

एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि, ‘कांग्रेस समेत 13 राजनीतिक दल आज संसद के बजट सत्र के अंतिम दिन लोकसभा स्पीकर द्वारा आयोजित ‘इवनिंग टी’ मीटिंग में नहीं शामिल होंगे।’ गौरतलब है कि विपक्ष दल अडानी मामले पर लगातार संयुक्त संसदीय जांच समिति की गठन की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसके चलते बजट सत्र का दूसरी हिस्सा लगभग पूरी तरह से बेकार गया है।

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