गांवों में कोरोना संक्रमण को लेकर सरकार ने उठाया बड़ा कदम, जारी की नई गाइडलाइंस

देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर का असर ग्रामीण इलाकों में भी अधिक देखने को मिल रहा है। ग्रामीण अंचलों में कोरोना संक्रमण के अधिक मामले आने के साथ ही मौतों का सिलसिला भी जारी है। ऐसे में केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने गांवों में फैल रहे कोरोना संक्रमण को लेकर नई गाइडलाइंस जारी की हैं। लोगों की कोरोना जांच से लेकर उनके इलाज और वैक्‍सीनेशन तक के लिए अहम कदम उठाए गए हैं।

रविवार को भारत में पिछले 24 घंटे के दौरान कोरोना संक्रमण के 3,11,170 नए मामले सामने आए हैं। जबकि 4077 मरीजों की मौत इस दौरान हुई है। नए मामले सामने आने के बाद राज्‍य में कुल संक्रमित मरीजों की संख्‍या 2 करोड़ 46 लाख 84 हजार 77 हो गई है, जबकि पिछले 24 घंटे में 4077 मौतों के बाद देश में कोरोना से जान गंवाने वाले मरीजों की संख्‍या 2 लाख 70 लाख 284 तक पहुंच गई है।

ये हैं नई गाइडलाइंस

ग्रामीण इलाकों में ILI (INFLUNZA LIKE ILNESS) और SARI (SEVERE RESPIRATORY INFECTION) के मरीजों की निगरानी पर जोर

आशा वर्कर्स और विलेज हेल्थ सैनिटाइजेशन एंड न्यूट्रिशन कमेटी की मदद से निगरानी की जाएगी।

कोरोना के संदिग्ध मरीजों की रैपिड एंटीजन या आरटी पीसीआर के जरिए टेस्टिंग की जाए।

कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर की मदद से लक्षण वाले मरीजों को टेली कंसल्‍टेशन मुहैया करवाया जाए।

गंभीर बीमारियों से ग्रस्‍त और लो सेचुरेशन वाले मरीजों को इलाज के लिए बेहतर केंद्र भेजा जाए।

कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर और आशा वर्कर्स को रैपिड एंटीजन टेस्टिंग की ट्रेनिंग दी जाए।

ग्रामीण क्षेत्रों में ऑक्सीजन सेचुरेशन को आंकने के लिए प्लस ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

आइसोलेशन और क्‍वारंटाइन में मरीजों के फॉलोअप के लिए फ्रंटलाइन वर्कर, वालंटियर, शिक्षक घर घर जाएं।

इन सबको होम आइसोलेशन किट मुहैया कराई जाए।

होम आइसोलेशन में मरीज को अगर सांस में तकलीफ हो, ऑक्सीजन 94% से नीचे हो, सीने में दर्द हो तो वो लोग डॉक्टरों से संपर्क करें।

ऑक्सीजन सेचुरेशन 94% से नीचे हो तो ऑक्सीज बेड दिया जाए।

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होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों का 10 दिन में आइसोलेशन खत्म हो जाएगा और बिना लक्षण वाले मरीज की टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव हो और लग़ातर 3 दिन बुखार न हो तो 10 दिन में होम आइसोलेशन खत्म हो जाएगा।

ग्रामीण इलाकों में कोविड केयर सेंटर माइल्ड और बिना लक्षण वाले मरीजों के लिए डेडिकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर, मॉडरेट केस के लिए और गंभीर केस वाले मरीजों के लिए डेडिकेटेड कोविड अस्पताल इलाज की जरूरत।

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