इस डेट से शुरू होंगी बोर्ड परीक्षाएं, ‘रिवर्स टाइम टेबल’ से पूरा कराएं पाठ्यक्रम: पार्थ सारथी सेन शर्मा

लखनऊ। प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा) पार्थ सारथी सेन शर्मा ने बुधवार को राज्य शैक्षिक तकनीकी संस्थान (SIET), निशांतगंज, लखनऊ से ‘यूट्यूब लाइव मार्गदर्शन सत्र’ के जरिए प्रदेश भर के शिक्षकों, प्रधानाचार्यों, मेंटर्स, शिक्षा अधिकारियों, छात्र-छात्राओं और अभिभावकों से सीधी बातचीत की। सत्र का संचालन जीजीआईसी गोमती नगर, लखनऊ की शिक्षिका डॉ. ज्योत्सना सिंह और सीतापुर बेसिक शिक्षा विभाग की शिक्षिका साधना दीक्षित ने किया। इस दौरान अपर मुख्य सचिव ने आगामी बोर्ड परीक्षाओं की समयबद्ध तैयारी, बच्चों के अधिगम स्तर (लर्निंग आउटकम) में सुधार, निपुण भारत मिशन और शैक्षिक सत्र 2026-27 की विभागीय प्राथमिकताओं पर विस्तार से दिशा-निर्देश दिए।

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शेष समय का पूरा उपयोग जरूरी

अपर मुख्य सचिव ने कहा कि, विधानसभा चुनाव, जनगणना और अन्य प्रशासनिक व्यस्तताओं की वजह से वास्तविक शिक्षण समय (इंस्ट्रक्शनल टाइम) पर असर पड़ना स्वाभाविक है। ऐसे में बचे हुए समय का पूरा सदुपयोग करना सभी शिक्षकों, अधिकारियों और अभिभावकों की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि माध्यमिक शिक्षा परिषद बोर्ड परीक्षाओं का कार्यक्रम जारी कर चुका है और परीक्षाएं 5 फरवरी से शुरू होंगी। फरवरी में ही गृह परीक्षाएं भी होनी हैं। इसे देखते हुए सभी शिक्षक ‘रिवर्स टाइम टेबल’ बनाकर काम करें, ताकि तय समय में पूरा पाठ्यक्रम खत्म हो सके और बच्चों को रिवीजन का पर्याप्त मौका मिले।

तनावमुक्त रहकर कैसे करें बेहतर प्रदर्शन

पार्थ सारथी सेन शर्मा ने विद्यार्थियों को तनाव से दूर रहकर परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करने के व्यावहारिक सुझाव दिए। प्रभावी उत्तर लेखन पर उन्होंने कहा कि परीक्षक उत्तर पुस्तिका में लिखी सामग्री के आधार पर ही मूल्यांकन करता है, इसलिए विद्यार्थी पैराग्राफ के बजाय बिंदुवार उत्तर लिखें, जरूरी बिंदुओं को रेखांकित करें, जहां आवश्यक हो वहां चार्ट, ग्राफ और डायग्राम का प्रयोग करें और शब्द-सीमा का ध्यान रखें। परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर मॉडल प्रश्नपत्र उपलब्ध हैं। विद्यार्थी और शिक्षक पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों की मदद से ढाई से तीन घंटे बैठकर असली परीक्षा की तरह लगातार मॉक टेस्ट दें।

UP Board

तनाव प्रबंधन और खेलकूद पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि अंक ही जीवन में सब कुछ नहीं होते और बोर्ड परीक्षा जिंदगी की आखिरी परीक्षा नहीं है, इसलिए अभिभावक बच्चों पर बेवजह दबाव न बनाएं। तनाव दूर करने का सबसे आसान उपाय खेलकूद है, इसलिए विद्यार्थी रोज 15 से 20 मिनट निकालकर टीम गेम्स जरूर खेलें। जरूरत पड़ने पर छात्र और अभिभावक टेली-काउंसलिंग सेवाओं का भी लाभ ले सकते हैं।

निपुण भारत मिशन में देश का पहला राज्य बना यूपी

अपर मुख्य सचिव ने बताया कि निपुण भारत मिशन को कक्षा 5 तक बढ़ाने वाला उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है। प्रदेश ने मूलभूत साक्षरता और संख्या ज्ञान के लक्ष्य को बालवाटिका और कक्षा 1-2 से आगे ले जाकर कक्षा 5 तक विस्तारित किया है। इसके लिए सरल और आसानी से समझ में आने वाले शैक्षणिक लक्ष्य तय कर ‘निपुण तालिका’ और ‘निपुण ऐप प्लस’ तैयार किए गए हैं।

इस वर्ष का निपुण असेसमेंट दो चरणों में होगा। पहला चरण 20 से 30 दिसंबर के बीच और दूसरा 20 से 30 जनवरी के बीच पूरा किया जाएगा। यह मूल्यांकन डीएलएड और बीटीसी प्रशिक्षु पूरी निष्पक्षता से करेंगे। इसके लिए डायट प्राचार्यों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रशिक्षुओं को अभी से पारदर्शी और त्रुटिरहित मूल्यांकन के लिए तैयार करें। उन्होंने साफ किया कि इस असेसमेंट का मकसद न किसी विद्यालय को दंडित करना है और न ही उसका महिमामंडन करना, बल्कि कमियों की पहचान कर उन्हें दूर करने के लिए जरूरी कदम उठाना है।

कमजोर बच्चों पर विशेष फोकस

अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सिर्फ मेधावी बच्चों पर ध्यान देने के बजाय पिछड़ रहे बच्चों को भी मुख्यधारा में लाया जाए। इसके लिए विभाग के 22-सूत्रीय कैच-अप प्लान के तहत शिक्षकों से कहा गया है कि वे रोज 30 मिनट से 1 घंटे का समय रेमेडियल टीचिंग के लिए तय करें। साथ ही कक्षा में सहपाठी शिक्षण (पीयर लर्निंग) को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है, ताकि सक्षम विद्यार्थी समूह में अपने साथियों को सिखा सकें।

प्रयोगशालाओं की सक्रियता, स्मार्ट क्लास और नवाचारों पर चर्चा करते हुए उन्होंने जूनियर हाई स्कूल और माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए कि कंपोजिट ग्रांट का सही उपयोग करते हुए विज्ञान, गृह विज्ञान और भूगोल की प्रयोगशालाओं को तुरंत सक्रिय करें और प्रैक्टिकल कंज्यूमेबल्स की उपलब्धता सुनिश्चित करें, क्योंकि प्रयोगात्मक परीक्षाएं थ्योरी से पहले होंगी।

प्रदेश के विद्यालयों में लगी स्मार्ट क्लासेस और आईसीटी लैब्स को रोजमर्रा की पढ़ाई से जोड़ा जाए। शिक्षकों के नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए चल रहे ‘उद्गम’ पोर्टल का उपयोग भी बढ़ाया जाए, जिस पर अब तक दो सौ से अधिक नवाचार अपलोड हो चुके हैं। इसके अलावा शिक्षक संकुल की बैठकें विद्यालय समय में रोटेशन के आधार पर अलग-अलग स्कूलों में हों, ताकि नवाचारों का आदान-प्रदान आसान हो सके।

शिक्षकों की भर्ती और समायोजन

अपर मुख्य सचिव ने जानकारी दी कि उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार एकल शिक्षक वाले विद्यालयों में सरप्लस शिक्षकों का समायोजन किया जा रहा है। नगर क्षेत्र के लिए शिक्षा सेवा चयन आयोग के जरिए 11,000 शिक्षकों की भर्ती और माध्यमिक व अनुदानित (एडेड) विद्यालयों में 17,000 से अधिक टीजीटी, पीजीटी और प्रधानाध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया जारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भर्तियां सिर्फ एनसीटीई (NCTE) के तय मानकों के अनुसार ही होंगी। साथ ही शासन स्तर पर स्थायी व्यवस्था की गई है कि हर साल 1 अप्रैल को रिक्तियों का आकलन कर 31 मई तक आयोगों को अधियाचन जरूर भेजा जाए।

पीएम पोषण में मिलेगा हलवा और उपमा

कक्षा 8 तक चल रही पीएम पोषण योजना के तहत नवंबर से शुरू हो रहे 14 सप्ताह में पूरक पोषण (सप्लीमेंट्री न्यूट्रिशन) के रूप में बच्चों को गर्म और ताजा हलवा व उपमा परोसा जाएगा। इसके लिए रसोइयों को अतिरिक्त पारिश्रमिक दिया जाएगा। भोजन की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए नवंबर-दिसंबर में उत्कृष्ट रसोइयों की प्रतियोगिता भी होगी और विजेताओं को पुरस्कृत किया जाएगा।

 

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