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MSME उद्यमियों के लिए वरदान बनेगा इंडिया फूड एक्सपो-2026
लखनऊ। प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को नई गति देने के मकसद से इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (IIA) आगामी 18 से 20 सितंबर 2026 तक गोमतीनगर स्थित 1090 चौराहे के निकट रीगेलिया ग्रीन्स में इंडिया फूड एक्सपो के 11वें संस्करण का आयोजन करने जा रहा है। तीन दिवसीय इस आयोजन का उद्देश्य फूड प्रोसेसिंग और उससे जुड़े क्षेत्रों में लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को नए बाजारों, आधुनिक तकनीक, पूंजी निवेश और उद्यमशीलता के अवसरों से जोड़ना है।
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सरकारी योजनाओं का सहयोग मिलेगा
आयोजकों के अनुसार, यह मंच खाद्य उद्योग से जुड़े व्यापार, तकनीक, निवेश और कारोबारी अवसरों को एक साथ प्रस्तुत करेगा। अनुमान है कि, इस आयोजन के जरिए MSME क्षेत्र में करीब 750 से 1000 करोड़ रुपये तक के व्यावसायिक सौदे और साझेदारियां हो सकती हैं।

एक्सपो के माध्यम से छोटे और मझोले उद्यमियों को नए व्यापारिक संपर्क, संभावित बाजार, तकनीकी समाधान, निवेशक और सरकारी योजनाओं का सहयोग एक ही स्थान पर मिल सकेगा।
कई राज्यों के उद्यमी लेंगे हिस्सा
इस एक्सपो में उत्तर प्रदेश के अलावा उत्तराखंड, दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और पंजाब जैसे राज्यों से भी उद्यमियों और प्रमुख संस्थानों के प्रतिनिधियों के पहुंचने की संभावना है। आयोजकों का मानना है कि, इससे विभिन्न राज्यों के बीच कारोबारी संबंध मजबूत होंगे, तकनीकी आदान-प्रदान बढ़ेगा और निवेश तथा बाजार विस्तार के नए रास्ते खुलेंगे।
सरकारी योजनाओं और तकनीकी जानकारी पर जोर
एक्सपो के दौरान उद्यमियों को सरकार की विभिन्न योजनाओं, सब्सिडी, प्रोत्साहन राशि, वित्तीय मदद और तकनीकी सहयोग की विस्तृत जानकारी देने पर खास ध्यान दिया जाएगा। तीनों दिन सेमिनार और तकनीकी सत्रों का आयोजन होगा, जिनमें आधुनिक उत्पादन तकनीक, गुणवत्ता नियंत्रण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग, निर्यात प्रक्रिया, वैल्यू एडिशन और कारोबार विस्तार जैसे विषयों पर विशेषज्ञ अपने अनुभव साझा करेंगे।
इसके साथ ही फ्रेंचाइज़ी मॉडल, नए व्यवसाय के अवसर, स्थानीय उत्पादों को ब्रांड के रूप में स्थापित करने की रणनीति, एक जिला एक उत्पाद (ODOP) और एक जिला एक शिल्प (ODOC) योजनाओं से जुड़ी संभावनाओं पर भी चर्चा होगी। साथ ही यह भी बताया जाएगा कि, सरकारी सहयोग की मदद से नया उद्योग किस तरह स्थापित या मौजूदा कारोबार का विस्तार किया जा सकता है।
युवाओं और महिलाओं को उद्यमिता से जोड़ने की पहल
आयोजन का एक अहम पहलू युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार तथा उद्यमिता की दिशा में प्रोत्साहित करना भी है। आयोजकों की मंशा है कि, एक्सपो में आने वाले लोग यह समझ सकें कि आधुनिक तकनीक, स्थानीय संसाधनों, कौशल विकास और सरकारी योजनाओं के तालमेल से अपना व्यवसाय कैसे खड़ा किया जा सकता है। इससे युवाओं और महिलाओं को आर्थिक आत्मनिर्भरता, स्वरोजगार और रोजगार सृजन की दिशा में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा, जिससे वे खुद के साथ-साथ दूसरों के लिए भी आजीविका के साधन तैयार कर सकेंगे।
बढ़ चढ़ कर हिस्सा लें उद्यमी, युवा और महिलाएं
इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश गोयल ने प्रदेश और देशभर के MSME उद्यमियों, युवाओं तथा महिलाओं से एक्सपो में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि, यह आयोजन सिर्फ एक प्रदर्शनी भर नहीं, बल्कि व्यापार और उद्योग के विकास, नई तकनीकों को समझने, बाजार के अवसर तलाशने और अपना कारोबार शुरू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मंच है।

उन्होंने उद्यमियों से यह भी आग्रह किया कि वे अपने परिवार के युवाओं और महिलाओं को भी साथ लेकर आएं, ताकि वे उद्यमिता, स्वरोजगार और सरकारी योजनाओं की जानकारी हासिल कर सकें। उनके अनुसार अपना व्यवसाय स्थापित कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनना, दूसरों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना और प्रदेश व देश के विकास में योगदान देना सभी की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि एसोसिएशन का ध्येय वाक्य “उद्योग बढ़ाना है, विकसित भारत बनाना है” MSME क्षेत्र के विकास और रोजगार सृजन की भावना को दर्शाता है।
वहीं एसोसिएशन के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष अवधेश अग्रवाल ने इस आयोजन में सहयोग के लिए उत्तर प्रदेश सरकार और सभी सहभागी संस्थानों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि, इस बड़े आयोजन को सफल बनाने में प्रदेश सरकार, इन्वेस्ट यूपी, MSME विभाग, यूपीसीडा (UPSIDA) और खाद्य प्रसंस्करण विभाग सहित कई संस्थानों का सहयोग महत्वपूर्ण रहा है।
उद्घाटन और समापन समारोह में शामिल होंगे डिप्टी सीएम
आयोजकों ने बताया कि, एक्सपो के उद्घाटन समारोह में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और समापन समारोह में उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक शामिल होंगे। इसके अलावा राज्य सरकार के कई मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और उद्योग जगत की जानी-मानी हस्तियां भी इस आयोजन में शिरकत करेंगी।
बैंकिंग संस्थानों की भागीदारी
इस आयोजन में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) बैंकिंग पार्टनर के तौर पर सहयोग कर रहा है। MSME क्षेत्र के विकास और वित्तीय समावेशन में बैंक अहम भूमिका निभा रहा है। इसके अलावा सिडबी (SIDBI), आईडीएफसी फर्स्ट बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और पंजाब नेशनल बैंक जैसे अन्य वित्तीय संस्थान भी छोटे और मझोले उद्यमों को प्रोत्साहित करने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। इन संस्थानों की भागीदारी से उद्यमियों को वित्तीय सुविधाएं मिलने के साथ-साथ कारोबार विस्तार के नए रास्ते भी खुलेंगे।
इंडिया फूड एक्सपो-2026 न सिर्फ खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के लिए बल्कि प्रदेश के समग्र औद्योगिक विकास के लिहाज से भी एक अहम आयोजन साबित होने जा रहा है, जो उद्यमियों को नए अवसरों से रूबरू कराते हुए प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने का काम करेगा।
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