गन्ना किसानों की बल्ले-बल्ले, चीनी मिलों ने चुकाया पूरा बकाया, योगी सरकार ने दिए 3.25 लाख करोड़

  • गन्ना मूल्य के भुगतान में लगातार अव्वल बना हुआ है उत्तर प्रदेश

  • पेराई सत्र 2025-26 में अब तक 94.86 प्रतिशत से ज्यादा गन्ना मूल्य का हो चुका है भुगतान

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की लगातार निगरानी का नतीजा है कि, पेराई सत्र 2025-26 में प्रदेश की 102 चीनी मिलों ने किसानों को शत-प्रतिशत भुगतान कर दिया है। वहीं 23 सहकारी चीनी मिलों ने कुल 2820 करोड़ रुपये का भुगतान किया। राज्य चीनी निगम की तीन मिलों ने इस सत्र में 543.51 करोड़ रुपये चुकाए हैं, जबकि निजी चीनी मिलों ने भी किसानों का पूरा भुगतान कर दिया है।

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उल्लेखनीय है कि, गन्ना मूल्य भुगतान के मामले में उत्तर प्रदेश देश में लगातार शीर्ष राज्य बना हुआ है। योगी सरकार अब तक गन्ना किसानों को कुल 3.25 लाख करोड़ रुपये का भुगतान कर चुकी है। गन्ना, शीरा और एथेनॉल उत्पादन में भी यूपी देश में सबसे आगे है। मौजूदा पेराई सत्र में अब तक 94.86 प्रतिशत से अधिक गन्ना मूल्य चुकाया जा चुका है।

गन्ना, शीरा और एथेनॉल उत्पादन में देश में अव्वल यूपी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग ने किसान कल्याण, चीनी उत्पादन और एथेनॉल के क्षेत्र में नए कीर्तिमान बनाए हैं।

sugarcane farmer payment

सरकार की दूरदर्शी नीतियों के चलते उत्तर प्रदेश गन्ना, शीरा और एथेनॉल उत्पादन में देश भर में शीर्ष पर है। सरकार ने न सिर्फ किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना प्राथमिकता बनाया, बल्कि अब तक रिकॉर्ड ₹3.25 लाख करोड़ का गन्ना मूल्य सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजा है।

94.86 प्रतिशत से ज्यादा भुगतान सुनिश्चित

चालू पेराई सत्र में भी 94.86 प्रतिशत से अधिक गन्ना मूल्य का भुगतान पूरा हो चुका है, जबकि प्रदेश की 102 चीनी मिलें अपने किसानों को शत-प्रतिशत भुगतान कर चुकी हैं। इन प्रयासों से प्रदेश के गन्ना किसानों की औसत आय में प्रति हेक्टेयर ₹40,720 की उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज हुई है।

9 साल में चीनी मिलों ने की 9220 लाख टन गन्ने की पेराई

गन्ना विकास विभाग के अनुसार, पिछले नौ वर्षों में प्रदेश की चीनी मिलों ने रिकॉर्ड 9,220 लाख टन गन्ने की पेराई की है, जो इससे पहले के नौ वर्षों की कुल पेराई 6168 लाख टन से 3052 लाख टन अधिक है। इन नौ वर्षों में 879.06 लाख टन चीनी का रिकॉर्ड उत्पादन भी हुआ है।

सहकारी चीनी मिलों ने किया शत-प्रतिशत भुगतान

पेराई सत्र 2025-26 में उत्तर प्रदेश की सहकारी चीनी मिलों ने गन्ना मूल्य का पूरा भुगतान कर दिया है। अनूपशहर, बदायूं, बागपत, बेलरायां, बिलासपुर, बीसलपुर, गजरौला, घोसी, कायमगंज, महमूदाबाद, मोरना, नानपारा, नानौता, पूरनपुर, पुवायां, रमाला, सहारनपुर, सरसावां, सठियांव, सेमीखेड़ा, स्नेह रोड, सुल्तानपुर और तिलहर समेत कुल 23 सहकारी चीनी मिलों ने किसानों को 2820.89 करोड़ रुपये चुकाए हैं। इन 23 सहकारी चीनी मिलों की कुल पेराई क्षमता 65375 टीसीडी है।

निजी चीनी मिलों की ओर से किया गया भुगतान

पेराई सत्र 2025-26 में निजी चीनी मिलों ने भी किसानों को शत-प्रतिशत भुगतान कर दिया है। लखनऊ संभाग की मिलों ने सबसे ज्यादा 6462.19 करोड़ रुपये चुकाए। मुरादाबाद संभाग की मिलों ने 6398.36 करोड़ और सहारनपुर संभाग की मिलों ने 4799.25 करोड़ रुपये का भुगतान किया।

संभाग भुगतान प्रतिशत भुगतान राशि
अयोध्या 100 फीसदी 1212.35 करोड़
बरेली 89.25 फीसदी 2315.74 करोड़
देवरिया 97.86 फीसदी 1016.95 करोड़
देवीपाटन 91.63 फीसदी 2249.01 करोड़
गोरखपुर 93.46 फीसदी 749.97 करोड़
लखनऊ 91.34 फीसदी 6462.19 करोड़
मेरठ 94.09 फीसदी 4227.24 करोड़
मुरादाबाद 98.96 फीसदी 6398.36 करोड़
सहारनपुर 94.64 फीसदी 4799.25 करोड़

 

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