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कार्यक्रम में प्राप्त 30 आइडियाज में से 11 उत्कृष्ट स्टार्टअप कॉन्सेप्ट चुने गए
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युवाओं ने प्रदर्शित की उद्यमिता, यूज्ड कुकिंग ऑयल के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘री-ऑयल’ बना विजेता
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‘स्टडी एप’ और ‘सोलर स्वीप’ दूसरे स्थान पर संयुक्त रूप से रहे
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अंबेडकर यूनिवर्सिटी में विद्यार्थियों को यूपी सरकार की रोजगार और स्टार्टअप संबंधी योजनाओं की जानकारी दी गई
आगरा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘आत्मनिर्भर यूपी’ के सपने को साकार करने हेतु मंगलवार को डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के खंदारी परिसर स्थित जेपी सभागार में ‘यूपी राइज 2026’ कार्यक्रम भव्य रूप से आयोजित हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत कुलपति प्रो. आशु रानी तथा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के उप निदेशक आत्रेय मिश्रा द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई।
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इस आयोजन में शहर व आसपास के इलाकों से 1000 से ज्यादा छात्र-छात्राओं ने बड़े जोश के साथ हिस्सा लिया। कार्यक्रम का प्रमुख लक्ष्य प्रदेश के युवाओं की सोच में परिवर्तन लाकर, उन्हें केवल नौकरी खोजने वाला न बनाकर अपना खुद का व्यवसाय शुरू करने वाला और दूसरों को रोजगार देने वाला ‘जॉब क्रिएटर’ तैयार करना है।
नवाचार और स्टार्टअप को प्रदेश सरकार की उड़ान
उत्तर प्रदेश सरकार राज्य में इनोवेशन और स्टार्टअप के माहौल को सशक्त बनाने हेतु लगातार जमीनी स्तर पर प्रयासरत है। कार्यक्रम के दौरान युवाओं को सरकार की अलग-अलग रोजगारोन्मुखी नीतियों की जानकारी दी गई।

विशेषज्ञों ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, यूपी स्टार्टअप फंड, मुख्यमंत्री अभ्युदय निशुल्क कोचिंग योजना तथा यूपी स्किल मिशन जैसी योजनाओं की चर्चा की। साथ ही कन्या सुमंगला योजना, फ्री टैबलेट/स्मार्टफोन योजना और महिला सामर्थ्य योजना से संबंधित वित्तीय मदद और आसान सब्सिडी की जानकारी भी साझा की गई, जिससे युवा बिना पैसों की चिंता किए अपने स्टार्टअप को सफल व्यवसाय में तब्दील कर सकें।
छात्रों के नवाचारी आइडियाज ने बटोरी सुर्खियां
‘यूपी राइज’ की थीम के मुताबिक आगरा के युवाओं ने अपनी उद्यमशील सोच का बेहतरीन नमूना पेश किया। कार्यक्रम में कुल 30 स्टार्टअप विचार प्रस्तुत हुए, जिनमें से 11 बेहतरीन आइडिया शॉर्टलिस्ट किए गए। इनमें कलाकारों के लिए एआई-आधारित मार्केटप्लेस ‘Kalaverse’, कंस्ट्रक्शन प्लानिंग सरल बनाने वाला ‘Build Easy AI’, अनजाने पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देने वाला ‘Hidden India’ और बेकरी के लिए ‘Organic Floral Cream Color’ जैसे विचार शामिल थे। इसके साथ ही ई-रिक्शा चालकों की बैटरी की दिक्कत सुलझाने वाला ‘Saathi EV’, हस्तशिल्प को प्रोत्साहन देने वाला ‘The Craft Duo’ और मंदिर के कचरे से उपयोगी सामान बनाने वाला ‘Temple 2 Green’ जैसे पर्यावरण-हितैषी आइडियाज ने भी काफी तारीफ बटोरी।
‘री-ऑयल’ प्रथम स्थान पर
जूरी और उद्योग जगत के विशेषज्ञों के सामने शानदार प्रस्तुति देकर ‘Re-Oil’ (इस्तेमाल की गई कुकिंग ऑयल के लिए डिजिटल मार्केटप्लेस) ने पहला स्थान हासिल करते हुए 25,000 रुपये का मुख्य पुरस्कार जीता। दूसरी ओर, छात्रों की पढ़ाई व्यवस्थित करने वाले ‘Study App’ और सोलर पैनल की सफाई हेतु रोबोटिक ब्रश तकनीक वाले ‘Solar Sweep’ की टीमें संयुक्त रूप से उपविजेता रहीं। छात्रों को मार्गदर्शन देने के लिए प्रसिद्ध कॉर्पोरेट विशेषज्ञ हर्षित देसाई, कपिल त्रिमाल और विवेक गोयल मेंटर के रूप में उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि यूपी राइज कार्यक्रम प्रदेश के 25 शहरों के 30 प्रमुख कॉलेजों में आयोजित किया जाएगा। इसका अगला चरण 18 सितंबर 2026 को मथुरा के जीएलए विश्वविद्यालय में संपन्न होगा।
युवाओं में असीमित संभावनाएं: कुलपति प्रो. आशु रानी
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. आशु रानी ने विद्यार्थियों के उत्साह और उनके नवाचारी विचारों की भरपूर प्रशंसा की। अपने भाषण में उन्होंने कहा कि हमारे छात्र-छात्राओं के भीतर नवाचार की असीमित क्षमता और अवसर मौजूद हैं। ‘यूपी राइज 2026’ जैसे मंच युवाओं को अपनी रचनात्मकता और उद्यमशीलता दिखाने का शानदार मौका दे रहे हैं। विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को सिर्फ किताबी ज्ञान तक सीमित न रखते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। आज के युवा ही कल के मजबूत ‘जॉब क्रिएटर’ साबित होंगे, जो अपनी सोच के दम पर न सिर्फ अपना बल्कि पूरे समाज और प्रदेश के आर्थिक विकास को भी सुनिश्चित करेंगे।
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