ग्रीन मोबिलिटी में योगी सरकार की बड़ी छलांग, नोएडा ई-बस डिपो ने कमाए 2.24 करोड़ रुपये

  • नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्रों में संचालित ई-बसों में अब तक 7.18 लाख से अधिक लोगों ने की यात्रा

  • तीनों प्राधिकरणों में 2.24 करोड़ रुपये से अधिक राजस्व प्राप्त हुआ

  • जेवर एयरपोर्ट कनेक्टिविटी से ग्रीन मोबिलिटी तक, योगी सरकार के विजन को मिली जमीनी स्तर पर सफलता

  • 24 घंटे लाइव निगरानी की तैयारी, नोएडा में बनेगा तीनों प्राधिकरणों की ई-बसों के लिए कमांड सेंटर

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ग्रीन मोबिलिटी और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन के विजन का प्रभाव नोएडा इलेक्ट्रिक बस डिपो के संचालन से प्राप्त राजस्व में निरंतर परिलक्षित हो रहा है। सितंबर माह के शुरुआती 13 दिनों में डिपो की 100 ई-बसों ने कुल 2.96 लाख किलोमीटर का परिचालन करते हुए 1.99 लाख से अधिक यात्रियों को सेवा दी और 61.75 लाख रुपये से ज्यादा का राजस्व अर्जित किया। इस अवधि में प्रति बस प्रतिदिन परिचालन, यात्री संख्या और आय के लिहाज से अगस्त के मुकाबले बेहतर औसत दैनिक प्रदर्शन दर्ज हुआ।

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नियमित सेवाएं शुरू होने के बाद 20 जून से 13 सितंबर 2026 के बीच तीनों प्राधिकरणों की ई-बसों ने कुल 15.12 लाख किलोमीटर से अधिक की दूरी तय की। इस अवधि में 7.18 लाख से अधिक यात्रियों ने ई-बस सेवा का लाभ उठाया, जिससे कुल 2.24 करोड़ रुपये से ज्यादा का राजस्व प्राप्त हुआ।

जून से सितंबर तक लगातार बढ़ा ई-बसों का कारोबार

नोएडा इलेक्ट्रिक बस डिपो के अधिकारियों के अनुसार, 20 से 30 जून के बीच 11 दिनों में 100 ई-बसों ने 1.47 लाख किलोमीटर का परिचालन कर 28,053 यात्रियों को सेवा प्रदान की और 9.07 लाख रुपये का राजस्व अर्जित किया। जुलाई में यह परिचालन बढ़कर 4.79 लाख किलोमीटर, यात्री संख्या 1.50 लाख और राजस्व 47.93 लाख रुपये तक जा पहुंचा। अगस्त में बसों ने 5.89 लाख किलोमीटर की दूरी तय करते हुए 3.40 लाख यात्रियों को सेवा दी और इस महीने 1.05 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व हासिल हुआ।

Green Mobility

सितंबर के पहले 13 दिनों में ही 2.96 लाख किलोमीटर परिचालन, 1.99 लाख यात्री और 61.75 लाख रुपये का राजस्व दर्ज हुआ। अगस्त में प्रति बस प्रतिदिन 190.21 किलोमीटर परिचालन के मुकाबले सितंबर में यह आंकड़ा बढ़कर 227.78 किलोमीटर हो गया। इसी तरह यात्री प्रति बस प्रतिदिन संख्या 109.79 से बढ़कर 153.68 और आय प्रति बस प्रतिदिन 3,414.86 से बढ़कर 4,750.20 रुपये हो गई।

आय प्रति किलोमीटर भी 17.95 से बढ़कर 20.85 रुपये पर पहुंच गई है। इन चारों अवधियों को जोड़कर देखें तो 20 जून से 13 सितंबर तक कुल 15.12 लाख किलोमीटर से अधिक का परिचालन हुआ और 7.18 लाख यात्रियों ने ई-बस सेवा का उपयोग किया, जिससे कुल 2.24 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।

नोएडा प्राधिकरण की बसों का बेहतर प्रदर्शन

नोएडा प्राधिकरण की 50 बसों ने सितंबर के पहले 13 दिनों में 1.50 लाख किलोमीटर की दूरी तय करते हुए 1.04 लाख से अधिक यात्रियों को सेवा दी, जिससे 31.45 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। प्रति बस प्रतिदिन परिचालन 231.17 किलोमीटर, यात्री संख्या 160.14 और आय 4,839.17 रुपये दर्ज की गई। आय प्रति किलोमीटर भी 20.93 रुपये तक पहुंच गई। अगस्त की तुलना में दैनिक परिचालन और यात्री संख्या, दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली।

यात्री संख्या और आय में इजाफा

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 25 बसों ने सितंबर के पहले 13 दिनों में 77,110 किलोमीटर की दूरी तय कर 53,194 यात्रियों को सफर कराया, जिससे 16.17 लाख रुपये का राजस्व अर्जित हुआ। प्रति बस प्रतिदिन परिचालन 237.26 किलोमीटर और यात्री संख्या 163.67 रही, जबकि आय प्रति किलोमीटर 20.98 रुपये व आय प्रति बस प्रतिदिन 4,978.15 रुपये दर्ज की गई।

Green Mobility

तीनों प्राधिकरणों में ग्रेटर नोएडा प्रति बस प्रतिदिन परिचालित किलोमीटर, यात्री संख्या, आय प्रति किलोमीटर तथा आय प्रति बस प्रतिदिन, इन सभी मानकों पर शीर्ष स्थान पर रहा।

यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में भी बढ़ा ई-बसों का इस्तेमाल

यमुना प्राधिकरण की 25 बसों ने सितंबर के पहले 13 दिनों में 68,749 किलोमीटर का परिचालन करते हुए 42,497 यात्रियों को सेवा दी। इस अवधि में 14.11 लाख रुपये का राजस्व अर्जित हुआ। प्रति बस प्रतिदिन परिचालन 211.54 किलोमीटर, यात्री संख्या 130.76 और आय प्रति बस प्रतिदिन 4,344.32 रुपये रही, जबकि आय प्रति किलोमीटर 20.54 रुपये दर्ज हुई। इससे साफ है कि इस क्षेत्र में भी ई-बस सेवा का उपयोग लगातार मजबूत हो रहा है।

नोएडा में बनेगा कमांड सेंटर, होगी लाइव निगरानी

यूपीएसआरटीसी मुख्यालय लखनऊ के अनुसार, नोएडा में तीनों प्राधिकरणों से जुड़ी इलेक्ट्रिक बसों के लिए कमांड सेंटर स्थापित करने की तैयारी भी चल रही है, जिसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। प्रस्तावित 24 घंटे संचालित इस कंट्रोल रूम से ई-बसों की लाइव निगरानी की जाएगी, जिससे बसों के संचालन, रूट और सेवाओं पर लगातार नजर रखने के साथ यात्रियों को बेहतर एवं व्यवस्थित सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

सीएम योगी के विजन से मिली ग्रीन मोबिलिटी को मजबूती

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जून 2026 में नोएडा इलेक्ट्रिक बस डिपो का उद्घाटन कर ई-बसों को हरी झंडी दिखाई थी, जिसके साथ ही एनसीआर में स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम बढ़ाया गया था। उनका विजन नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र को ग्रीन मोबिलिटी से जोड़ते हुए जेवर एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी को और मजबूत बनाना है।

 

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