
देहरादून। उत्तराखंड की धामी सरकार ने विकास कार्यों को लगातार नई गति देते हुए प्रदेश के विभिन्न जनपदों में धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण, आपदा पीड़ितों को राहत और पंचायती व्यवस्था को मजबूत बनाने से जुड़ी कुल छह करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। इस फैसले से न केवल प्रदेश के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को नया स्वरूप मिलेगा, बल्कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों को भी राहत पहुंचाने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही ग्राम पंचायतों के भवन निर्माण के लिए दी जाने वाली धनराशि में भी बड़ा इजाफा किया गया है, जिससे स्थानीय स्वशासन की व्यवस्था और मजबूत होगी।
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इष्ट देवी राजराजेश्वरी तालतोली मंदिर का होगा सौंदर्यीकरण
मुख्यमंत्री धामी की तरफ से जारी की गई इन स्वीकृतियों में सबसे पहला नाम आता है रुद्रप्रयाग जनपद के केदारनाथ विधानसभा क्षेत्र का, जहां इष्ट देवी राजराजेश्वरी तालतोली के प्रसिद्ध मंदिर के सौंदर्यीकरण कार्य के लिए 20 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है।

यह मंदिर स्थानीय लोगों के साथ-साथ श्रद्धालुओं के बीच विशेष आस्था का केंद्र माना जाता है। इस धनराशि से मंदिर परिसर के विकास और वहां आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं में इजाफा होने की उम्मीद है। इस तरह के कार्यों से न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलता है, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर को भी संरक्षित रखने में मदद मिलती है।
इसी क्रम में जनपद चंपावत विधानसभा क्षेत्र में स्थित कालीगूंठ पूर्णागिरी के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों के सौंदर्यीकरण के लिए 66 लाख 74 हजार रुपये की मोटी रकम मंजूर की गई है। पूर्णागिरी मंदिर उत्तराखंड के प्रसिद्ध शक्तिपीठों में गिना जाता है, जहां हर साल देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इस स्वीकृति के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि, आने वाले समय में इस पूरे क्षेत्र का कायाकल्प होगा और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ने की संभावना है।
2 करोड़ 40 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत
इसके अलावा जनपद बागेश्वर के कपकोट विधानसभा क्षेत्र के लिए धर्मस्व विभाग के अंतर्गत आने वाले विभिन्न मंदिरों के सौंदर्यीकरण हेतु सबसे बड़ी राशि यानी 2 करोड़ 40 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। यह राशि क्षेत्र में मौजूद कई छोटे-बड़े मंदिरों के विकास में खर्च की जाएगी, जिससे यह पूरा इलाका धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर और मजबूती से उभर सकेगा। सरकार की मंशा है कि इस तरह के कार्यों के जरिए प्रदेश के दूरस्थ इलाकों में भी विकास की रोशनी पहुंचाई जाए, ताकि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी संबल मिल सके।
धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण के अलावा मुख्यमंत्री धामी ने आपदा प्रभावित परिवारों की मदद के लिए भी अहम फैसले लिए हैं। जनपद चमोली में वर्ष 2026-27 के दौरान आई प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वाले 16 लोगों के आश्रित परिवारों को अनुमन्य राहत राशि के रूप में 16 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। यह राशि उन परिवारों के लिए एक संबल का काम करेगी, जिन्होंने आपदा के दौरान अपने परिजनों को खो दिया है। सरकार की इस पहल से यह भी संदेश जाता है कि आपदा की घड़ी में प्रभावित परिवारों के साथ राज्य सरकार पूरी मजबूती से खड़ी है।
भूस्खलन से प्रभावित परिवारों को राहत
इसी तरह जनपद उत्तरकाशी की तहसील चिन्यालीसौड़ में अतिवृष्टि और भूस्खलन के कारण प्रभावित हुए 38 परिवारों के लिए भी राहत की बड़ी खबर सामने आई है। सुरक्षा की दृष्टि से इन परिवारों को फिलहाल किराए के मकानों में स्थानांतरित किया गया है। सरकार ने इसके लिए प्रति माह 4000 रुपये की दर से तीन महीने का भुगतान करने हेतु 4 लाख 56 हजार रुपये की धनराशि स्वीकृत की है।
यह फैसला उन परिवारों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, जिनके घर भूस्खलन के खतरे के चलते रहने लायक नहीं बचे हैं। सरकार का प्रयास है कि, जब तक स्थायी समाधान नहीं निकलता, तब तक इन परिवारों को सुरक्षित आश्रय और आर्थिक सहयोग मिलता रहे।
पंचायत भवनों के निर्माण के लिए मिलेंगे 20 लाख
राज्य में ग्राम पंचायतों को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में भी मुख्यमंत्री धामी ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब तक राज्य सेक्टर के अंतर्गत पंचायत भवनों के निर्माण के लिए 10 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की जाती थी, जिसे बढ़ाकर अब सीधे 20 लाख रुपये कर दिया गया है।
इस संबंध में शासन की तरफ से विधिवत शासनादेश भी जारी कर दिया गया है। सरकार के इस कदम से यह उम्मीद जताई जा रही है कि प्रदेश भर की ग्राम पंचायतों में बेहतर और मजबूत भवनों का निर्माण हो सकेगा, जिससे पंचायती कामकाज सुचारु रूप से संचालित हो सके और ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
गौरतलब है कि, ग्राम पंचायत भवन न केवल प्रशासनिक कामकाज का केंद्र होते हैं, बल्कि यह ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक और सामुदायिक गतिविधियों का भी अहम हिस्सा बनते हैं। ऐसे में धनराशि में की गई इस बढ़ोतरी से भवनों की गुणवत्ता में सुधार आने के साथ-साथ निर्माण कार्य भी बेहतर ढंग से पूरे हो सकेंगे।
आम जनता पर पड़ेगा असर
विशेषज्ञों का मानना है कि, पहले की तय राशि निर्माण की मौजूदा लागत के हिसाब से काफी कम पड़ती थी, जिसके चलते कई जगहों पर पंचायत भवनों का निर्माण अधूरा रह जाता था या गुणवत्ता से समझौता करना पड़ता था। धनराशि दोगुनी किए जाने से अब इस समस्या का काफी हद तक समाधान होने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर देखा जाए तो मुख्यमंत्री धामी की ओर से लिए गए इन सभी फैसलों का सीधा असर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले लोगों पर पड़ेगा। एक तरफ जहां धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
आपदा प्रभावित परिवारों को मदद
वहीं दूसरी ओर आपदा प्रभावित परिवारों को दी जा रही राहत राशि उनके जीवन को फिर से पटरी पर लाने में मददगार साबित होगी। इसके अलावा पंचायत भवनों के लिए बढ़ाई गई धनराशि से ग्रामीण स्तर पर प्रशासनिक ढांचा और मजबूत होगा। सरकार के इन तमाम फैसलों से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि राज्य सरकार प्रदेश के हर क्षेत्र और हर वर्ग के विकास को लेकर गंभीरता से काम कर रही है, चाहे वह धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण हो, आपदा पीड़ितों की मदद हो या फिर ग्रामीण स्वशासन को मजबूत बनाने की दिशा में उठाया गया कदम हो।
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