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यूपी में बाढ़ राहत अभियान युद्धस्तर पर, अब तक 19,454 लोगों को मिली सुरक्षित पनाह

  • अब तक 19,454 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया, राहत अभियान युद्धस्तर पर जारी

  • बाढ़ संकट के बीच स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान

  • लाखों की संख्या में क्लोरीन टैबलेट और ORS पैकेट बांटे गए

  • 1,315 बाढ़ शरणालयों में सुरक्षित रह रहे लोग, अब तक एक भी जनहानि नहीं, प्रशासन अलर्ट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बाढ़ की स्थिति विकट बनी हुई है। योगी सरकार का राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर चल रहा है। सरकार की सक्रियता से प्रभावित परिवारों तक भोजन, सुरक्षित ठिकाना, चिकित्सा सुविधाएं और जरूरी राहत सामग्री लगातार पहुंचाई जा रही है।

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राहत आयुक्त कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, अब तक 19,454 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। 5.94 लाख से अधिक लंच पैकेट और 1.03 लाख से ज्यादा बाढ़ राहत किट वितरित किए जा चुके हैं। बचाव कार्य में अब तक कुल 2,075 नाव व मोटरबोट का उपयोग किया गया है। सरकार के इन प्रयासों का ही नतीजा है कि, प्रदेश में अभी तक जन और पशुहानि की कोई घटना दर्ज नहीं हुई है।

 19,454 पहुंचाए गए सुरक्षित स्थान पर

प्रदेश में कुल 37 जिले बाढ़ से प्रभावित हो चुके हैं, जिनमें से फिलहाल 25 जिलों में बाढ़ का असर बना हुआ है। संवेदनशील इलाकों में प्रशासन की निरंतर निगरानी के साथ राहत व बचाव का कार्य जारी है।

Yogi government with flood affected people

योगी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बाढ़ प्रभावितों की जान-माल की सुरक्षा है, जिसके तहत अब तक 19,454 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। इनमें से अकेले रविवार को ही 8,264 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।

बचाव अभियान में लगी हैं 2,075 नाव-मोटरबोट  

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों तक राहत दलों की पहुंच सुगम बनाने के लिए बड़ी संख्या में नाव और मोटरबोट तैनात की गई हैं। अब तक कुल 2,075 नाव व मोटरबोट का इस्तेमाल किया जा चुका है, जिनकी मदद से न सिर्फ फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकाला जा रहा है, बल्कि राहत सामग्री भी उन तक पहुंचाई जा रही है।

किसी भी प्रभावित परिवार को भोजन की दिक्कत न हो, इसके लिए सरकार ने बड़े स्तर पर खाद्य वितरण अभियान चला रखा है। अब तक 5.94 लाख से अधिक लंच पैकेट और 1.03 लाख से ज्यादा बाढ़ राहत किट बांटी जा चुकी हैं। रविवार को भी 63,955 लंच पैकेट और 11,249 खाद्यान्न पैकेट वितरित किए गए, जिससे प्रभावित परिवारों को तुरंत खाद्य सहायता मिल सकी।

स्वास्थ्य विभाग मुस्तैद 

बाढ़ के बाद संक्रमण और जलजनित बीमारियों की आशंका को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग को भी पूरी तरह मुस्तैद रखा गया है। प्रदेश भर में अब तक 1,072 मेडिकल टीमें गठित की जा चुकी हैं। साथ ही प्रभावित इलाकों में स्वच्छता और स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 6.47 लाख से अधिक क्लोरीन टैबलेट और 2.49 लाख से ज्यादा ओआरएस पैकेट वितरित किए गए हैं।

हजारों को मिला सुरक्षित आश्रय

प्रभावित लोगों को सुरक्षित रहवास मुहैया कराने के लिए प्रदेश भर में अब तक 1,315 बाढ़ शरणालय बनाए जा चुके हैं, जहां 6,698 लोग फिलहाल शरण लिए हुए हैं। योगी सरकार की कोशिश है कि, विस्थापित परिवारों को सुरक्षित माहौल के साथ-साथ भोजन और स्वास्थ्य सुविधाएं भी बिना किसी कमी के मिलें।

Yogi government with flood affected people

राहत एवं बचाव अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही है कि, अब तक बाढ़ के चलते किसी की जान नहीं गई,  न इन्सान की न पशु की। हालांकि, बाढ़ से 1,272 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिनमें से 1,002 प्रभावित परिवारों को अब तक सहायता राशि वितरित की जा चुकी है।

प्रदेश के बाढ़ प्रभावित जिले

अयोध्या, आजमगढ़, बहराइच, बदायूं, बलिया, बाराबंकी, बस्ती, चंदौली, फर्रुखाबाद, गाजीपुर, गोंडा, गोरखपुर, हरदोई, कासगंज, कानपुर नगर, लखीमपुर खीरी, मिर्जापुर, मुरादाबाद, प्रयागराज, रायबरेली, रामपुर, संत कबीर नगर, शाहजहांपुर, उन्नाव और वाराणसी।

 

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