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फ्रिज में रखने के बावजूद खट्टा हो जाता है दूध? ये है रखने के सही तरीका

गर्मी हो या सर्दी, दूध को खराब होने से बचाने के लिए ज्यादातर घरों में उसे तुरंत फ्रिज में रख दिया जाता है। यह आम धारणा है कि, फ्रिज में रखते ही दूध पूरी तरह सुरक्षित हो जाता है और लंबे समय तक ताजा बना रहता है, लेकिन हकीकत यह है कि कई बार फ्रिज में रखने के बावजूद दूध जल्दी खट्टा होने लगता है, और लोग इसका दोष सीधे दूध की गुणवत्ता या फ्रिज की खराबी को दे देते हैं। जबकि असल वजह कुछ और ही होती है। विशेषज्ञों के अनुसार, दूध को फ्रिज में रखने का सही तरीका और रोजमर्रा की कुछ छोटी-छोटी आदतें भी उसकी ताजगी और शेल्फ लाइफ पर सीधा असर डालती हैं।

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 एक जैसा नहीं रहता तापमान

आमतौर पर लोग यह मानकर चलते हैं कि, फ्रिज के अंदर हर जगह तापमान बराबर रहता है, जबकि सच्चाई इसके उलट है। फ्रिज के अलग-अलग हिस्सों में तापमान में काफी अंतर होता है। कुछ जगहें ज्यादा ठंडी रहती हैं, तो कुछ हिस्सों में तापमान बार-बार ऊपर-नीचे होता रहता है। इसमें सबसे संवेदनशील हिस्सा होता है, फ्रिज का दरवाजा, जहां तापमान में उतार-चढ़ाव सबसे ज्यादा देखने को मिलता है। इसकी वजह यह है कि जब भी फ्रिज खोला जाता है, बाहर की गर्म हवा तुरंत अंदर प्रवेश कर जाती है, और दरवाजे में रखा सामान इस तापमान परिवर्तन के सीधे संपर्क में आ जाता है।

 फ्रिज के दरवाजे पर न रखें दूध

दूध की बोतल या पैकेट को फ्रिज के दरवाजे में बने खास स्लॉट में रखना ज्यादातर लोगों को सुविधाजनक और सही लगता है, क्योंकि वहां से निकालना और रखना आसान होता है। लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि दूध के लिए यह फ्रिज की सबसे उपयुक्त जगह नहीं है। दरवाजा बार-बार खुलने और बंद होने के कारण वहां का तापमान फ्रिज के बाकी हिस्सों की तुलना में कहीं ज्यादा अस्थिर बना रहता है।

Milk Storage

अगर दूध लंबे समय तक इसी तरह के अस्थिर तापमान में रहे, तो उसके जल्दी खराब होने की आशंका काफी बढ़ जाती है। यही कारण है कि दूध को फ्रिज के दरवाजे की बजाय अंदर की शेल्फ पर रखने की सलाह दी जाती है। खासतौर पर फ्रिज के बीच वाले हिस्से या निचली शेल्फ को दूध के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है, क्योंकि इन जगहों पर तापमान अपेक्षाकृत ज्यादा स्थिर और ठंडा बना रहता है।

आदतें भी हैं जिम्मेदार

अगर दूध को सही जगह रखने के बावजूद वह जल्दी खट्टा हो रहा है, तो इसके पीछे कुछ आम आदतें भी जिम्मेदार हो सकती हैं। सबसे बड़ी गलती है दूध को जरूरत से ज्यादा देर तक फ्रिज से बाहर छोड़ देना। उदाहरण के तौर पर, सुबह चाय या नाश्ते के लिए दूध निकालने के बाद अगर उसे इस्तेमाल के बाद तुरंत वापस फ्रिज में नहीं रखा जाता, तो वह लंबे समय तक कमरे के तापमान के संपर्क में रहता है।

ऐसे गर्म वातावरण में बैक्टीरिया तेजी से पनपने लगते हैं, जिससे दूध के जल्दी खराब होने का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए सलाह दी जाती है कि जितनी जरूरत हो उतना ही दूध निकालें और बचा हुआ दूध तुरंत वापस फ्रिज में रख दें। नाश्ते के दौरान दूध की बोतल या पैकेट को लंबे समय तक टेबल पर खुला छोड़ना भी उसकी शेल्फ लाइफ को नुकसान पहुंचाता है।

तापमान सेट करें

दूध को लंबे समय तक ताजा रखने में फ्रिज के तापमान की भी अहम भूमिका होती है। सामान्य तौर पर रेफ्रिजरेटर का तापमान करीब 3 डिग्री सेल्सियस (लगभग 37 डिग्री फारेनहाइट) के आसपास रखना उपयुक्त माना जाता है।

अगर तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस (करीब 40 डिग्री फारेनहाइट) या उससे अधिक हो जाए, तो बैक्टीरिया के तेजी से बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए अगर फ्रिज में रखा दूध बार-बार जल्दी खट्टा हो रहा है, तो सिर्फ उसकी जगह बदलने के बजाय फ्रिज के तापमान की भी जांच करनी चाहिए। इसके अलावा, फ्रिज को क्षमता से ज्यादा भर देना या दरवाजे को बार-बार लंबे समय तक खुला रखना भी अंदर के तापमान को अस्थिर कर सकता है, जिसका सीधा असर दूध और अन्य खाद्य पदार्थों की ताजगी पर पड़ता है।

बाजार से घर लाने के तरीके पर भी दें ध्यान

दिलचस्प बात यह है कि, दूध की ताजगी बनाए रखने की प्रक्रिया घर पहुंचने के बाद नहीं, बल्कि खरीदारी के दौरान ही शुरू हो जाती है। किराने की खरीदारी करते समय दूध को सबसे आखिर में उठाना बेहतर माना जाता है, ताकि उसे ज्यादा देर तक गर्म वातावरण में न रहना पड़े। इसी तरह घर पहुंचने के बाद भी दूध को तुरंत फ्रिज में रख देना चाहिए। बाकी सामान व्यवस्थित करने या अन्य काम निपटाने तक दूध को किचन काउंटर पर छोड़ देना एक आम लेकिन गलत आदत है, जो दूध की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती है।

 इन चीजों को रखें फ्रिज के दरवाजे में

विशेषज्ञों के मुताबिक, फ्रिज के दरवाजे का इस्तेमाल उन चीजों के लिए करना बेहतर है, जो तापमान में मामूली बदलाव से जल्दी प्रभावित नहीं होतीं। इनमें केचप, मस्टर्ड सॉस, सोया सॉस, जैम, सलाद ड्रेसिंग और बोतलबंद पेय पदार्थ शामिल हैं।

इन चीजों पर तापमान के छोटे उतार-चढ़ाव का असर दूध या क्रीम जितना नहीं पड़ता। यही सावधानी क्रीम, हाफ एंड हाफ और व्हिपिंग क्रीम जैसे अन्य डेयरी उत्पादों के लिए भी बरतनी चाहिए। यहां तक कि नॉन-डेयरी मिल्क को भी खोलने के बाद पर्याप्त ठंडे तापमान में ही रखना जरूरी होता है, ताकि वह जल्दी खराब न हो।

 लंबे समय तक स्टोर करने के लिए क्या करें

अगर दूध का इस्तेमाल जल्द नहीं करना है और उसे लंबे समय तक सुरक्षित रखना है, तो उसे फ्रीज करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है। हालांकि, इसके लिए फ्रीजर-सेफ कंटेनर का इस्तेमाल करना जरूरी है, और कंटेनर में ऊपर की तरफ थोड़ी जगह जरूर छोड़नी चाहिए, क्योंकि जमने के दौरान दूध का आयतन बढ़ जाता है।

कंटेनर को अच्छी तरह बंद करना और उस पर तारीख अंकित करना भी एक उपयोगी आदत है, ताकि यह पता रहे कि दूध कब फ्रीज किया गया था। जमे हुए दूध को इस्तेमाल करने से पहले उसे सीधे कमरे के तापमान पर पिघलाने के बजाय फ्रिज में रखकर धीरे-धीरे पिघलाना बेहतर माना जाता है। यह भी ध्यान रहे कि पिघलने के बाद दूध की बनावट में हल्का बदलाव आ सकता है, लेकिन इसे अच्छी तरह हिलाने के बाद सामान्य रूप से इस्तेमाल किया जा सकता है।

 

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