
हाथरस। उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज होती जा रही हैं। सपा, भाजपा तो पहले से ही एक्टिव थी, अब बसपा ने चुनावी आगाज कर दिया है। पार्टी के नेशनल कॉर्डिनेटर आकाश आनंद ने हाथरस से अपने चुनावी अभियान की शुरूआत की। सादाबाद में आयोजित एक रैली के जरिए उन्होंने न सिर्फ सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला, बल्कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव को भी करारे शब्दों में निशाने पर लिया।
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तेज हुई चुनावी सरगर्मी
गौरतलब है कि, उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव को देखते हुए तमाम प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। एक तरफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राज्य के विभिन्न जिलों में विकास कार्यों के शिलान्यास और उद्घाटन समारोहों के जरिए सरकार की उपलब्धियों को जनता के बीच पहुंचाने में जुटे हैं, तो वहीं दूसरी तरफ सपा प्रमुख अखिलेश यादव पीडीए यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक समीकरण को और मजबूत बनाने और उसका विस्तार करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।

इसके साथ ही बसपा प्रमुख मायावती भी चुनाव से काफी पहले से ही सक्रिय नजर आ रही हैं। वे संगठन को मजबूत करने में लगी हैं।बीजेपी सरकार के लगातार दो कार्यकाल पूरे होने के बाद अब सभी विपक्षी दल जनता के बीच अपने पक्ष में माहौल बनाने की कोशिशों में जुट गए हैं। इसी सिलसिले में पार्टी की ओर से आकाश आनंद को आगे कर पार्टी ने अपने चुनावी अभियान की औपचारिक शुरुआत कर दी है।
आकाश आनंद ने सादाबाद में की रैली
आकाश आनंद ने सादाबाद में आयोजित रैली के माध्यम से यूपी चुनाव 2027 को लेकर पार्टी के कार्यक्रमों का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने अपने भाषण में विपक्षी दलों पर सीधा और तीखा प्रहार किया। खासतौर पर उन्होंने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के दो प्रमुख नेताओं को निशाने पर लेते हुए उन्हें व्यंग्यात्मक अंदाज में ‘अंकल’ करार दिया, जिसे लेकर राजनीतिक गलियारों में खासी चर्चा शुरू हो गई है।
बीजेपी सरकार से हिसाब मांगे जनता
सादाबाद पहुंचकर आकाश आनंद ने बसपा के विधानसभा स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित किया। इस सम्मेलन में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय नेता मौजूद रहे। अपने संबोधन में आकाश आनंद ने सबसे पहले भारतीय जनता पार्टी की सरकार को निशाने पर लिया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार को सत्ता में आए करीब दस वर्ष हो चुके हैं, ऐसे में अब जनता को इन दस वर्षों के कामकाज का पूरा हिसाब मांगने का अधिकार है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि इस दौरान प्रदेश के विकास, रोजगार और सामाजिक न्याय के मोर्चे पर वास्तव में कितना काम हुआ है।
कांग्रेस और सपा पर भी साधा निशाना
हालांकि, आकाश आनंद के निशाने पर सिर्फ भाजपा ही नहीं रही, बल्कि उन्होंने कांग्रेस और सपा पर भी उतनी ही तीखी टिप्पणी की। सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का नाम लेते हुए उन्हें ‘अंकल’ कहकर संबोधित किया। आकाश आनंद के इस बयान को दोनों नेताओं की उम्र और राजनीतिक अनुभव पर तंज के तौर पर देखा जा रहा है, जिसके जरिए वे खुद को और अपनी पार्टी को युवा तथा नई पीढ़ी के नेतृत्व के रूप में पेश करने की कोशिश करते नजर आए।
साथियों, आज हाथरस के सादाबाद विधानसभा में आपसे मुलाकात होगी।
बहन जी का संदेश हम सभी को गांव-गांव, घर-घर तक पहुंचाना है।
2027 में आदरणीय बहन कु. मायावती जी के नेतृत्व वाली पूर्ण बहुमत की बीएसपी की सरकार बनाना है।
आज के कार्यकर्ता सम्मेलन को इस लिंक के जरिए आप LIVE देख सकते हैं…
— Akash Anand (@AnandAkash_BSP) August 10, 2026
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि, आकाश आनंद के इस बयान के जरिए बसपा यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि प्रदेश की राजनीति में अब नई और युवा सोच की जरूरत है, और पुराने चेहरों के भरोसे अब आगे नहीं बढ़ा जा सकता। हालांकि इस बयान पर सपा और कांग्रेस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
यूपी की सियासत में तेज हुई हलचल
आकाश आनंद के इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत में हलचल और तेज हो गई है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सभी दल एक-दूसरे पर हमलावर होकर अपनी-अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने में जुटे हुए हैं। बहुजन समाज पार्टी लंबे समय से प्रदेश की राजनीति में अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने की कोशिश में है। ऐसे में आकाश आनंद को आगे कर पार्टी युवा वर्ग और नई पीढ़ी के मतदाताओं को साधने की रणनीति पर काम करती दिख रही है।

वहीं भाजपा अपनी सरकार के कामकाज को जनता के सामने रखने में जुटी है, तो सपा पीडीए समीकरण के सहारे अपने जनाधार को और मजबूत करने की कोशिश में लगी है। बसपा प्रमुख मायावती भी संगठन को नए सिरे से खड़ा करने में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। ऐसे में आने वाले महीनों में उत्तर प्रदेश की सियासत में और भी तीखे बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर देखने को मिल सकता है।
कई मायनों में अहम है आकाश का चुनावी अभियान
बसपा के लिए आकाश आनंद का यह चुनावी अभियान कई मायनों में अहम माना जा रहा है। पार्टी के भीतर उन्हें भविष्य के नेतृत्व के तौर पर देखा जा रहा है और सादाबाद की रैली को इसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में आकाश आनंद प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह की रैलियां और कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित कर सकते हैं, ताकि 2027 के चुनाव से पहले पार्टी संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत किया जा सके।
कुल मिलाकर, यूपी चुनाव 2027 से पहले सभी दलों के बीच शुरू हुई इस राजनीतिक जंग में आकाश आनंद के इस ताजा बयान ने एक नया मोड़ ला दिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस पर विपक्षी दलों की क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।
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