सपा दफ्तर के बाहर फिर लगा पोस्टर, बीजेपी पर तीखा हमला

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच प्रदेश की सियासत में एक बार फिर पोस्टर वॉर तेज होता दिखाई दे रहा है। राजधानी लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यालय के बाहर शनिवार को एक नया और चर्चित होर्डिंग लगाया गया, जिसके जरिए सपा नेताओं ने केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार पर विभिन्न मुद्दों को लेकर तीखा राजनीतिक हमला बोला है।

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पोस्टर में की मुद्दों का जिक्र

पार्टी कार्यालय के मुख्य गेट के ठीक बगल में लगाए गए इस विशाल होर्डिंग में अलग-अलग विषयों का जिक्र करते हुए हर मोर्चे पर ‘गायब है’ शब्द के जरिए सरकार पर तंज कसा गया है। पोस्टर में राम मंदिर के चंदे से लेकर केदारनाथ के सोने, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM), नीट परीक्षा, कोयला और देश की स्वास्थ्य व्यवस्था तक को निशाने पर लिया गया है।

पोस्टर में ‘गायब है’ का इस्तेमाल

सपा नेता हल्लू रामसुंदर यादव की तरफ से पार्टी कार्यालय के बाहर लगवाए गए इस होर्डिंग में सरकार को लेकर आरोपों की एक लंबी सूची प्रदर्शित की गई है। पोस्टर में बड़े-बड़े अक्षरों में यह दावा किया गया है कि, राम मंदिर के लिए मिले करीब 200 करोड़ रुपये के चंदे का हिसाब गायब है। वहीं केदारनाथ धाम से जुड़े लगभग 228 किलो सोने के गायब होने का भी आरोप लगाया गया है। हालांकि, यह ध्यान देने योग्य है कि, ये दावे सपा नेताओं की ओर से किए गए राजनीतिक आरोप हैं और इनकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है।

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इसके अलावा पोस्टर में चुनाव आयोग से जुड़े EVM को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं, साथ ही एथेनॉल मिश्रण के नाम पर वाहनों के माइलेज में कमी आने और नीट परीक्षा को लेकर छात्रों के भविष्य पर असर पड़ने का जिक्र किया गया है। कोयला मंत्रालय से जुड़े मामलों में भी करोड़ों रुपये के कोयले के गायब होने का दावा इस पोस्टर के जरिए किया गया है।

होर्डिंग में देश की स्वास्थ्य व्यवस्था और मीडिया की निष्पक्षता को लेकर भी सवाल उठाते हुए बार-बार ‘गायब’ शब्द का प्रयोग किया गया है। पोस्टर के अंत में एक तीखा व्यंग्य करते हुए लिखा गया है कि इन तमाम मुद्दों के बीच देश का ‘विश्व गुरु’ का दर्जा भी कहीं गायब हो गया है।

‘सरकार पलटने का समय आ गया’

सपा कार्यालय के बाहर लगाए गए एक अन्य होर्डिंग के जरिए भी भाजपा सरकार पर सीधा निशाना साधा गया है। इस पोस्टर में कानपुर के चर्चित विकास दुबे कांड और सरकार की बुलडोजर कार्रवाई का संदर्भ लेते हुए एक तीखा नारा लिखा गया है, जिसमें कहा गया है कि अब गाड़ी नहीं बल्कि सरकार पलटने का समय आ गया है।

पोस्टर में आगे इस बात पर भी जोर दिया गया है कि बुलडोजर नहीं, बल्कि सत्ता के अहंकार और घमंड को पलटने की जरूरत है। इसके साथ ही सरकार की कार्यशैली पर एक राजनीतिक संदेश देते हुए कहा गया है कि किसी का घर उजाड़ने से नहीं, बल्कि लोगों के घर बसाने से असली पहचान बनती है।

होर्डिंग में इसके अलावा भी कई प्रतीकात्मक संदेश लिखे गए हैं, जिनमें कहा गया है कि समाज डर से नहीं बल्कि आपसी विश्वास से आगे बढ़ता है और भविष्य तोड़ने से नहीं बल्कि लोगों को जोड़ने से बनता है। पोस्टर के अंत में एक सकारात्मक अपील करते हुए लिखा गया है कि सभी को मिलकर निर्माण और विकास की राह चुननी चाहिए।

 सपा नेता का बड़ा दावा

होर्डिंग के सबसे निचले हिस्से में ‘जनता जागी, सरकार भागी’ का नारा प्रमुखता से लिखा गया है, जो आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी के आत्मविश्वास को दर्शाता है। इस पूरे पोस्टर अभियान को लगवाने वाले सपा नेता हल्लू रामसुंदर यादव ने मीडिया से बातचीत में सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि, आम जनता की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी जरूरी चीजें लगातार गायब होती जा रही हैं और लोगों को हर तरफ परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने दावा किया कि इस होर्डिंग के माध्यम से सरकार को आईना दिखाने की कोशिश की गई है। सपा नेता के अनुसार, वर्तमान भाजपा सरकार की प्राथमिकताओं से आम जनता के मुद्दे पूरी तरह गायब हो चुके हैं, और उन्हें विश्वास है कि 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता स्वयं भाजपा सरकार को सत्ता से बाहर कर देगी।

बीजेपी ने नहीं दी प्रतिक्रिया

फिलहाल सपा की ओर से लगाए गए इन तीखे पोस्टरों को लेकर भाजपा की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि, आने वाले दिनों में भाजपा नेताओं की ओर से इन आरोपों का जवाब दिया जा सकता है। यह ध्यान रखना जरूरी है कि, इस पोस्टर में लगाए गए सभी आरोप  सपा की ओर से किए गए राजनीतिक दावे हैं, जिनकी सत्यता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

सियासी बयानबाजी तेज

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि, उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही प्रदेश की सियासत में इस तरह की पोस्टरबाजी और बयानबाजी और तेज होने की संभावना है। विपक्षी दल, खासतौर पर समाजवादी पार्टी, लगातार अलग-अलग मुद्दों को उठाकर सत्तारूढ़ भाजपा सरकार को घेरने की कोशिश में जुटे हुए हैं। वहीं भाजपा की ओर से भी अपनी उपलब्धियों को जनता के सामने रखने और विपक्ष के आरोपों का जवाब देने की रणनीति पर काम किया जा रहा है।

आने वाले महीनों में जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आएगा, वैसे-वैसे इस तरह के पोस्टर वॉर, बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होने की उम्मीद जताई जा रही है। फिलहाल राजनीतिक हलकों में इस बात की चर्चा है कि क्या सपा का यह पोस्टर अभियान जनता के बीच अपना असर दिखा पाएगा, या फिर भाजपा इसका प्रभावी जवाब देकर अपनी स्थिति को मजबूत बनाए रखेगी।

 

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