
मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ में इन दिनों कांवड़ यात्रा की धूम पूरे जोर-शोर पर देखने को मिल रही है। शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद इस भव्य आयोजन में शामिल हुए। यहां उन्होंने हेलीकॉप्टर से कांवड़ यात्रियों पर फूल बरसाए, जिसे देखने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग मौजूद रहे। पुष्पवर्षा के बाद सीएम कांवड़ियों के बीच बनाए गए विशेष मंच पर भी पहुंचे और वहां मौजूद शिवभक्तों का अभिवादन किया।
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भक्तों की मनोकामना पूर्ण होने की कामना
कार्यक्रम के दौरान अपनी बात रखते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि, देवाधिदेव महादेव सभी भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करें, यही उनकी प्रार्थना है। इस आयोजन के दौरान शिवभक्तों की ओर से निकाली गई अनोखी और रंग-बिरंगी झांकियां भी आकर्षण का केंद्र बनी रहीं, जिन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे। मेरठ की सड़कें हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजती रहीं और पूरे शहर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।
भक्ति और अनुशासन का संदेश
सीएम योगी ने कार्यक्रम में भाग लेने के बाद कहा, भगवान भोलेनाथ की आराधना और उपासना के पवित्र श्रावण माह के इस पावन अवसर पर जलाभिषेक के लिए निकले श्रद्धालुओं और कांवड़ यात्रियों पर जनपद मेरठ में पुष्पवर्षा कर उनका अभिनंदन किया गया।

उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि भक्ति, अनुशासन और समर्पण के साथ सैकड़ों किलोमीटर की लंबी पदयात्रा करने वाले शिवभक्त जाति, पंथ, प्रांत और क्षेत्र की तमाम सीमाओं से ऊपर उठकर सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता का एक अद्भुत संदेश दे रहे हैं। उन्होंने इसे भारतीय संस्कृति की विविधता में एकता की भावना का जीवंत उदाहरण बताया।
कांवड़ यात्रियों को मिलेगी हर सुविधा
सीएम ने अपने संबोधन में यह भी स्पष्ट किया कि, कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि, देवाधिदेव महादेव सभी भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करें, यही उनकी हार्दिक प्रार्थना है।
“शिवो भूत्वा शिवं यजेत्”
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी आज जनपद मेरठ में कांवड़ यात्रियों पर पुष्पवर्षा हेतु आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने कहा कि शिवभक्त कांवड़ यात्रियों के लिए प्रशासन ने पूरी मुस्तैदी के साथ सुरक्षा व्यवस्थाएं की हैं।… pic.twitter.com/oHUHQwOjKt
— CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) August 8, 2026
गौरतलब है कि, हाल के दिनों में विपक्ष के कुछ नेताओं की ओर से कांवड़ यात्रा के सड़कों पर निकलने को लेकर विभिन्न प्रकार की टिप्पणियां की गई थीं। ऐसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांवड़ यात्रियों को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराने की बात कहकर अपनी सरकार का रुख स्पष्ट रूप से सामने रख दिया।
राजनीतिक हलकों में चर्चा
उत्तर प्रदेश में इन दिनों राम मंदिर से जुड़ा मुद्दा राजनीतिक गलियारों में लगातार चर्चा में बना हुआ है। सपा और कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के कई नेता इस मुद्दे को लेकर राज्य सरकार को घेरते नजर आ रहे हैं। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी इस विषय पर भाजपा की सरकार पर लगातार निशाना साधते रहे हैं।
इसी बीच, मेरठ में कांवड़ यात्रा के इस कार्यक्रम में शामिल होकर सीएम योगी ने भी विपक्षी दलों की ओर स्पष्ट संकेत दिया। उन्होंने कहा कि जो लोग राम मंदिर के निर्माण के खिलाफ अयोध्या की अदालतों से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक खड़े रहे, वही लोग आज राम मंदिर की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश में जुटे हुए हैं। मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी विपक्षी दलों की राजनीतिक रणनीति पर सीधे प्रहार के तौर पर देखी जा रही है।
चुनाव से पहले सियासी संदेश देने की कोशिश
राजनीति के जानकारों का मानना है कि, कांवड़ यात्रा से जुड़ी पूर्व की सरकारों की नीतियों को लेकर सीएम योगी पहले भी कई मौकों पर अपनी बात जनसभाओं में रखते रहे हैं। उनका कहना रहा है कि, अतीत में कांवड़ यात्रा के दौरान कई तरह के प्रतिबंध लगाए जाते थे, जिन्हें वर्तमान सरकार ने हटाकर श्रद्धालुओं को अधिक स्वतंत्रता और सुविधाएं प्रदान की हैं।

आपको बता दें कि, उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव होने प्रस्तावित हैं। ऐसे में विश्लेषकों का मानना है कि सीएम योगी ने चुनाव से पहले इस बड़े धार्मिक आयोजन के जरिए एक स्पष्ट राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है। कांवड़ यात्रा में शामिल होकर फूलों की बारिश करना और सरकार के स्तर पर श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता जताना, इन दोनों कदमों को राजनीतिक पर्यवेक्षक आगामी चुनावों की तैयारियों से भी जोड़कर देख रहे हैं।
सीएम के कार्यक्रम से नई हलचल
फिलहाल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस बयान और कार्यक्रम को लेकर विपक्षी दलों की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना अभी बाकी है। राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा तेज है कि आने वाले दिनों में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की ओर से इस पर पलटवार किया जा सकता है। बहरहाल, मेरठ में हुए इस भव्य आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था का माहौल तैयार किया, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नई हलचल भी पैदा कर दी है, जिसके आने वाले समय में और गहराने की संभावना जताई जा रही है।
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