5 अगस्त से बदलेगा दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का ट्रैफिक, कांवड़ियों के लिए आरक्षित हुई लेन

लखनऊ। सावन महीने की शुरुआत होते ही कांवड़ यात्रा का दौर शुरू हो गया। उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा का चलन काफी है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस-प्रशासन ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (एनएच-58) की यातायात व्यवस्था में एक बड़ा फेर बदल किया है, जिसका सीधा असर लाखों वाहन चालकों पर पड़ने वाला है।

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वैकल्पिक रास्तों का सहारा

प्रशासन का आदेश पर 5 अगस्त से इस एक्सप्रेसवे की एक लेन पूरी तरह से कांवड़ियों के लिए आरक्षित कर दी जाएगी। इतना ही नहीं, अगर आने वाले दिनों में कांवड़ियों की संख्या में और इजाफा होता है, तो प्रशासन दूसरी लेन को भी यातायात के लिए बंद करने पर विचार कर सकता है। ऐसी स्थिति में दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर, हरिद्वार और उत्तराखंड की तरफ रोज़ाना सफर करने वाले वाहन चालकों को अपने सामान्य मार्ग की जगह वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ेगा।

परतापुर से उत्तराखंड सीमा तक लेन आरक्षित

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, मेरठ के परतापुर क्षेत्र से लेकर उत्तराखंड की सीमा तक दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की एक लेन विशेष रूप से कांवड़ियों की आवाजाही के लिए सुरक्षित रखी गई है। इस दौरान बाकी बचे मार्ग पर सामान्य वाहनों के लिए दोनों दिशाओं में यातायात, यानी टू-वे ट्रैफिक व्यवस्था, यथावत बनी रहेगी। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि, यह व्यवस्था स्थायी नहीं है और परिस्थितियों के अनुसार इसमें बदलाव किया जा सकता है। यदि श्रद्धालुओं की भीड़ में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की जाती है, तो 5 अगस्त से ही दूसरी लेन को भी यातायात के लिए बंद करने का निर्णय लिया जा सकता है।

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प्रशासन का मानना है कि, इस कदम के पीछे मुख्य उद्देश्य कांवड़ यात्रा को अधिक सुरक्षित और सुगम बनाना है, ताकि सड़क दुर्घटनाओं की आशंका को कम से कम किया जा सके। बीते वर्षों में कांवड़ यात्रा के दौरान वाहनों और श्रद्धालुओं के बीच टकराव की घटनाएं सामने आती रही हैं, जिसे देखते हुए इस बार प्रशासन ने पहले से ही सतर्कता बरतते हुए विस्तृत रूट डायवर्जन योजना तैयार की है।

दिल्ली से मेरठ जाने वालों के लिए नया रूट

एक्सप्रेसवे प्रशासन की ओर से जारी रूट डायवर्जन योजना के मुताबिक, दिल्ली से मेरठ की ओर जाने वाले वाहनों को अब सीधे एक्सप्रेसवे का उपयोग करने के बजाय एक लंबा वैकल्पिक मार्ग अपनाना होगा। इन वाहनों को गाजीपुर बॉर्डर से एनएच-9 के रास्ते आगे बढ़ना होगा, जिसके बाद यूपी गेट, डासना इंटरचेंज, पिलखवा, हापुड़, निजामपुर तिराहा, ततारपुर तिराहा और कीठोर होते हुए वे मेरठ पहुंच सकेंगे। यह रूट थोड़ा लंबा जरूर है, लेकिन प्रशासन का दावा है कि, इससे यात्रा में किसी तरह की बड़ी बाधा नहीं आएगी, बशर्ते वाहन चालक अतिरिक्त समय लेकर घर से निकलें।

अलग से तय किया गया रूट

जो वाहन चालक मुजफ्फरनगर और हरिद्वार की ओर सफर करने वाले हैं, उनके लिए भी अलग से रूट तय किया गया है। इन्हें कीठौर से होकर परीक्षितगढ़, मवाना और रामराज के रास्ते आगे अपने गंतव्य तक पहुंचना होगा। इसके अलावा लखनऊ, बरेली, मुरादाबाद और अमरोहा की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए भी एक बिल्कुल नया मार्ग तैयार किया गया है, ताकि उन्हें कांवड़ मार्ग की भीड़भाड़ से गुजरने की जरूरत न पड़े।

भारी वाहनों के लिए विशेष निर्देश

दिल्ली और गाजियाबाद की दिशा से आने वाले भारी वाहनों, जैसे ट्रक और मालवाहक गाड़ियों, को सिंभावली कट से गंगा एक्सप्रेसवे पर यू-टर्न लेकर आगे बढ़ने का निर्देश दिया गया है। इसी तरह गजरौला, अमरोहा और संभल की दिशा से आने वाले वाहन संबंधित कट से बाहर निकलकर अपने-अपने गंतव्य की ओर रवाना हो सकेंगे।

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वहीं, लखनऊ, बरेली और मुरादाबाद से दिल्ली की ओर आने वाले वाहन चालकों को भी गंगा एक्सप्रेसवे और एनएच-9 पर बनाए गए वैकल्पिक मार्गों का ही इस्तेमाल करना होगा। प्रशासन ने भारी वाहन चालकों से विशेष रूप से अपील की है कि वे तय किए गए वैकल्पिक मार्गों का ही पालन करें, ताकि कांवड़ मार्ग पर किसी तरह की अव्यवस्था न फैले।

नोएडा, गाजियाबाद और बागपत के यात्रियों के लिए रूट

नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली से बागपत की ओर सफर करने वाले वाहन चालक शामली, करनाल और सोनीपत होते हुए एनएच-1 या फिर दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के रास्ते आगे बढ़ सकेंगे। इसी तरह बागपत से दिल्ली की ओर आने वाले यात्री भी दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे या प्रशासन द्वारा चिन्हित अन्य वैकल्पिक मार्गों का उपयोग कर सकते हैं। प्रशासन ने इन सभी मार्गों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और ट्रैफिक कर्मियों की तैनाती की बात भी कही है, ताकि यात्रियों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

यात्रा से पहले इन बातों का रखें ध्यान

प्रशासन ने 5 अगस्त के बाद सफर करने वाले सभी वाहन चालकों से कुछ अहम सावधानियां बरतने की अपील की है।

एक्सप्रेसवे पर निकलने से पहले ताजा ट्रैफिक एडवाइजरी अवश्य देख लें।
यात्रा के लिए घर से निकलते समय अतिरिक्त समय लेकर चलें, ताकि रास्ते में देरी होने पर भी परेशानी न हो।
भारी वाहन चालक निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का ही सख्ती से पालन करें।
अनावश्यक रूप से कांवड़ मार्ग में प्रवेश करने से बचें।
मौके पर तैनात पुलिस और ट्रैफिक कर्मियों के निर्देशों का पूरी तरह पालन करें।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा पहली प्राथमिकता

कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों की संख्या में शिव भक्त सड़कों पर पैदल और वाहनों के जरिए यात्रा करते हैं, जिसकी वजह से ट्रैफिक व्यवस्था में लगातार बदलाव की संभावना बनी रहती है। ऐसे में यदि किसी यात्री की यात्रा दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर या उत्तराखंड की दिशा में तय है, तो उसे घर से निकलने से पहले नवीनतम ट्रैफिक अपडेट अवश्य देख लेनी चाहिए।

प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि आवश्यकता महसूस होने पर मौजूदा ट्रैफिक प्लान में आगे भी बदलाव किए जा सकते हैं, इसलिए यात्रियों को सतर्क रहने और प्रशासनिक निर्देशों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है। कुल मिलाकर, इस बार प्रशासन ने कांवड़ यात्रा को सुगम और दुर्घटनारहित बनाने के लिए पहले से ही व्यापक तैयारी की है, लेकिन इसका सीधा असर आम यात्रियों की रोजमर्रा की यात्रा पर पड़ना तय है।

 

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